प्रेमानंद जी के सत्संग: कलयुग में अपने कर्मों पर नजर कैसे रखें

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 28 सितम्बर 2023, 05:30 AM Updated: 28 सितम्बर 2023, 05:30 AM
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राधा रानी को अपना ईश्वर और खुद को उनका भक्त मनाने वाले श्री प्रेमानंद महाराज जी की जुबान पर हर समय राधा रानी का नाम होता है. महाराज जी जहाँ प्रेमानंद महाराज जी जहाँ सुबह 2 बजे उठकर वृंदावन की परिक्रमा बांके बिहारी जी, राधा वल्लब के दर्शन और परिक्रमा करते हैं तो साथ ही राधा रानी के नाम का सत्संग भी करते हैं. वहीं इस बीच श्री प्रेमानंद महाराज ने बताया है कि कलयुग में अपने कर्मों पर नजर कैसे रखें.

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महाराज ने बताया इस तरह रखें कलयुग में कर्मों पर नजर

दरअसल, श्री प्रेमानंद महाराज जी से मिलने के लिए एक वकील आए थे और वकील ने श्री प्रेमानंद महाराज जी से सवाल किया कि कलयुग में अपने कर्मों पर नजर कैसे रखें. वहीं इस सवाल का जवाब देते हुए श्री प्रेमानंद महाराज जी नजर दृष्ट पुरुष रखता है और हम दृश्य बने हुए हैं और इसके लिए हमें इससे अलग होना पड़ेगा.

महाराज ने बताया इसके लिए साधना ठीक करनी होगी और साधना ठीक है तो आप समझ लीजिये आप सतयुग में ही हैं. महाराज ने कहा कि नाम जप कर रहे हैं पवित्र आहार पा रहे हैं साथ ही सबके साथ सदव्यवहार कर रहे तो आप सतयुग है कलयुग नहीं है.

महाराज ने बताया पढ़ाई क्यों है जरूरी 

इससे पहले महाराज ने बताया था पढ़ाई जरूरी क्यों है दरअसल, श्री प्रेमानंद महाराज जी से मिलने के लिए 10वीं और 12वीं में पढ़ने वाले 2 बच्चे आए थे जो भाई बहन हैं. वहीं इन दोनों बच्चों ने कहा कि हम नाम जप पाठ आदि गुरु जनों की कृपा से करते हैं. वहीं इस बीच इन दोनों  बच्चों ने बताया कि कई बार उन्हें पढाई के दौरान ध्यान आता है कि अगर संसारिक पढ़ाई का अध्यात्म में महत्व ही नहीं है तो हम पढ़ाई क्यों करें? वहीं श्री प्रेमानंद महाराज जी ने इस सवाल का जवाब दिया है.

श्री प्रेमानंद महाराज जी ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि हम इस सृष्टि में भेजे गये हैं तो हमें कोई न कोई सेवा मिलेगी. वहीं श्री प्रेमानंद महाराज जी ने कहा कि अगर हम सृष्टि से जुड़ा ज्ञान नहीं रखते हैं तो आप अच्छी पढाई नहीं करते हैं तो हमारे समाज की सेवा कैसे कर पाएंगे. इसी के साथ श्री प्रेमानंद महाराज जी ने कहा कि पढ़ाई करना भी भगवान का जप करना जैसा ही है.

वहीं महाराज जी ने ये भी कहा कि भजन पढ़ने में बाधक नहीं सहयक है और इसी वजह से हमें पढ़ाई करनी चाहिए. भगवत भाव से की जाने वाली सभी किर्या वो भगवान की सेवा है और इसी वजह से पढ़ाई करना बहुत जरुरी है. इसी के साथ महाराज ने कहा कि जो भी पढों भगवान की पूजा समझ के करो. वहीं महाराज जी ने ये भी हम पढाई नहीं करेंगे तो बुधिहीन हो जाएंगे और फिर हमारा मन पढ़ाई में भी भी लगेगा.

2 बजे वृंदावन की परिक्रमा करते हैं महाराज जी

श्री प्रेमानंद महाराज जी को किडनी की समस्या है लेकिन इस समस्या के बाद भी वो सुबह 2 बजे उठकर वृंदावन की परिक्रमा करते हैं. वहीं जब श्री प्रेमानंद जी महाराज जी जब सुबह 2 बजे उठकर वृंदावन की परिक्रमा करते हैं तब हजारों की संख्या में भक्त उनके दर्शन करने के लिए सड़कों पर खड़े रहते हैं.

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