Mandakini river flood Chitrakoot: 29 अगस्त को आई सदी की सबसे भयानक बाढ़ के खौफ से लोग अभी संभल भी नहीं पाए थे कि मंगलवार सुबह मंदाकिनी नदी ने एक बार फिर भयानक तबाही मचा दी। मध्य प्रदेश के सतना और चित्रकूट के जलग्रहण क्षेत्रों में रातभर हुई भारी बारिश के बाद नदी का पानी भोर से करीब 80 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ने लगा। सुबह 8 बजे तक मंदाकिनी का जलस्तर 129.000 मीटर पर पहुंच गया, जो खतरे के निशान (126.500 मीटर) से 2.5 मीटर ऊपर है। महज पौने चार घंटे में 2.60 मीटर जलस्तर बढ़ने से रामघाट की दुकानें दोबारा जलमग्न हो गईं और किनारे बसे लोग जान बचाने के लिए ऊंचे इलाकों की तरफ भागने लगे।
रामघाट पर तिनके की तरह बहा तुलसी मंदिर, 10 हजार परिवार प्रभावित| Mandakini river flood Chitrakoot
चित्रकूट में हालात बेहद नाजुक हो चुके हैं। पिछले एक हफ्ते में नदी 7 बार खतरे का निशान पार कर चुकी है।
- धार्मिक स्थलों पर असर: रामघाट पर तेज बहाव में तुलसी मंदिर बह गया, संत तुलसीदास की प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो गई और 400 से ज्यादा दुकानें पानी में डूब गईं। गुप्त गोदावरी, सती अनुसुइया और हनुमानधारा जैसे तीर्थ स्थलों पर सन्नाटा पसरा है।
- तुलसी जलप्रपात का बदला स्वरूप: शरभंग, कालीबराह और अमरावती नदियों के संगम से आए तेज बहाव ने तुलसी जलप्रपात की रेलिंग, सड़क और बैठक स्थल को बहा दिया। हालांकि यूपी का पहला ‘स्काई ग्लास ब्रिज’ सुरक्षित है, लेकिन आसपास का सुरक्षा घेरा टूट चुका है।
- गांवों में बर्बादी: गोबरिया गांव के 30 परिवार बेघर हो गए हैं और परसौंजा में 80 से ज्यादा कच्चे मकान ढह गए हैं। टिकरिया रपटा बहने से मानिकपुर-सतना रूट ठप हो गया है, जिससे यात्रियों को 200 किमी का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
पूर्वांचल और बुंदेलखंड में नदियां उफान पर
मंदाकिनी के अलावा गंगा, यमुना, वरुणा, घाघरा और शारदा नदियों के बढ़ते जलस्तर ने यूपी के कई जिलों में संकट खड़ा कर दिया है:
- प्रयागराज व वाराणसी: प्रयागराज में गंगा का जलस्तर 16 मीटर और यमुना का 82 सेमी बढ़ा है, जिससे निचले इलाकों में नावें चलने लगी हैं। वाराणसी में गंगा चेतावनी बिंदु पार कर गई हैं, जिससे घाटों का संपर्क टूट गया है। मणिकर्णिका की छतों और हरिश्चंद्र घाट की गलियों में अंतिम संस्कार हो रहे हैं।
- सोनभद्र, हमीरपुर और बांदा: सोनभद्र में रिहंद बांध लबालब हो गया है और कभी भी इसके फाटक खोले जा सकते हैं। हमीरपुर और बांदा में केन व यमुना के उफान से कई पुल व रपटे बंद हैं।
- तराई क्षेत्र में कटान: लखीमपुर खीरी में मोहाना नदी खैरटिया बांध मार्ग को काट रही है, जिससे लखीमपुर-बहराइच हाईवे पर खतरा है। बहराइच के 6 गांवों में घाघरा का पानी घुस चुका है।
गाजीपुर में ड्रोन से 6 घंटे चला रेस्क्यू: 12 चरवाहे और 2000 भेड़ें बचाई गईं
गाजीपुर के डूहिया सरैया में गंगा का पानी अचानक बढ़ने से एक टापू पर 12 चरवाहे अपनी करीब 2,000 भेड़ों के साथ फंस गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस और पीएसी की टीमों ने ‘नाइट विजन ड्रोन’ से उनकी सटीक लोकेशन ट्रेस की। रातभर चले करीब 6 घंटे के मुश्किल ऑपरेशन के बाद सभी चरवाहों और मवेशियों को सुरक्षित निकाल लिया गया।












































