उत्तर प्रदेश की राजनीति से हटकर वो दिलचस्प बातें, जिनके बारे में यकीनन नहीं जानते होंगे आप!

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 06 नवम्बर 2021, 05:30 AM Updated: 06 नवम्बर 2021, 05:30 AM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

उत्तर प्रदेश का नाम आते ही आपके दिमाग में क्या आता है? सबसे पहले जरूर राजनीति या फिर कानून व्यवस्था या फिर क्षेत्रवाद या जातिवाद आता होगा। लेकिन यूपी के बारे में जानने के लिए और भी बहुत कुछ है। काफी इंटरेस्टिंग बाते हैं जिसे आप भी जानते नहीं होंगे। तो आज हम आपको ऐसी ही कुछ मजेदार बातों के बारे में बताने जा रहे हैं…   

– क्या आप जानते हैं कि उत्तर भारत का एक राज्य है यूपी जिसे 1 अप्रैल 1937 में कुछ विशेष वजहों से एक राज्य के तौर पर गठन कर दिया गया।

– भारत सरकार का चिन्ह् हैं अशोक चक्र। क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश के वाराणसी के बास जो सारनाथ है वहीं अशोक चक्र को मौर्य सम्राट अशोक ने बनवाया था जिसको साल 1947 के बाद अपने चिह्न के तौर पर भारत सरकार ने अपना लिया।     

– संगीत की कई विधाएं यूपी में ही पैदा हुईं। चाहे तबला हो या फिर सितार यही पर इनका विकास हुआ। अकबर के दरबार के गायक तानसेन और बैजू बावरा ने यूपी के संगीत कला को मेन स्ट्रीम में लाकर रख दिया था।       

– जालेसर ये यूपी की एक जगह है। यूपी के एटा डिस्ट्रिक्ट के इस जालेसर गांव से हर साल काफी ज्यादा संख्या में गायों के गले में टांगी जाने वाली पीतल की घंटियों को बनाया जाता है और विदेशों में भेजा जाता है।

– नौंटकी ये शब्द को जाना पहचाना होगा। आपके लिए लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि भारत में सिनेमा आने से पहले एंटरटेनमेंट का एक बड़ा जरिया हुआ करता था नौटंकी। ये यूपी में खूब होता था, जिसमें घरेलू लड़कियां नहीं जाया करती थी। वैसे तो नौटंकी शुरू में अच्छी होती थी पर फिर इसमें अश्लीलता भरने लगी।   

– कर्मनाशा नदी जो कि यूपी की ही एक नदी है तो क्या इसके बारे में आप ये जानते हैं कि इस नदी का पानी छूने या फिर यूज में लाने से लोग कतराते हैं। लोग ऐसा मानते हैं कि इसको छूने से बनता काम बिगड़ जाता है। कर्मनाशा दो शब्दों से मिलकर बना है एक तो कर्म दूसरा नाशा मतलब काम बिगाड़ने वाला। लोग इस नदी के आसपास रुकते भी हैं तो ड्राईफूट्रस खाकर गुजारा करते हैं। दिलचस्प बात ये है कि ये नदी गंगा में जा मिलती है।   

– शाहजहांपुर जो कि यूपी का एक डिस्ट्रिक्ट है और यहां पर एक अजीबोगरीब सम्मेलन होता है वो भी आजादी के बाद भी। इसमें होता ये है कि यहां होली के दूसरे दिन, लगभग लगभग पूरे नंगे होकर बस जूतों की माला पहने हुए शहर के चुनिंदा लोग परेड निकालते हैं। हैरानी है कि अब तक इस पर बैन नहीं लगाया गया।   

– इत्र की बात कर लेते हैं। यूपी के कन्नौज डिस्ट्रिक्ट में काफी ज्यादा मात्रा में इत्र बनाने का काम किया जाता है। इस शहर से बस आप गुजरकर देखिए गुलाबों की खुशबू हवाओं में बहती हुई महसूस होगी। यहां के खेतों में फसल से ज्यादा खेती फूलों की होती है जैसे कि गुलाब, गेंदा और मेंहदी की खेती काफी ज्यादा की जाती है।   

– पारिजात वृक्ष इसका क्या संबंध उत्तर प्रदेश से है इसकी बात करते हैं। क्या आप जानते हैं कि लखनऊ से 40 किमी. की दूरी पर पारिजात वृक्ष है, जो पूरी दुनिया में अपने जैसे बस एक ही वृक्ष है। इसके फूलों के लिए इस वृक्ष को पहचाना जाचा है, जो हर दिन अपना रंग बदल लेता है। माना जाता है कि ये वृक्ष स्वर्ग से भगवान कृष्ण की दूसरी पत्नी के लिए लाया गया था।

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds