Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद और दिल्ली-एनसीआर की पाँच ऐसी खबरें जो सीधे आपके जीवन, आपकी जेब और आपके सफर पर बड़ा असर डालने वाली हैं। 1 अक्टूबर से बिना वैध प्रदूषण सर्टिफिकेट के दिल्ली-एनसीआर के पेट्रोल पंपों पर नहीं मिलेगा तेल।
गाजियाबाद में बजट और तकनीकी दिक्कतों के कारण 5 महीने से थमी वृद्धावस्था पेंशन। ई-केवाईसी (e-KYC) कराने की डेडलाइन चौथी बार बढ़कर हुई 14 सितंबर। भारत मंडपम में सम्मेलन को लेकर गाजियाबाद पुलिस मुस्तैद, बॉर्डर सील और ड्रोन पर पाबंदी।
इंदिरापुरम में खराब सड़कों पर घिरे नगर निगम अधिकारियों ने ‘छोटा भीम’ के मीम से दी सफाई। तो चलिए इस लेख के जरिए इन खबरों को विस्तार से जानते हैं।
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नो पीयूसी, नो फ्यूल
गाजियाबाद की पहली खबर वाहन धारकों के लिए है। जहां 1 अक्टूबर 2026 से गाजियाबाद समेत पूरे दिल्ली-एनसीआर (NCR) में ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ (No PUC, No Fuel) का सख्त नियम लागू होने जा रहा है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) और जिला प्रशासन के निर्देशों के मुताबिक, यदि आपके वाहन का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUCC) वैध (Valid) नहीं होगा, तो पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल, डीजल या सीएनजी नहीं मिलेगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 से गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, मेरठ, गुरुग्राम, फरीदाबाद समेत पूरा दिल्ली-एनसीआर में पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो वाहन का नंबर स्कैन कर तुरंत सरकारी डेटाबेस से पीयूसी की वैधता चेक कर लेंगे। बिना वैध सर्टिफिकेट के किसी भी वाहन को पेट्रोल, डीजल या सीएनजी नहीं दी जाएगी। नई गाड़ी (शोरूम से निकली) के लिए 1 साल, उसके बाद हर 6 महीने में इसे रिन्यू कराना अनिवार्य है।
बुजुर्गों की पेंशन अटकी (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की दूसरी खबर 22,618 बुजुर्गों की वृद्धावस्था पेंशन पिछले 5 महीनों से अटकी हुई है, जिससे इन बुजुर्गों को अपनी दैनिक जरूरतों और दवाइयों के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि इन बुजुर्गों को आखिरी बार वित्तीय वर्ष की आखिरी किस्त फरवरी-मार्च में मिली थी।
इसके बाद, नए वित्तीय वर्ष (2026-27) की पहली तिमाही (अप्रैल, मई, जून) की जो रकम जून के अंत या जुलाई की शुरुआत में आ जानी चाहिए थी, वह सितंबर तक भी खातों में नहीं पहुंची है। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, देरी की सटीक वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है, हालांकि प्रारंभिक तौर पर इसे बजट का अभाव या तकनीकी प्रक्रिया में देरी माना जा रहा है। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया है कि शासन स्तर से जैसे ही हरी झंडी मिलेगी, रुकी हुई पेंशन की किस्त सीधे बुजुर्गों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
एलपीजी ई-केवाईसी राहत (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की तीसरी खबर घरेलू रसोई गैस (LPG) उपभोक्ताओं के लिए राहत की है, क्योंकि सरकार ने आधार आधारित ई-केवाईसी (e-KYC) कराने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर अब 14 सितंबर 2026 कर दिया है। उपभोक्ताओं को होने वाली असुविधा और कम अनुपालन को देखते हुए लगातार चौथी बार इस डेडलाइन को आगे बढ़ाया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इससे पहले अंतिम तिथि 15 अगस्त तय की गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर क्रमशः 23 अगस्त, 31 अगस्त और फिर 7 सितंबर किया गया था। उपभोक्ता अब 14 सितंबर 2026 तक अपनी बायोमेट्रिक ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं। इसके साथ ही, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समानता लाते हुए अब एक रिफिल के बाद अगली बुकिंग के लिए प्रतीक्षा अवधि (Waiting Period) को 45 दिन से घटाकर 25 दिन कर दिया गया है।
नियमों के मुताबिक, यदि तय समय तक ई-केवाईसी नहीं कराई जाती है, तो उपभोक्ताओं को मिलने वाली सरकारी सब्सिडी (Gas Subsidy) रोकी जा सकती है और भविष्य में घरेलू दरों पर सिलेंडर मिलने में दिक्कत आ सकती है। इसका मुख्य उद्देश्य फर्जी या एक से अधिक अवैध कनेक्शनों की पहचान करना है।
ब्रिक्स सम्मेलन सुरक्षा अलर्ट (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की चौथी खबर ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर गाजियाबाद पुलिस अलर्ट मोड पर है। दिल्ली के भारत मंडपम में 11 से 13 सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन की सुरक्षा के मद्देनजर गाजियाबाद पुलिस (x.com) पूरी तरह हाई अलर्ट मोड पर है। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और वीवीआईपी मेहमानों के मूवमेंट को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि गाजियाबाद पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर उठाए दिल्ली से सटे सीमापुरी बॉर्डर और एमसीडी टोल प्लाजा जैसे प्रमुख प्रवेश मार्गों पर दिल्ली पुलिस और गाजियाबाद पुलिस की संयुक्त टीमें 24 घंटे हर वाहन की सघन चेकिंग कर रही हैं। रे गाजियाबाद कमिश्नरेट क्षेत्र को नो-ड्रोन जोन और अस्थायी रेड जोन घोषित कर दिया गया है। 15 सितंबर तक ड्रोन, यूएवी, पैराग्लाइडर और हॉट एयर बैलून उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
ट्रांस हिंडन क्षेत्र के सभी प्रमुख मॉल, बड़े होटलों, सिनेमाघरों और मेट्रो स्टेशनों के आसपास संदिग्धों की निगरानी के लिए लोकल पुलिस और एलआईयू (LIU) को तैनात किया गया है। पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड के निर्देश पर संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले बाजारों में पुलिस लगातार पैदल गश्त और मोबाइल पेट्रोलिंग कर रही है।
दिल्ली में वीवीआईपी मोटरकेड (काफिले) के रिहर्सल और मुख्य कार्यक्रम के दौरान आम जनता को असुविधा न हो, इसके लिए दिल्ली पुलिस ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। स्कूल और दफ्तर रहेंगे बंद, गैर-गंतव्य (Non-Destined) वाहनों पर रोक, सिर्फ दूध, फल, सब्जियां और मेडिकल जैसी आवश्यक सामग्री ले जाने वाले वाहनों को एंट्री दी जाएगी
सड़कों पर मीम पॉलिटिक्स (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की पांचवी और महत्वपुर्ण खबर पोश इलाकों की खराब सड़कों को लेकर नपें आला अधिकारी। जहां इंदिरापुरम क्षेत्र में खराब सड़कों को लेकर चौतरफा घिरे नगर निगम के अधिकारियों ने जनता के गुस्से को शांत करने और अपनी सफाई देने के लिए ‘छोटा भीम और छुटकी’ के एनिमेटेड मीम (Meme) वीडियो का सहारा लिया है। लगातार मिल रही शिकायतों और अपनी किरकिरी से बचने के लिए विभाग ने इस अनोखे और मजाकिया अंदाज में स्पष्टीकरण जारी किया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वीडियो में छोटा भीम पूछता है कि “इंदिरापुरम में सड़कें इतनी खराब क्यों हैं?” इस पर छुटकी जवाब देती है कि “यहाँ सिर्फ सड़कें ही नहीं, बल्कि पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर (सीवर, पाइपलाइन आदि) बदला जा रहा है। जब भीम कहता है कि लोगों को अभी बहुत परेशानी हो रही है, तो छुटकी समझाती है कि “बेहतरीन सड़कों और भविष्य के शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए थोड़ी दिक्कत तो उठानी ही पड़ती है।
इंदिरापुरम में सीएम ग्रिड योजना (CM Grid Phase 2) के तहत लगभग 10 किलोमीटर सड़कों का कायाकल्प और मॉडल सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, जिस पर करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं। हाल ही में नगर आयुक्त ने काला पत्थर, कावेरी मार्ग और नीति खंड जैसे इलाकों का निरीक्षण किया था। उन्होंने काम की बेहद धीमी रफ्तार पर ठेकेदारों और अधिकारियों को सख्त फटकार लगाई और 15 दिनों में फिनिशिंग के आदेश दिए हैं।
अधिकारियों ने भले ही मीम के जरिए मजाकिया सफाई देने की कोशिश की है, लेकिन स्थानीय निवासी बेहद परेशान हैं। ट्रांस हिंडन (इंदिरापुरम और वैशाली) के कई पॉश इलाकों में सड़कों की खुदाई, धंसते मैनहोल, धूल के गुबार और सीवर ओवरफ्लो के कारण लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है।












































