Krishna Janmashtami 2024 Date : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की डेट को लेकर न हों कन्फ्यूजन, जानें जन्माष्टमी की सही तारीख और शुभ मुहूर्त

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 20 अगस्त 2024, 05:30 AM Updated: 20 अगस्त 2024, 05:30 AM
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हिंदू धर्म में कृष्ण जन्माष्टमी का विशेष महत्व है। इस आयोजन का विषय भगवान कृष्ण हैं। वैदिक कैलेंडर में कहा गया है कि कृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव भाद्रपद माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। श्रीमद्भागवत पुराण में कहा गया है कि भगवान कृष्ण का जन्म बुधवार, अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र, लग्न वृषभ राशि में मध्यरात्रि में मथुरा के कारागार में हुआ था। बाल गोपाल के रात्रिकालीन जन्म के बाद, लोग इस दिन व्रत रखते हैं और यथाविधि पूजा करते हैं। मथुरा और वृंदावन समेत पूरी दुनिया में इस आयोजन को काफी धूमधाम से मनाया जाता है। आइए जानते हैं 2024 में कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव की तिथि।

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कृष्ण जन्माष्टमी पर जयंती योग

साल 2024 में कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार 26 अगस्त, सोमवार को जयंती योग में मनाया जाएगा। जयंती योग में जन्माष्टमी का व्रत करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और भगवान कृष्ण के आशीर्वाद से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि इस योग में जन्माष्टमी का व्रत रखने वालों को बैकुंठ धाम में स्थान मिलता है। इस बार गृहस्थ जीवन जीने वाले लोग और वैष्णव संप्रदाय के लोग एक ही दिन कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार मनाएंगे।

Janmashtami Vrat 2024  Date
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कृष्ण जन्माष्टमी तिथि

वैदिक कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 26 अगस्त को सुबह 3:41 बजे शुरू होगी और 27 अगस्त को सुबह 2:21 बजे समाप्त होगी। इस प्रकार, 6 अगस्त को कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी।

जन्माष्टमी पर रोहिणी नक्षत्र

रोहिणी नक्षत्र की शुरुआत: 26 अगस्त को दोपहर 3:54 बजे

रोहिणी नक्षत्र की समाप्ति: 27 अगस्त को दोपहर 3:39 बजे

जन्माष्टमी पूजा मुहूर्त 2024

कृष्ण जन्माष्टमी पूजा का समय दोपहर 12 बजे से 12:45 बजे तक रहेगा, इसलिए आपको पूजा के लिए 45 मिनट मिलेंगे। व्रत का पारण 27 अगस्त को सुबह 11 बजे तक किया जा सकता है।

कृष्ण 2
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कृष्ण जन्माष्टमी का महत्व

शास्त्रों में बताया गया है कि द्वापर युग में अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के दिन भगवान विष्णु ने श्री कृष्ण के रूप में अपना आठवां अवतार लिया था। इस बार यह शुभ दिन 26 अगस्त, सोमवार है। राजकुमारी देवकी और उनके पति वसुदेव के आठ पुत्र हुए, जिनमें भगवान कृष्ण भी शामिल हैं, जिनका जन्म मथुरा में हुआ था। ऐसा माना जाता है कि जो लोग कृष्ण जन्माष्टमी पर पूजा और व्रत की परंपराओं का पालन करते हैं, उनके जीवन में सुख-समृद्धि आती है, साथ ही उनके सभी कष्ट दूर होते हैं। साथ ही जन्म-मृत्यु के बंधनों से मुक्त होकर वह व्यक्ति मोक्ष प्राप्त करता है।

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