क्या है NDPS एक्ट, जिसके तहत हुई एल्विश यादव की गिरफ्तारी, जानिए इस कानून के बारे में सबकुछ

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 18 मार्च 2024, 05:30 AM Updated: 18 मार्च 2024, 05:30 AM
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बिग बॉस ओटीटी-2 विनर एल्विश यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में उनका अन्य यूट्यूबर के साथ मारपीट का वीडियो सामने आया था और अब खबरें हैं कि रविवार 17 मार्च को एल्विश यादव को ग्रेटर नोएडा कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। एल्विश यादव को रेव पार्टी में सांप का जहर सप्लाई करने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में एल्विश के खिलाफ आईपीसी और वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी, अब पुलिस ने इस मामले में एनडीपीएस अधिनियम की धाराएं भी जोड़ दी हैं।

दरअसल सांप के जहर से K-72 और K-76 तैयार होता है। 500 मिली जहर से पाउडर बनाया जाता है, जिसका इस्तेमाल एक हजार लीटर शराब में किया जा सकता है। वहीं, पूछताछ में एल्विश यादव ने कबूल किया कि नवंबर में रेव पार्टी में जहर सप्लाई मामले गिरफ्तार आरोपियों से उसका संपर्क और जान-पहचान थी। जिसके बाद नोएडा पुलिस ने 17 मार्च की शाम एल्विश को गिरफ्तार कर लिया। कुछ महीने पहले, उसे एक रेव पार्टी में देखा गया था, जहां वह कथित तौर पर अपने दोस्तों के साथ गले में दुर्लभ सांपों को लटकाए डांस-पार्टी कर रहा था।

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एल्विश के खिलाफ लगाई गयी ये धाराएं

वहीं, पुलिस ने सांप का जहर सप्लाई करने और जहर का कारोबार करने के आरोप में एल्विश के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कई धाराएं बढ़ा दी हैं। इनमें एनडीपीएस धारा 8, 20, 27, 27ए, 29, 30, 32 शामिल हैं। इनके तहत अगर एल्विश दोषी पाया जाता है तो उसे 20 साल तक की सजा हो सकती है। उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

NDPS एक्ट क्या है?

NDPS यानी नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट साल 1985 में लागू किया गया था। यह नशीले पदार्थों के उत्पादन, कब्जे, बिक्री, खरीद, परिवहन, भंडारण और/या उपभोग पर प्रतिबंध लगाता है। नशीली दवाओं में कोका, गांजा, अफ़ीम, डोडा, चूरा आदि शामिल हैं। ये प्राकृतिक रूप से उपलब्ध नशीले पदार्थ हैं। यह रसायन मनोदैहिक पदार्थों के अंतर्गत वर्गीकृत दवाओं में पाया गया होगा। इसमें एमडीएमए, एमडी, एक्स्टसी, अल्प्राजोलम आदि शामिल हैं। अधिनियम के तहत नशीले पदार्थ की मात्रा की तीन श्रेणियों को परिभाषित करता है: छोटी, वाणिज्यिक और छोटी से अधिक लेकिन वाणिज्यिक से कम। इसी मात्रा के अनुसार धाराएं और सजाएं तय की जाती हैं।

किसने की शिकायत?

पीपल फॉर एनिमल्स (पीएफए) ने सांप के जहर वाली रेव पार्टी का खुलासा किया था। इसी संस्था के अधिकारी गौरव गुप्ता ने पिछले हफ्ते एल्विश के खिलाफ एक और शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि नोएडा में रेव पार्टियों में सांप के जहर का इस्तेमाल किया जाता है और वीडियो बनाए जाते हैं।

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