खोड़ा हत्याकांड पर धीरेंद्र शास्त्री के बयान से लेकर नवविवाहिता की संदिग्ध मौत तक! | Top 5 Ghaziabad News

Rajni | Nedrick News Ghaziabad Published: 08 Jun 2026, 07:56 AM | Updated: 08 Jun 2026, 07:56 AM

Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद से कई बड़ी और चौंकाने वाली खबरें सामने आ रही हैं, जिन पर पूरे देश की नजर है। पहली बड़ी खबर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण यानी GDA से है, जहाँ ‘अपनी जमीं अपना आसमान’ प्लॉट योजना को ऐसा बंपर रिस्पॉन्स मिला है कि हर एक प्लॉट पर सवा सौ से ज्यादा दावेदार लाइन में खड़े हो गए हैं। 14 लाख से शुरू होने वाले इन प्लॉट्स की क्या है पूरी साइज और प्राइस लिस्ट, आपको बताएंगे।

दूसरी बड़ी खबर खोड़ा के सनसनीखेज सूर्या चौहान हत्याकांड से जुड़ी है, जिसमें अब बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की एंट्री हो गई है। धीरेंद्र शास्त्री ने इस घटना को ‘फ्रेंड जिहाद’ का नाम देकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। आखिर उन्होंने ऐसा क्यों कहा,

साथ ही तीसरी और चौथी बड़ी खबर प्रशासन के ‘ऑपरेशन क्लीन’ से जुड़ी है, जहाँ एक तरफ इंदिरापुरम की कनावनी कॉलोनी में बिना मान्यता और बिना फायर सेफ्टी के चल रहे एक अवैध मदरसे को प्रशासन ने बकायदा ढोल-नगाड़े बजाकर और मुनादी कराकर सील कर दिया है और प्रबंधन को सिर्फ एक हफ्ते का अल्टीमेटम दिया है, तो दूसरी तरफ मोदीनगर में मस्जिद के पास बनी अवैध दुकानों को ध्वस्त किया जा रहा है।

वहीं पाँचवीं बड़ी खबर नंदग्राम इलाके से है, जहाँ भोपाल के चर्चित ‘ट्विशा शर्मा केस’ जैसा ही एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। शादी के महज 6 महीने बाद एक नवविवाहिता का शव रेलिंग से लटका मिला, जिसके बाद पुलिस ने पति और सास-ससुर समेत 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। तो चलिए इस लेख के जरिए इन सभी बड़ी खबरों की पूरी डिटेल और हर एक अपडेट को विस्तार से जानते हैं।

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14 लाख से शुरू होने वाले इन प्लॉट्स की प्राइस लिस्ट

क्या आप भी फ्लैट कल्चर से परेशान होकर दिल्ली-NCR में अपने सपनों का घर बनाने के लिए जमीन तलाश रहे हैं? तो गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) की नई प्लॉट स्कीम ने इस समय रियल एस्टेट मार्केट में तहलका मचा दिया है! आज के दौर में भी लोगों में अपनी जमीन और अपनी छत का क्रेज कितना ज्यादा है, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि मधुबन बापूधाम में सिर्फ 350 प्लॉट्स के लिए सवा सौ गुना से भी ज्यादा आवेदन आ चुके हैं।

आखिर लोग इन प्लॉट्स के पीछे क्यों दीवाने हैं? आपको बता दें कि यहाँ 40 से लेकर 300 वर्ग मीटर के प्लॉट्स करीब 41,200 प्रति वर्ग मीटर के सरकारी रेट पर मिल रहे हैं। बेहतर कनेक्टिविटी और सुरक्षित निवेश की वजह से लोग लाइन लगाकर आवेदन कर रहे हैं। अगर आप भी इसका हिस्सा बनना चाहते हैं, तो चलिए जानते है कि क्या है इनकी कीमत और साइज?

मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) की ‘अपनी जमीं अपना आसमान’ आवासीय प्लॉट योजना को जनता का बंपर रिस्पॉन्स मिला है। फ्लैट कल्चर से दूर, अपनी जमीन पर अपनी छत की चाहत रखने वाले लोगों ने इस स्कीम में भारी रुचि दिखाई है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मधुबन बापूधाम में कुल 350 प्लॉटों के लिए 42,511 आवेदन आए हैं, यानी हर एक प्लॉट पर औसतन 121 दावेदार मैदान में हैं।

क्या हैं इन प्लॉट्स की कीमतें?

GDA ने सभी श्रेणियों के आवासीय भूखंडों के लिए 35,000 प्रति वर्ग मीटर की एक समान दर (Base Price) तय की है। साइज के हिसाब से अनुमानित कीमतें कुछ इस प्रकार हैं:

  • 40 वर्ग मीटर: करीब 14 लाख
  • 60 वर्ग मीटर: करीब 21 लाख
  • 90 वर्ग मीटर: करीब 31.5 लाख
  • 150 वर्ग मीटर: करीब 52.5 लाख
  • 200 वर्ग मीटर: करीब 70 लाख

क्यों है इसका इतना क्रेज?

मार्केट में चल रही अवैध कॉलोनियों की तुलना में GDA के ये प्लॉट पूरी तरह से सुरक्षित, वैध (Legal) और रेडी-टू-मूव हैं। सरकारी योजना होने के कारण यहाँ धोखाधड़ी का कोई खतरा नहीं है, यही वजह है कि खरीदारों और निवेशकों के बीच इसे लेकर गजब का क्रेज देखा जा रहा है

थूक जिहाद, लव जिहाद के बाद आ गया ‘फ्रेंड जिहाद’ (Top 5 Ghaziabad News)

गाजियाबाद से दूसरी खबर, जहाँ खोड़ा इलाके में हुए 11वीं के छात्र सूर्या प्रताप चौहान की सनसनीखेज हत्या के मामले ने अब बड़ा राजनीतिक और धार्मिक मोड़ ले लिया है। इस मामले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे एक बेहद चौंकाने वाला नया नाम दिया है-‘फ्रेंड जिहाद’। तो चलिए जानते हैं कि इस हत्याकांड को लेकर आखिर धीरेंद्र शास्त्री ने ऐसा क्यों कहा और उनके इस बयान के बाद अब क्या नया विवाद खड़ा हो गया है।

मीडिया से बातचीत के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि भारत में थूक जिहाद, मूत्र जिहाद, लैंड जिहाद और लव जिहाद के बाद अब एक नए जिहाद का ईजाद (शुरुआत) हुआ है, जिसका नाम है ‘फ्रेंड जिहाद’ (दोस्ती जिहाद)। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में सूर्या नाम के मासूम बालक के साथ जो हुआ, वह ‘दोस्ती जिहाद’ का ही हिस्सा था, जहाँ पहले दोस्त बनाया गया और फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी गई।

उनका दावा है कि सूर्या को ‘हलाल’ दिखाने के बहाने ले जाकर मार डाला गया। उन्होंने आगे कहा, “यह देश और हिंदुओं का दुर्भाग्य है। यदि आप एकजुट नहीं रहेंगे, तो सामने वालों के अंदर न दया है, न करुणा और न ही प्रेम है। अगर हिंदू एक होगा, तो कोई उसका बाल भी बांका नहीं कर पाएगा।” इस दौरान उन्होंने पुलिस एनकाउंटर की जमकर तारीफ की। सूर्या की हत्या के मुख्य आरोपी असद को ढेर किए जाने पर उन्होंने योगी सरकार और यूपी पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस ने बहुत अच्छा काम किया है।

धीरेंद्र शास्त्री द्वारा इस हत्याकांड को ‘दोस्ती जिहाद’ का नाम देने और इसे धार्मिक रंग देने के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक हलकों में बहस छिड़ गई है। विपक्ष और आलोचकों का आरोप है कि शास्त्री केवल उन चुनिंदा मामलों को उठाते हैं जिनमें हिंदू-मुस्लिम एंगल होता है, ताकि एक खास राजनीतिक एजेंडा सेट किया जा सके। वहीं, दूसरी ओर उनके समर्थक इस बयान को हिंदू समाज की सुरक्षा और जागरूकता के लिए बेहद जरूरी बता रहे हैं।

अवैध संस्थानों के खिलाफ प्रशासन का ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप

गाजियाबाद से तीसरी खबर प्रशासन कार्रवाई से जुड़ी है। जहां इस समय अवैध रूप से चल रहे संस्थानों के खिलाफ प्रशासन का ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ जारी है! इसी कड़ी में इंदिरापुरम के कनावनी इलाके में स्थित एक मदरसे के बाहर अचानक ढोल-नगाड़े बजने लगे। लेकिन यह कोई उत्सव नहीं था, बल्कि प्रशासन की तरफ से की जा रही सीलिंग का सरेआम एलान था। बिना रजिस्ट्रेशन और बिना फायर सेफ्टी के चल रहे इस मदरसे को पूरी तरह सील कर दिया गया है। तो चलिए जानते है कि आखिर प्रशासन को इस तंग गली में बने मदरसे में क्या-क्या कमियां मिलीं और क्यों प्रबंधन को सिर्फ एक हफ्ते का अल्टीमेटम दिया गया है?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गाजियाबाद जिला प्रशासन और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने इंदिरापुरम की कनावनी कॉलोनी और लोनी इलाके में बिना मान्यता और बिना पंजीकरण के अवैध रूप से संचालित हो रहे मदरसों को सील कर दिया है। इस कार्रवाई के दौरान कनावनी में ‘जामिया खुलफा-ए-राशिदीन’ मदरसे के बाहर बकायदा ढोल-नगाड़े बजाकर और मुनादी कराकर उसे अवैध करार दिया गया और सीलिंग की कार्रवाई का सार्वजनिक एलान किया गया। प्रशासन ने मदरसा प्रबंधन को वैध दस्तावेज पेश करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया है।

जांच में सामने आया कि यह मदरसा जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय या मदरसा पोर्टल पर पंजीकृत नहीं था और न ही इसके पास मदरसा सोसाइटी का कोई जीवित प्रमाण पत्र था। इसके अलावा, मदरसे को संचालित करने के लिए फायर विभाग (Fire Department) और विद्युत सुरक्षा विभाग (Electricity Safety) से कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) भी नहीं लिया गया था।

यह मदरसा एक बेहद तंग गली में स्थित था, जिससे किसी भी आपातकालीन स्थिति में फायर ब्रिगेड या रेस्क्यू टीम का पहुँचना असंभव था, जो बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना गया। नियमों का उल्लंघन कर यहाँ अवैध रूप से हॉस्टल भी चलाया जा रहा था। परिसर में साफ-सफाई की स्थिति बदतर थी और छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय तक की व्यवस्था नहीं थी।

कार्रवाई के दौरान मदरसे में रह रहे कुछ बच्चों को सुरक्षित उनके घर भेज दिया गया है, जबकि अन्य को सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित किया गया है। पुलिस इस मामले में जांच रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर (FIR) दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाने जा रही है। यदि मदरसा प्रबंधन एक हफ्ते के भीतर वैध दस्तावेज नहीं दिखा पाता है, तो प्रशासन इस अवैध इमारत के खिलाफ ध्वस्तीकरण (Demolition) की कार्रवाई भी कर सकता है।

14 दुकानों को कोर्ट ने बताया घोषित (Top 5 Ghaziabad News)

गाजियाबाद की चौथी खबर मोदीनगर से जहां इस समय अवैध निर्माण करने वालों की खैर नहीं है! ताजा मामला मोदीनगर के बेगमाबाद इलाके का है, जहाँ जामा मस्जिद के पास बनी 14 दुकानों को कोर्ट ने पूरी तरह अवैध घोषित कर दिया है। सिर्फ इतना ही नहीं, प्रशासन ने इन दुकानदारों पर 2.22 करोड़ का भारी-भरकम जुर्माना भी लगा दिया है। इलाके में मुनादी कराकर जैसे ही 2 दिन का अल्टीमेटम दिया गया, दुकानदारों में ऐसा हड़कंप मचा कि वे बुलडोजर आने से पहले खुद ही अपनी दुकानें तोड़ने लगे। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। तो चलिए जानते है कि आखिर क्या है 26 साल पुराना यह पूरा विवाद।

मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि गाजियाबाद के मोदीनगर क्षेत्र के बेगमाबाद में सरकारी यानी ग्राम पंचायत की जमीन को लेकर मस्जिद कमेटी और ग्राम पंचायत के बीच साल 2000 से कानूनी विवाद चल रहा था। हाल ही में न्यायालय ने इस निर्माण को पूरी तरह से अवैध घोषित कर दिया, जिसके बाद प्रशासन के लिए ध्वस्तीकरण का रास्ता साफ हो गया। कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासनिक टीम ने इलाके में दुकानदारों को दुकानें खाली करने के लिए 2 दिन का समय दिया था। साथ ही, अतिक्रमण करने वाले पक्षों पर प्रशासन ने 2 करोड़ 22 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना भी लगाया है।

किसी भी प्रकार के विरोध या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति से निपटने के लिए मस्जिद और आसपास के पूरे इलाके में भारी पुलिस बल और पीएसी (PAC) के जवानों को तैनात किया गया है। वहीं, बुलडोजर चलने और प्रशासन की सख्त कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए अधिकांश दुकानदारों ने अल्टीमेटम खत्म होने से पहले ही खुद अपनी दुकानों से सामान समेटना और अवैध ढांचों को हटाना शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि गाजियाबाद में बीते दिनों हुए सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद से प्रशासन अवैध निर्माणों, सरकारी जमीनों पर कब्जों और बिना मान्यता वाले धार्मिक व शैक्षणिक संस्थानों के खिलाफ लगातार ‘ऑपरेशन क्लीन’ चला रहा है।

ट्विशा शर्मा केस जैसा एक और मामला (Top 5 Ghaziabad News)

भोपाल के बहुचर्चित ‘ट्विशा शर्मा केस’ की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि ठीक वैसा ही एक रूह कंपा देने वाला मामला अब गाजियाबाद से सामने आया है। यहाँ नंदग्राम में एक नवविवाहिता की शादी के महज 6 महीने बाद संदिग्ध हालात में मौत हो गई और उसका शव घर की रेलिंग से लटकता मिला। लड़की के परिवार का आरोप है कि यह कोई सुसाइड नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है। आखिर क्या है सुमित और नीतू की शादी के पीछे का खौफनाक सच, और पुलिस ने इस मामले में क्या बड़ा एक्शन लिया है?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गाजियाबाद के नंदग्राम थाना क्षेत्र में भोपाल के चर्चित ‘ट्विशा शर्मा केस’ जैसा ही एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ शादी के महज 6 महीने बाद 28 वर्षीय नवविवाहिता नीतू का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मकान की तीसरी मंजिल पर स्टील की रेलिंग से लटका मिला है।

मृतका के मायके वालों ने इसे आत्महत्या मानने से साफ इनकार करते हुए ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए गला दबाकर हत्या करने और फिर उसे आत्महत्या का रूप देने का संगीन आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि शादी के बाद से ही नीतू को कम दहेज लाने के ताने दिए जा रहे थे और लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। इतना ही नहीं, वारदात के बाद ससुराल पक्ष ने उन्हें सूचना तक नहीं दी, बल्कि किसी परिचित से खबर मिलने पर वे गाजियाबाद पहुंचे।

मृतका के परिजनों द्वारा थाने पर किए गए भारी हंगामे और प्रदर्शन के बाद पुलिस ने तत्काल सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने मृतका के पति सुमित, सास-ससुर समेत कुल 9 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपी पति, सास और ससुर को गिरफ्तार कर लिया है।

गौरतलब है कि हाल ही में भोपाल में रहने वाली 31 वर्षीय मॉडल व कंटेंट क्रिएटर ट्विशा शर्मा की भी शादी के महज 5 महीने बाद उनके ससुराल में फंदे से लटकी लाश मिली थी। ट्विशा के परिवार ने भी जज सास और वकील पति पर दहेज उत्पीड़न, जबरन गर्भपात और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे, जिसकी जांच फिलहाल सीबीआई (CBI) कर रही है। गाजियाबाद के इस मामले में भी ठीक उसी पैटर्न पर शादी के महज 6 महीने के भीतर नवविवाहिता की संदिग्ध मौत और हत्या को आत्महत्या का रूप देने के आरोपों के चलते, इसकी तुलना सीधे ट्विशा शर्मा केस से की जा रही है।

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Rajni

rajni@nedricknews.com

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