Mamta Kafle Naresh Bhatt Confession: फिल्म ‘दृश्यम’ की कहानी तो आपने देखी होगी, लेकिन अमेरिका से एक ऐसा ही खौफनाक मामला सामने आया है जिसने सबको झकझोर कर रख दिया है। 28 वर्षीय ममता काफले भट्ट की रहस्यमयी गुमशुदगी के इस मामले में, उनके पति नरेश भट्ट ने अदालत में एक ऐसा कबूलनामा किया है जिसे सुनकर रूह कांप जाए।
नरेश ने माना कि उसने घर के बाथरूम में आरी से अपनी पत्नी के शव के टुकड़े-टुकड़े किए—लेकिन एक अजीबोगरीब मोड़ में उसका दावा है कि उसने हत्या नहीं की। घटना के दो साल बीत जाने के बाद भी आज तक पुलिस को ममता का शव नहीं मिला है, जिससे यह पूरा मामला एक अनसुलझी पहेली बन गया है। तो चलिए इस लेख के जरिए विस्तार से जानते हैं कि बिना किसी शव के, यह पूरी जांच अब किस तरह केवल फॉरेंसिक सबूतों और डीएनए रिपोर्ट के भरोसे टिकी है।
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आरोपी का अजीबोगरीब दावा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मामला 30 जुलाई 2024 का है। घटना को दो साल से भी अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन आज तक पुलिस को ममता का शव बरामद नहीं हुआ है। अदालत में नरेश भट्ट का कहना है कि उसने अपनी 28 वर्षीय पत्नी (Mamta Kafle) की हत्या नहीं की। उसके मुताबिक, 30 जुलाई 2024 की सुबह उसने अपनी पत्नी को बिस्तर के पास बेहोश पाया था, जिसके बाद उसने सीपीआर (CPR) देकर उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
इमरजेंसी कॉल न करने पर बहाना
जब अदालत में नरेश से पूछा गया कि उसने पत्नी (Mamta Kafle) को बेहोश देखकर आपातकालीन सेवाओं (Emergency Services) पर कॉल क्यों नहीं किया, तो उसने एक अजीब बहाना बनाया। नरेश ने कहा कि वह बहुत डर गया था और बुरी तरह घबरा जाने के कारण उसे समझ नहीं आया कि उसने क्या किया।
उसने स्वीकार किया कि इसी घबराहट में उसने शव को ठिकाने लगाने के लिए बाथरूम में आरी से उसके टुकड़े कर दिए, ताकि शव को छोटा किया जा सके। इसके बाद उसने शव के हिस्सों को कचरे के बैग में भरकर अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया।
फोरेंसिक सबूतों से घिरा आरोपी
भले ही नरेश ने शव को गायब कर दिया हो, लेकिन वह फॉरेंसिक सबूतों के जाल में पूरी तरह घिर चुका है। पुलिस को घर के बाथरूम की टाइल्स, शावर एरिया और दरवाजे के पास खून के ऐसे निशान मिले थे, जिन्हें ब्लीच से मिटाने का प्रयास किया गया था।
वकील (Prosecution) इन्हीं फॉरेंसिक साक्ष्यों और डीएनए रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट में हत्या का केस लड़ रहा है। दूसरी ओर, ममता काफले को आखिरी बार 29 जुलाई 2024 को एक वीडियो कॉल पर देखा गया था और तब से आज तक पुलिस को उनके शव का कोई हिस्सा नहीं मिला है। इसी बात का फायदा उठाते हुए नरेश के वकील का तर्क है कि सीधे तौर पर हत्या का कोई ठोस सबूत नहीं है।
दिल्ली और नेपाल से नाता
आरोपी नरेश भट्ट का नाता भारत और नेपाल दोनों से रहा है। अदालत में गवाही के दौरान नरेश ने अपने अतीत का जिक्र करते हुए बताया कि उसका जन्म नई दिल्ली में हुआ था। दिल्ली में करीब दो से ढाई साल रहने के बाद उसका परिवार वापस नेपाल लौट गया था।
नरेश ने कोर्ट को बताया कि उसका बचपन नेपाल के एक बेहद सुदूर और पहाड़ी इलाके में मिट्टी-पत्थरों से बने घर में बीता, जहां आधुनिक सुविधाएं भी मौजूद नहीं थीं। बाद में वह अमेरिका चला गया, जहां उसने अपनी पत्नी ममता को भी स्पॉन्सर करके नेपाल से अमेरिका बुलाया था।












































