जानिए अयोध्या में विराजमान हुई रामलला की मूर्ति की खासियत, क्यों है इसका रंग काला?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 23 जनवरी 2024, 05:30 AM Updated: 23 जनवरी 2024, 05:30 AM
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22 जनवरी को अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर में रामलला विराजमान हो गये हैं. पीएम मोदी समेत कई दिग्गज लोगों ने अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम में भाग लिया और शुभ मुहूर्त में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गयी. राम मंदिर में रामलला की जिस मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गयी वो मूर्ति बेहद ही सुन्दर है और मूर्ति को देखते ऐसा प्रतीत होता है कि ये मूर्ति अभी कुछ बोलेगी. इस मूर्ति को लेकर कई सारे सवाल है जो लोगों के मन में हैं और इस पोस्ट के जरिए हम आपको अयोध्या के भव्य राम मंदिर में विराजमान हुए रामलला की मूर्ति के बारे में बताने जा रहे हैं.

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जानिए क्यों काले रंग में हैं रामलला की मूर्ति

रामलला की मूर्ति में उनके बचपन को दर्शाया गया है. इस मूर्ति में रामलला माथे पर तिलक लगाए मन मोह लेने वाली मुस्कान के साथ नजर आ रहे हैं लेकिन इस मूर्ति का रंग काला है. इस मूर्ति का रंग इसलिए काला है क्योंकि इस शास्त्रों में जिस कृष्ण शिला से रामलला की मूर्ति का निर्माण हुआ है उसे बेहद खास माना जाता है.

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भगवान राम की मूर्ति श्याम शिला से बनाई गई है और इसके पीछे की वजह ये हैं कि इस श्याम शिला की आयु हजारों साल है साथ ही जल आदि चीजों से इस मूर्ति को किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होगा साथ ही कहा जा रहा है कि चंदन, रोली आदि लगाने से भी मूर्ति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.

जानिए इस मूर्ति की खासियत

रामलला की मूर्ति में बालत्व, देवत्व और एक राजकुमार तीनों की छवि दिखाई दे रही है. इस मूर्ति का वजन करीब 200 किलोग्राम है और ऊंचाई 4.24 फीट, जबकि चौड़ाई तीन फीट है. ये मूर्ति कमल दल पर खड़ी है साथ ही रामलला के हाथ में तीर और धनुष है और कृष्ण शैली में मूर्ति बनाई गई है.

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इसी के साथ रामलला की मूर्ति के ऊपर स्वास्तिक, ॐ, चक्र, गदा और सूर्य देव विराजमान हैं. रामलला के चारों ओर आभामंडल है. भगवान राम की भुजाएं घुटनों तक लंबी हैं. मस्तक सुंदर, आंखें बड़ी और ललाट भव्य है. इनका दाहिना हाथ आशीर्वाद की मुद्रा में है. मूर्ति में भगवान विष्णु के 10 अवतार दिखाई दे रहे हैं. मूर्ति नीचे एक ओर भगवान राम के अनन्य भक्त हनुमान जी तो दूसरी ओर गरुड़ जी को उकेरा गया है.

कर्नाटक के इस मूर्तिकार ने बनाई है ये मूर्ति 

रामलला की यह मूर्ति कर्नाटक के मूर्तिकार अरुण योगीराज ने बनाई है. इसकी खास बात यह है कि इसे एक ही पतथर से बनाया गया है, यानी कि पत्‍थर में कोई भी दूसरा पत्‍थर नहीं जोड़ा गया है.

Also Read- अयोध्या विवाद की कहानी, जानिए कैसे टेंट से भव्य राम मंदिर में पहुंचे रामलला.

 

 

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