Shivraj Singh women safety: दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में महिला सुरक्षा को लेकर हो रहे प्रदर्शनों में इन दिनों एक नारा खूब गूंज रहा है,‘एक कचौड़ी, दो समोसा… इन मर्दों का क्या भरोसा’। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक चर्चा का विषय बने इस नारे पर अब केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बड़ा बयान सामने आया है। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने समाज को आईना दिखाते हुए अपील की कि हम सभी को मिलकर आत्ममंथन करना होगा कि आखिर बेटियों को ऐसे नारे लगाने की नौबत क्यों आ रही है।
‘नवगति’ कार्यक्रम में छलका शिवराज का दर्द| Shivraj Singh women safety
‘नवगति’ नाम से आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने महिला सुरक्षा और उनके सम्मान के मुद्दे पर बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने हालिया वायरल नारे का सीधा जिक्र करते हुए सवाल उठाया, “आखिर हमारी बेटियों को इस तरह के नारे लगाने की जरूरत क्यों पड़ रही है? समाज को गंभीरता से यह सोचना होगा कि ऐसी परिस्थितियां क्यों बनीं, जहां बेटियों को पुरुषों की नीयत और भरोसे पर सरेआम सवाल खड़े करने पड़ रहे हैं।” शिवराज ने कहा कि यह सिर्फ बेटियों की नाराजगी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी और सोचने का विषय है कि हमारा समाज किस दिशा में आगे बढ़ रहा है।
जान-पहचान वालों की गलत नजर पर उठाए सवाल
केंद्रीय मंत्री ने अफसोस जताते हुए कहा कि कई बार देखने में आता है कि जान-पहचान और आसपास के लोग ही बेटियों को गलत नजर से देखते हैं। ऐसी घटनाएं बताती हैं कि सामाजिक ताने-बाने में कहीं न कहीं गहरी खराबी आ चुकी है। उन्होंने पुरुषों, युवाओं और अभिभावकों से अपील की कि अगर बेटियां ही समाज के पुरुषों पर अविश्वास करने लगेंगी, तो रिश्तों और सामाजिक विश्वास की पूरी बुनियाद ही हिल जाएगी। उन्होंने कहा कि बहन-बेटियों की सुरक्षा और मान-सम्मान की जिम्मेदारी सिर्फ उनके परिवार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने समाज से बेटियों को देवी और महिलाओं को मां के समान आदर देने की भावना को दोबारा मजबूत करने का आह्वान किया, जिस पर पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।
खेलों में तिरंगा लहरा रहे हैं बेटे-बेटियां
अपने संबोधन के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने खेलों में देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि आज हमारे बेटे और बेटियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने सभी पदक विजेताओं को बधाई देते हुए दोहराया कि जब बेटियां हर क्षेत्र में देश का सिर ऊंचा कर रही हैं, तो उन्हें समाज में भयमुक्त और सुरक्षित माहौल देना हमारी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।














































