Bengal politics Koel Mallick: पश्चिम बंगाल की राजनीति में पाला बदलने और सियासी उलटफेर का खेल कोई नया नहीं है, लेकिन बंगाली सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री कोयल मल्लिक का राजनीतिक सफर जिस रफ्तार से बदला है, उसने हर किसी को चौंका दिया है। कभी तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी की करीबी बनकर संसद पहुंचीं कोयल मल्लिक अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर राज्यसभा जाने की तैयारी में हैं। बीजेपी ने 4 अक्टूबर को उन्हें पश्चिम बंगाल से राज्यसभा का उम्मीदवार घोषित कर राज्य के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
6 महीने की वो सियासी पिक्चर, जिसने सबको हैरान किया| Bengal politics Koel Mallick
कोयल मल्लिक का संसदीय सफर महज कुछ महीनों में जिस मोड़ पर पहुंचा है, वह बेहद दिलचस्प है। इस पूरे घटनाक्रम को देखें तो:
- फरवरी 2026: ममता बनर्जी ने चौंकाते हुए कोयल मल्लिक को टीएमसी की ओर से राज्यसभा भेजने का फैसला किया।
- 5 मार्च 2026: कोयल ने सुप्रीम कोर्ट की सीनियर वकील मेनका गुरुस्वामी और पूर्व आईपीएस अधिकारी राजीव कुमार के साथ अपना नामांकन दाखिल किया।
- 6 अप्रैल 2026: उन्होंने राज्यसभा सांसद के पद की औपचारिक शपथ ली।
- जुलाई 2026: संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले ही उन्होंने अचानक उच्च सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। दिलचस्प बात यह रही कि टीएमसी सांसद रहते हुए उन्होंने संसद के किसी भी सत्र की कार्यवाही में हिस्सा तक नहीं लिया।
- 4 अक्टूबर 2026: बीजेपी ने उन्हें बंगाल से अपना राज्यसभा उम्मीदवार घोषित कर दिया।
यानी एक ही साल के भीतर कोयल मल्लिक टीएमसी की सांसद से अब बीजेपी की प्रत्याशी बन चुकी हैं।
इस्तीफे की वजह और बंगाल का बदला सियासी गणित
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की हार के बाद राज्य में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदले। टीएमसी के भीतर अंदरूनी कलह और नेताओं के पाला बदलने का दौर शुरू हो गया। इसी सियासी उठापटक के बीच कोयल मल्लिक ने राज्यसभा के सभापति को पत्र भेजकर तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया और पार्टी से पूरी तरह दूरी बना ली थी। अब बीजेपी का दामन थामकर उन्होंने साफ संदेश दे दिया है कि वे अपनी राजनीति को नई दिशा देने जा रही हैं।
कौन हैं कोयल मल्लिक?
बंगाली सिनेमा में ‘टॉली-क्वीन’ के नाम से मशहूर कोयल मल्लिक का असली नाम रुक्मिणी मल्लिक है। वे एक बड़े फिल्मी घराने से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता रंजीत मल्लिक बंगाली फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज अभिनेता हैं, जिनकी बंगाल के घर-घर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग रही है। कोयल ने अपने अभिनय के दम पर टॉलीवुड में एक खास मुकाम बनाया है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी उनका दबदबा है; अकेले इंस्टाग्राम पर ही उनके 30 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।
बीजेपी के लिए क्यों अहम हैं कोयल?
बंगाल में बीजेपी और टीएमसी के बीच लंबे समय से वर्चस्व की जंग जारी है। ऐसे में कोयल मल्लिक को मैदान में उतारना बीजेपी की सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है:
- टीएमसी को प्रतीकात्मक झटका: जिस चेहरे को कुछ महीने पहले खुद ममता बनर्जी ने संसद भेजा था, उसका बीजेपी के पाले में आना टीएमसी के लिए एक बड़ा मनोवैज्ञानिक झटका है।
- युवा और सांस्कृतिक जुड़ाव: 30 लाख से अधिक सोशल मीडिया फॉलोअर्स और लोकप्रिय फिल्मी छवि के चलते बीजेपी बंगाली समाज, भद्रलोक और खासकर युवाओं के बीच अपनी पैठ मजबूत करना चाहती है।
- पारंपरिक राजनीति से हटकर चेहरा: बीजेपी बंगाल में केवल संगठन तक सीमित न रहकर सांस्कृतिक हस्तियों को आगे रखकर बंगाली अस्मिता से खुद को जोड़ने की कोशिश कर रही है।














































