Tejashwi Yadav Voter ID Controversy: क्या फर्जीवाड़ा कर रहे थे तेजस्वी यादव? दो वोटर ID के आरोप से मचा बवाल, चुनाव आयोग ने भी भेजा नोटिस

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 04 अगस्त 2025, 05:30 AM Updated: 04 अगस्त 2025, 05:30 AM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

Tejashwi Yadav Voter ID Controversy: बिहार की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है, और इस बार मामला जुड़ा है राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव से। उन पर दो अलग-अलग वोटर आईडी कार्ड रखने का गंभीर आरोप लगा है। इसको लेकर पटना के दीघा थाने में एक स्थानीय वकील ने शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, चुनाव आयोग ने भी इस मामले में नोटिस जारी कर तेजस्वी से जवाब मांगा है।

और पढ़ें: Shibu Soren Death News: कब बिगड़ी शिबू सोरेन की तबीयत? झारखंड के ‘गुरुजी’ की मौत से जुड़ा हर सवाल यहां जानिए

कहां से शुरू हुआ मामला? (Tejashwi Yadav Voter ID Controversy)

पटना के दीघा थाना क्षेत्र में रहने वाले अधिवक्ता राजीव रंजन ने तेजस्वी यादव के खिलाफ पुलिस में एक आवेदन दिया है। उनका आरोप है कि तेजस्वी ने चुनाव नियमों का उल्लंघन करते हुए दो अलग-अलग ईपिक नंबर (EPIC Number) वाले वोटर कार्ड बनवाए हैं। उनका कहना है कि यह न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि एक आपराधिक मामला भी बनता है। शिकायत मिलते ही दीघा पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

तेजस्वी की सफाई और चुनाव आयोग का जवाब

दरअसल कुछ दिन पहले तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया था कि उनका नाम मतदाता सूची से गायब है और उन्होंने एक EPIC नंबर (RAB 2916120) साझा किया जो, उनके मुताबिक, वोटर लिस्ट में मौजूद नहीं था। लेकिन इसके जवाब में चुनाव आयोग ने सबूतों के साथ उनका नाम दिखाया, जो कि क्रमांक 416 पर दर्ज था और उसका EPIC नंबर RAB 0456228 था, जो पहले से 2015 की मतदाता सूची में भी था।

अब सवाल ये उठ रहा है कि क्या तेजस्वी के पास दो अलग-अलग वोटर कार्ड हैं? और अगर हैं, तो ये कैसे बना?

राजनीति में बवाल

जैसे ही मामला सामने आया, बीजेपी और जेडीयू ने तेजस्वी यादव पर जोरदार हमला बोल दिया। जेडीयू नेताओं ने इसे चुनावी अपराध बताते हुए तेजस्वी की सदस्यता तक रद्द करने की मांग कर डाली। वहीं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी इसे लेकर तेजस्वी और राहुल गांधी दोनों को आड़े हाथों लिया। गिरिराज बोले, “ये लोग झूठ और भ्रम फैलाने में माहिर हैं, और अब तो इन्होंने संवैधानिक संस्थाओं को भी नहीं छोड़ा।”

पप्पू यादव का अप्रत्याशित समर्थन

चौंकाने वाली बात ये रही कि तेजस्वी यादव के पुराने राजनीतिक आलोचक, पूर्व सांसद पप्पू यादव इस बार उनके बचाव में उतर आए। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा, “ये आयोग अब बीजेपी का प्रवक्ता बन चुका है। नोटिस वहीं जाता है जहां बीजेपी कहती है।” उन्होंने यह भी पूछा कि आयोग ने और कितनों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए हैं, उसकी जानकारी क्यों नहीं दी जाती?

आगे क्या?

बढ़ते विवाद के बीच चुनाव आयोग ने तेजस्वी यादव को नोटिस जारी कर उनसे इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि तेजस्वी इस नोटिस का क्या जवाब देंगे और उनकी पार्टी इस मसले को कैसे संभालती है।

वहीं, पुलिस ने भी प्राथमिक जांच शुरू कर दी है। अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो तेजस्वी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। क्योंकि एक व्यक्ति के पास दो वोटर कार्ड होना न सिर्फ नियमों के खिलाफ है, बल्कि यह एक दंडनीय अपराध भी है।

और पढ़ें: Rahul Gandhi Controversy: बयान दर बयान विवादों में राहुल गांधी: जेटली से ट्रंप तक, ना पार्टी खुश, ना जनता भरोसे में

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds