‘नीतीश के साथ सरकार बना कर भाजपा ने अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है’, PK के बयान के क्या हैं मायने?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 30 जनवरी 2024, 05:30 AM Updated: 30 जनवरी 2024, 05:30 AM
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नीतीश कुमार ने बिहार में एक बार फिर से पलटी मारते हुए सरकार बना ली है. पिछली बार जब नीतीश कुमार ने  पलटी  मारते हुए  आरजेडी  के साथ मिलकर सरकार बनाई थी तो उसके कुछ ही समय बाद अमित शाह ने एक  बयान  दिया जो काफी वायरल हुआ था. अमित शाह ने यह कहा था कि नीतीश बाबू के लिए एनडीए गठबंधन के  सारे रास्ते बंद हो चुके हैं लेकिन अब ऐसा नीतीश कुमार के लिए फिर से एनडीए का दरवाजा खुल गया है. मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए अपना इमान तक दांव पर लगाने वाले नीतीश कुमार का भाजपा के साथ आने के बाद अब  मशहूर चुनावी रणनीतिकार और  जन  सुराज  के संस्थापक प्रशांत किशोर का बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

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प्रशांत किशोर ने क्या कहा ?

प्रशांत किशोर का कहना है कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की बड़ी कीमत भारतीय जनता पार्टी को चुकानी पड़ेगी. उन्होंने दावा किया है कि ये कीमत भाजपा को लोकसभा चुनाव में नहीं, बल्कि विधानसभा चुनाव में चुकानी होगी. दरअसल, प्रशांत किशोर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह ये सारी बातें कहते नजर आ रहे हैं.

वीडियो में प्रशांत किशोर कहते हैं कि मैंने पहले भी कहा है और कैमरे के सामने कहा है कि नीतीश बाबू अगर महागठबंधन में रहकर चुनाव लड़ते तो उनको पांच सीट भी नहीं मिलतीं. इसी डर से पहले तो भागे. उनको मालूम था कि खाता तो नहीं खुलने वाला है. ऐसे में भागे भाजपा में.

अब इस नई व्यवस्था में जरूर एनडीए के नाम पर, मोदी के नाम पर, भाजपा के साथ लड़ने में कुछ सीटें उनको मिल जाएंगी, लेकिन इसके साथ एक और भविष्यवाणी कर देता हूं कि सबसे बड़ी कीमत इस गठबंधन की भाजपा और उनके दल वाले फेस करेंगे आने वाले विधानसभा चुनाव में.

लोकसभा में नहीं, लेकिन भाजपा को इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी आने वाले विधानसभा चुनाव में. क्योंकि जो भाजपा का समर्थक है, जो उनका नेता है, कैडर है, आज उसके पास कोई जवाब नहीं है कि आखिर जिस नीतीश कुमार को आपने 2020 में थोपा तब भी आपके 75 एमएलए थे, इनके 42 थे.

बिहार की तीसरी बड़ी पार्टी है जदयू

आपको बता दें कि नीतीश कुमार ने एनडीए गठबंधन के साथ मिलकर बिहार विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी  लेकिन इस चुनाव में जदयू बुरी तरह से पस्त दिखी और राज्य की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर रह गई. 79 सीटों के साथ आरजेडी पहले नंबर पर रही, वहीं 75 सीटों के साथ भाजपा दूसरे नंबर पर थी जबकि 42 सीटें जदयू के खाते में  आई थी. इसके  बावजूद भाजपा ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया. लेकिन जल्द ही नीतीश ने आरजेडी के साथ गठबंधन कर लिया था. तब भाजपा ने ऐलान भी कर दिया था कि कुछ भी हो जाए, भाजपा नीतीश के साथ नहीं जाएगी  लेकिन ऐसा हुआ नहीं. अब एक बार फिर से भाजपा नीतीश के साथ है और आने वाले चुनावों  में ये साथ में ही चुनाव लड़ेंगे. इसी को लेकर अब प्रशांत  किशोर ने एनडीए गठबंधन पर हमला बोला है.

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