राधा रानी को लेकर क्यों आपस में भिड़ गए भारत के 2 महान संत, जानिए प्रेमानंद जी महाराज ने क्या कहा

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 14 जून 2024, 05:30 AM Updated: 14 जून 2024, 05:30 AM
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श्रीजी के भक्त प्रेमानंद महाराज और कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा राधारानी को लेकर आपस में भिड़ गए थे। दोनों संतों के बीच इस समय जबरदस्त जुबानी जंग चल रही है। हर दिन नए अध्याय सामने आ रहे हैं। इस विवाद का केंद्र हैं राधा रानी, ​​जिनके बारे में कहा जाता है कि जहां कृष्ण हैं, वहां राधा रानी हैं और जहां राधा रानी हैं, वहां कृष्ण हैं। दरअसल मध्य प्रदेश के सीहोर में रहने वाले कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की राधा रानी कथा के वायरल हुए वीडियो को देखने और सुनने के बाद वृंदावन के संत और कथावाचक प्रेमानंद जी महाराज बेहद नाराज हैं। वह इतने गुस्से में हैं कि पंडित प्रदीप मिश्रा को नर्क में जाने का श्राप दे रहे हैं।

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प्रदीप मिश्रा ने क्या बयान दिया था?

कथा के दौरान प्रदीप मिश्रा से पूछा गया कि राधा जी कहां की हैं। इस पर उन्होंने कहा कि राधारानी बरसाना की नहीं बल्कि रावल गांव की हैं और उनके पिता का दरबार बरसाना में था। राधारानी साल में एक बार यहां आती थीं, इसलिए इसका नाम बरसाना पड़ा। जिसका मतलब है साल में एक बार आना। उन्होंने आगे कहा कि राधारानी का नाम कृष्ण की पत्नियों में भी नहीं है। राधा जी के पति का नाम अनय घोष है। उनकी सास जटिला और ननद कुटिला थीं। राधारानी जी का विवाह मथुरा के छाता गांव में हुआ था।

प्रेमानंद महाराज ने क्या जवाब दिया था?

आपको बता दें कि 10 जून को प्रेमानंद महाराज ने इस मामले पर प्रदीप मिश्रा को जवाब दिया था। उन्होंने कहा था कि लाडली जी के बारे में आप क्या जानते हैं? आप क्या जानते हैं? अगर आप किसी संत के चरणों की धूल पीकर बोलते तो आपके मुंह से ऐसे शब्द कभी नहीं निकलते। जैसा कि वेद कहते हैं कि राधारानी और श्री कृष्ण अलग नहीं हैं। आपको शर्म आनी चाहिए। जिसका गुणगान आप करते हैं, जिसका गुणगान आप खाते हैं और जिसका गुण सुनकर आपको नमस्ते और प्रणाम होता है, उसकी गरिमा आप नहीं जानते।

प्रेमानंद महाराज ने आगे कहा कि वह श्रीजी का अनादर करने की बात करता है। कहा जाता है कि वह बरसाना की नहीं हैं। तुम्हारा अभी तक संतों से सामना नहीं हुआ है। यदि तुम चार लोगों को घेरकर उनसे अपने चरणों की पूजा करा दोगे तो समझ लो कि तुम बहुत बड़े भागवताचार्य हो गए।

प्रेमानंद महाराज ने कहा कि वे (प्रदीप मिश्रा) सिर्फ चार श्लोक पढ़कर प्रवक्ता बन गए। प्रेमानंद महाराज ने कहा कि पंडित प्रदीप मिश्रा अभी राधा जी को नहीं जानते। अगर वे जानते तो आंसू बहाकर बात करते। राधा जी के बारे में इस तरह की टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसी विवादित टिप्पणी करने वालों को नरक में जाने से कोई नहीं बचा सकता।

प्रदीप मिश्रा ने ब्रजवासियों से माफी मांगी

अब विवाद बढ्ने के बाद पंडित प्रदीप मिश्रा ने ब्रजवासियों से माफी मांगी है। उन्होंने कहा, ‘जिन्होंने मेरा आधा वीडियो चलाया है, मेरी राधारानी उसे देखेंगी। मेरे भोलेनाथ उसे देखेंगे। अगर ब्रज का कोई संत मुझे आमंत्रित करता है, तो मैं तैयार हूं, मैं आपके चरणों में आऊंगा, प्रणाम करूंगा, साष्टांग प्रणाम करूंगा और जाने से पहले आपको पूरा व्याख्यान सुनाऊंगा।’

गिरिराज खंड में विवाह का वर्णन

शास्त्रों में राधा रानी के बारे में क्या लिखा है यह तो शोध का विषय है, लेकिन आइए आपको बताते हैं ब्रजवासियों द्वारा राधा रानी और कृष्ण के विवाह के बारे में दिए गए प्रमाणों के बारे में। कहा जाता है कि राधा रानी का विवाह भगवान कृष्ण से परमपिता ब्रह्मा ने करवाया था। इस विवाह का वर्णन ब्रह्मवैवर्त पुराण के प्रकृति खंड में अध्याय 49 के कई श्लोकों में किया गया है।

इसके अलावा गर्ग संहिता के गिरिराज खंड के अध्याय 5 में श्लोक संख्या 15, 16, 31 और 34 में भी राधा रानी और कृष्ण जी के विवाह का वर्णन है। ब्रजवासियों का तर्क है कि जिस शिव पुराण का पंडित प्रदीप मिश्रा प्रवचन करते हैं, उसके पार्वती खंड के अध्याय-2 के श्लोक नंबर-40 में भी इसका वर्णन है। स्कंद पुराण, पद्म पुराण और नारद पंचराग जैसे ग्रंथों में भी इसका ज़िक्र है।

और पढ़ें: पुणे से आये संत महात्मा जी ने कही अद्भुत बात, ध्यान से सुनिए प्रेमानंद महाराज का  जवाब 

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