Rahul Gandhi detained: नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर गुरुवार को उस समय भारी राजनीतिक हंगामा देखने को मिला, जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपने सहयोगी नेताओं के साथ विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे। कांग्रेस का यह प्रदर्शन एक दिन पहले प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में आयोजित किया गया था। प्रदर्शन में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, कर्नाटक और केरल के मुख्यमंत्री, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत विपक्ष के कई नेता शामिल हुए।
दोपहर करीब 3:30 बजे शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस बीच सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की बड़ी संख्या में तैनाती की गई थी।
राहुल गांधी को उठाकर बस में बैठाया गया| Rahul Gandhi detained
प्रदर्शन के दौरान जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई शुरू की, तो राहुल गांधी जमीन पर बैठ गए और बाद में लेटकर विरोध जताने लगे। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें हटाने की कोशिश की, लेकिन राहुल गांधी वहां से हटने को तैयार नहीं हुए। उनके आसपास मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ता भी उन्हें पुलिस से बचाने की कोशिश करते रहे।
मोदी की तानाशाही देखिए।
देश के नेता विपक्ष के साथ ऐसा सुलूक किया जा रहा है।
शर्मनाक! pic.twitter.com/mPvojsUnbA
— Congress (@INCIndia) July 21, 2026
इसी दौरान राहुल गांधी ने जमीन पर लेटे-लेटे पत्रकारों से कहा, “Democracy in India is happening right now.” इसके बाद पुलिस और RAF के जवानों ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें उठाकर पुलिस बस में बैठाया। इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई। राहुल गांधी के एक सहयोगी ने दावा किया कि इस कार्रवाई के दौरान उनकी आंख के नीचे चोट भी लगी। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया।
प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव को भी हिरासत में लिया गया
राहुल गांधी के अलावा प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को भी पुलिस ने प्रदर्शन स्थल से हटाकर हिरासत में लिया। जानकारी के मुताबिक, तीनों नेताओं को अलग-अलग पुलिस बसों में बैठाकर वहां से ले जाया गया। प्रियंका गांधी को हिरासत में लेने के दौरान भी काफी गहमागहमी देखने को मिली। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस बस चलने के दौरान प्रियंका गांधी बस के दरवाजे से लटकी हुई नजर आईं। उन्हें बस में बैठाने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया, बाद में रिहाई
दिल्ली पुलिस राहुल गांधी और कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बसों में बैठाकर छत्रसाल स्टेडियम लेकर गई। जानकारी के अनुसार, रात करीब 9 बजे राहुल गांधी को वहां से रिहा कर दिया गया। बताया गया कि समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को भी बाद में छोड़ दिया गया। इससे पहले भी पुलिस ने पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बसों के जरिए छत्रसाल स्टेडियम पहुंचाया था।
प्रियंका गांधी ने सरकार को दी चुनौती
हिरासत में लिए जाने से पहले प्रियंका गांधी वाड्रा ने मीडिया से बातचीत में केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को छात्रों की जायज मांगों को सुनना चाहिए। उन्होंने चुनौती भरे अंदाज में कहा कि यदि हिम्मत है तो सरकार सामने आकर छात्रों की समस्याओं का समाधान करे।
खड़गे का सरकार पर हमला
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सरकार की कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। खड़गे ने कहा कि पहले शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया गया, पेपर लीक की घटनाओं से करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ और जब छात्र न्याय मांगने सड़कों पर उतरे तो उन पर लाठीचार्ज किया गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संसद में विपक्ष की मांगों को नजरअंदाज किया गया, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नहीं हटाया गया और अब प्रधानमंत्री आवास के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे विपक्षी सांसदों को बलपूर्वक हिरासत में लिया गया।
क्या हैं कांग्रेस की मांगें?
कांग्रेस लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। पार्टी चाहती है कि संसद में NEET से जुड़े मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराई जाए और प्रदर्शनकारी छात्रों को न्याय मिले। कांग्रेस का कहना है कि छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
































