Patna BJP Congress clash: बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच उस समय हिंसक झड़प हो गई, जब बीजेपी का विरोध मार्च कांग्रेस प्रदेश कार्यालय, सदाकत आश्रम पहुंचा। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और लाठी-डंडे, ईंट-पत्थर चलने लगे। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए।
दोनों राजनीतिक दलों ने इस हिंसा के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, बीजेपी ने दावा किया है कि उसके 30 से अधिक कार्यकर्ता और नेता इस झड़प में घायल हुए हैं।
कैसे शुरू हुआ विवाद? Patna BJP Congress clash
जानकारी के मुताबिक, बुधवार दोपहर करीब 2:15 बजे बीजेपी का विरोध मार्च कुर्जी हॉस्पिटल से कांग्रेस मुख्यालय की ओर बढ़ रहा था। यह मार्च प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी के नेतृत्व में निकाला गया था। जैसे ही कार्यकर्ता सदाकत आश्रम पहुंचे, वहां पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और बीजेपी समर्थकों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
कुछ ही देर में बहस हिंसक झड़प में बदल गई। दोनों पक्षों के बीच पथराव और लाठीबाजी शुरू हो गई। कार्यकर्ता पार्टी के झंडे लेकर आमने-सामने आ गए, जिससे पूरे इलाके में तनाव फैल गया।
दोनों दलों ने लगाए गंभीर आरोप
बीजेपी नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस कार्यकर्ता पहले से ही लाठी-डंडों के साथ कांग्रेस कार्यालय में मौजूद थे और उन्होंने सबसे पहले हमला किया। पार्टी का कहना है कि उनके 30 से ज्यादा कार्यकर्ता घायल हुए हैं, जिनमें भारतीय जनता युवा मोर्चा के जितेंद्र सिंह, उपेंद्र सिंह और बलराम मंडल समेत कई नेता शामिल हैं। घायलों का इलाज कुर्जी हॉस्पिटल में चल रहा है और कुछ को पीएमसीएच रेफर करने की तैयारी की गई है।
वहीं कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि पहले बीजेपी कार्यकर्ताओं ने लाठी और पत्थरों से हमला किया, जिसके बाद हालात बिगड़ गए।
एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी
बीजेपी ने इस मामले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने की बात कही है। पार्टी का आरोप है कि विरोध मार्च के दौरान उनके कार्यकर्ताओं पर योजनाबद्ध तरीके से हमला किया गया। हालांकि, खबर लिखे जाने तक पुलिस की ओर से इस मामले में विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।
राहुल गांधी के प्रदर्शन के बाद शुरू हुआ विरोध
यह प्रदर्शन दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री आवास के बाहर किए गए धरने के विरोध में आयोजित किया गया था। राहुल गांधी ने NEET-UG 2026 पेपर लीक, छात्रों के आंदोलन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। उस दौरान दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया। इसी के विरोध में बीजेपी ने देशभर में कांग्रेस कार्यालयों के घेराव का कार्यक्रम घोषित किया था। पटना का प्रदर्शन भी उसी अभियान का हिस्सा था।
पटना में छात्रों का प्रदर्शन भी जारी
इसी बीच पटना में हजारों छात्र-छात्राएं भी NEET पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच भी झड़प हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया, लेकिन बड़ी संख्या में मौजूद छात्रों के कारण हालात नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण रहा।
राजधानी में एक साथ राजनीतिक प्रदर्शन और छात्र आंदोलन होने से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कांग्रेस मुख्यालय, प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी नई अप्रिय घटना को रोका जा सके।
































