Abhinandan Varthaman: साल 2019 में छह दशक पुराने मिग-21 बाइसन से पाकिस्तान के अत्याधुनिक एफ-16 (F-16) फाइटर जेट को ढेर कर दुनिया भर में भारत का मान बढ़ाने वाले ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान अब जिंदगी की एक बिल्कुल नई उड़ान भरने जा रहे हैं। बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद हुए हवाई संघर्ष के जांबाज नायक और वीर चक्र से सम्मानित ग्रुप कैप्टन अभिनंदन ने भारतीय वायुसेना (IAF) को अलविदा कह दिया है। 22 साल की शानदार सैन्य सेवा के बाद अब वह जल्द ही रीजनल कमर्शियल एयरलाइंस ‘फ्लाई 91’ (Fly91) के विमान उड़ाते नजर आएंगे।
मार्च 2026 में लिया प्री-मेच्योर रिटायरमेंट| Abhinandan Varthaman
इस खबर के सामने आते ही लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा था कि आखिर देश के इस चहेते फाइटर पायलट ने वायुसेना कब छोड़ी। दरअसल, ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने इसी साल मार्च 2026 में भारतीय वायुसेना से प्री-मेच्योर रिटायरमेंट यानी समय से पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली। इसके साथ ही वायुसेना में उनका दो दशक से ज्यादा लंबा और गौरवशाली सफर पूरा हुआ।
अब वह गोवा, हैदराबाद, बेंगलुरु और लक्षद्वीप जैसे 12 चुनिंदा शहरों के रूट पर आम मुसाफिरों की उड़ानों को पायलट करते दिखाई दे सकते हैं। गोवा स्थित रीजनल एयरलाइन ‘फ्लाई 91’ ने मार्च 2024 में अपना कामकाज शुरू किया था। कंपनी के बेड़े में फिलहाल छह एटीआर 72-600 (ATR 72-600) विमान हैं और इसके दो मुख्य बेस गोवा और हैदराबाद में हैं। यह एयरलाइन कोच्चि, पुणे, अगाती और हुबली समेत टियर-2 और टियर-3 शहरों को आपस में जोड़ती है। हालांकि एयरलाइन के प्रवक्ता ने कर्मचारियों की निजी जानकारी का हवाला देते हुए उनकी भूमिका पर विस्तृत टिप्पणी करने से परहेज किया है।
27 फरवरी 2019: जब आसमान में रचा गया था इतिहास
यह पूरा घटनाक्रम 27 फरवरी 2019 का है, जब भारत और पाकिस्तान की वायुसेना के बीच एलओसी (LoC) पर भीषण हवाई टकराव हुआ। उस वक्त अभिनंदन वर्धमान श्रीनगर एयरबेस की 51वीं स्क्वाड्रन में विंग कमांडर थे और ‘ऑपरेशनल रेडीनेस प्लेटफॉर्म’ ड्यूटी पर तैनात थे। जैसे ही पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों का दल भारतीय सीमा की तरफ बढ़ा, उन्हें रोकने के लिए अभिनंदन को तुरंत भेजा गया।
उन्होंने अदम्य साहस दिखाते हुए दुश्मन के विमानों को खदेड़ा और डॉगफाइट के दौरान अपने पुराने मिग-21 बाइसन से पाकिस्तान के एडवांस F-16 को मार गिराया। इसी दौरान दुश्मन की एक बीवीआर (BVR) मिसाइल उनके जेट से टकरा गई, जिसके चलते विमान क्रैश होने लगा और उन्हें अपनी सीट इजेक्ट करनी पड़ी।
पीओके में लैंडिंग और वतन वापसी
पैराशूट से नीचे उतरते वक्त अभिनंदन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) के भीमबेर जिले के होर्रान गांव में गिरे, जो भारतीय सीमा से महज 7 किलोमीटर दूर था। वहां पाकिस्तानी रेंजर्स ने उन्हें बंधक बना लिया। पूरे देश में उनकी सलामती के लिए दुआएं मांगी गईं और भारत के बेहद कड़े कूटनीतिक रुख व चेतावनी के आगे झुकते हुए पाकिस्तान को महज 60 घंटे के भीतर उन्हें सुरक्षित वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत को सौंपना पड़ा।
वतन वापसी के बाद सुरक्षा कारणों से मई 2019 में उनका तबादला राजस्थान के सूरतगढ़ एयरबेस पर किया गया, जहां उन्होंने मेडिकल क्लीयरेंस के बाद दोबारा मिग-21 उड़ाना शुरू किया। इसके बाद नवंबर 2021 में उन्हें पदोन्नत कर ग्रुप कैप्टन बनाया गया। अब देश की सरहदों की हिफाजत करने के बाद अभिनंदन कमर्शियल एविएशन में अपनी नई पारी की शुरुआत कर रहे हैं।














































