विवादों से घिरी बॉलीवुड इंडस्ट्री! करियर के पीक पर पहुंचते ही मौत क्यों लगा लेती है गले? | Bollywood mysterious death

Rajni | Nedrick News Ghaziabad Published: 18 सितम्बर 2026, 07:15 PM Updated: 18 सितम्बर 2026, 07:15 PM
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Bollywood mysterious death: चकाचौंध से भरी यह बॉलीवुड इंडस्ट्री बाहर से बहुत हसीन दिखती है, लेकिन शायद अंदर से उतनी ही बेरहम है। कहते हैं कि उगते हुए सूरज को सब सलाम करते हैं, और बॉलीवुड की इस चमकीली दुनिया में कुछ सूरज ऐसे भी उगे जिनकी रोशनी से सब चौंधिया गए… पर इससे पहले कि वो दोपहर का उजाला देख पाते, अचानक शाम ढल गई। करियर का पीक, हाथों में बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स, और आँखों में बड़े सपने… और फिर अचानक मौत!

आखिर ऐसा क्या है इस ग्लैमर की दुनिया में कि जब कोई कलाकार कामयाबी की बुलंदियों यानी अपने करियर के सबसे ऊंचे मुकाम पर होता है, तभी मौत उसे अपनी आगोश में ले लेती है? क्या यह स्टारडम का कोई शाप है, कोई इत्तेफाक है, या फिर कांच के इन घरों के अंदर का कोई ऐसा गहरा और काला सच जिसे हम कभी समझ ही नहीं पाए? तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं।

और पढ़ें: Stardom के बाद भी क्यों झेला नुकसान? Ram Teri Ganga Maili की एक्ट्रेस ने खोला 80s Bollywood का काला सच!

Divya Bharti (Bollywood mysterious death)

जब हम पीक पर आकर खत्म होने वाले करियर की बात करते हैं, तो इतिहास में ऐसे कई पन्ने हैं जो आज भी अधूरे लगते हैं। सबसे पहले बात करते है दिव्या भारती (Divya Bharti) की.. 90 के दशक की वो सनसनी, जिसने सिर्फ 19 साल की उम्र में बॉलीवुड पर राज करना शुरू कर दिया था। हर बड़ा डायरेक्टर उनके घर के बाहर लाइन लगाकर खड़ा था। लेकिन साल 1993 में, जब उनका करियर अपने सबसे ऊंचे मुकाम पर था, एक पांचवीं मंजिल की बालकनी से गिरकर उनकी रहस्यमयी मौत हो गई। वो हादसा था, खुदकुशी थी या साजिश? यह राज आज भी उनके साथ ही दफन है।

Guru Dutt

दिव्या भारती की इस रहस्यमयी मौत के सदमे से अभी इंडस्ट्री उभरी भी नहीं थी कि इतिहास के पन्नों में एक और ऐसा नाम दर्ज हुआ जिसने सिनेमा की परिभाषा बदल दी थी। हम बात कर रहे हैं गुरु दत्त (Guru Dutt) की। ‘प्यासा’ और ‘कागज के फूल’ जैसी कालजयी फिल्में देने वाले गुरु दत्त एक ऐसे जीनियस थे, जिनके काम का लोहा पूरी दुनिया मानती थी।

जब उनका करियर और नाम सातवें आसमान पर था, तब अंदर से वो एक बेहद गहरे अकेलेपन से जूझ रहे थे। और फिर साल 1964 की एक काली रात आई, जब सिर्फ 39 साल की उम्र में शराब और नींद की गोलियों के ओवरडोज ने उनकी जिंदगी का हमेशा के लिए अंत कर दिया। आज भी लोग समझ नहीं पाए कि जिस इंसान के पास सब कुछ था, वो अंदर से इतना खाली कैसे हो गया?

Sushant Singh Rajput (Bollywood mysterious death)

और जब-जब बॉलीवुड में करियर के पीक पर हुई इन मौतों का जिक्र होगा, एक ऐसा नाम सामने आएगा जिसने पूरे देश को रुला दिया था—सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput)। ‘एमएस धोनी’ और ‘छिछोरे’ जैसी एक से बढ़कर एक ब्लॉकबस्टर फिल्में देकर सुशांत बॉलीवुड के अगले सुपरस्टार बनने की राह पर थे। वे सिर्फ एक बेहतरीन एक्टर नहीं थे, बल्कि चांद-सितारों, टेलिस्कोप और साइंस में गहरी दिलचस्पी रखने वाले एक बेहद होनहार जीनियस थे। उनके पास न तो फैंस के प्यार की कमी थी और न ही बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स की।

लेकिन 14 जून 2020 को उनके बांद्रा वाले अपार्टमेंट से आई एक खबर ने पूरे भारत को स्तब्ध कर दिया। सुशांत की इस असमय मौत ने बॉलीवुड के अंदरूनी नेपोटिज़्म, खेमेबाज़ी (गैंगबाज़ी) और मेंटल हेल्थ के उस खौफनाक सच को उजागर किया, जिस पर आज भी—यहाँ तक कि साल 2026 में भी उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान केस में हो रही ताजा सीबीआई (CBI) जांच के साथ बहस जारी है। देश भर में उनके लाखों फैंस आज भी इसे एक ऐसा घाव मानते हैं जो कभी नहीं भर सकता।

इन सब कहानियों को देखकर दिमाग में सिर्फ एक ही सवाल आता है- आखिर कामयाबी के चरम पर पहुंचते ही ऐसा क्या बदल जाता है? बॉलीवुड में एक पुराना नियम चलता है—’आउट ऑफ साइट, आउट ऑफ माइंड’। आज आप नंबर वन हैं, लेकिन कल आपकी जगह कौन ले लेगा, यह डर स्टार्स को 24 घंटे मानसिक तनाव (Anxiety) में रखता है।

खासकर उन कलाकारों के लिए जो बाहर से आते हैं (Outsiders), उन्हें हमेशा यह डर सताता है कि इंडस्ट्री की गुटबाजी और नेपोटिज़्म कहीं उनका बना-बनाया करियर एक झटके में खत्म न कर दे। आपको क्या लगता है क्या Outsiders होना सबसे बड़ा डर है या लोगों का उनकी कामयाबी चुभने लगती है।

Rajni

rajni@nedricknews.com

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