लाठीचार्ज से भी नहीं डरे छात्र! आधी रात को Jantar Mantar पर फिर खोला मोर्चा, वायरल वीडियो ने खोली पोल? | NEET Protest

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Jantar Mantar NEET Protest: दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर देश की सबसे बड़ी राजनीतिक और छात्र हलचल का केंद्र बन गया है। NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर सोमवार को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों से दहलने के बाद भी यहाँ न्याय की आवाज़ थमी नहीं है। दिल्ली पुलिस के कड़े पहरे और भारी सुरक्षा बल की तैनाती के बीच, छात्र नेता अभिजीत दीपके और उनके समर्थकों ने अपना आंदोलन फिर से ज़िंदा कर दिया है।

इस छात्र संघर्ष को अब विपक्ष का भी भारी समर्थन मिल रहा है, जहाँ आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल खुद घायल प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुँच रहे हैं, वहीं कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सरकार को चेतावनी देते हुए साफ कर दिया है -जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है। तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं इस पूरे मामले की अपडेट

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चलो संसद मार्च के बाद सुरक्षा व्यवस्था सख्त

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बताया जा रहा है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET-UG पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांगों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन लगातार जारी है। सोमवार को हुए भारी हंगामे और लाठीचार्ज के बाद, मंगलवार (21 जुलाई 2026) को जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था अत्यधिक सख्त कर दी गई है।

सोमवार शाम पुलिस द्वारा प्रदर्शन स्थल खाली कराए जाने के बाद, अभिजीत दीपके और उनके समर्थकों ने रात में ही फिर से जंतर-मंतर पर मोर्चा संभाल लिया। दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने अशोक रोड तक सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया है ताकि प्रदर्शनकारी दोबारा संसद की ओर मार्च न कर सकें। दीपके ने पुलिस की कार्रवाई और लाठीचार्ज को ‘क्रूरता’ बताते हुए दुख जताया है। हालांकि, उन्होंने खुद पानी पीकर अपना अनशन समाप्त कर दिया था।

अरविंद केजरीवाल NEET Protest घायलों से करेंगे मुलाकात

राजधानी के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ हुई पुलिसिया कार्रवाई की तीखी आलोचना की है और आंदोलन का समर्थन करने तथा घायलों से मुलाकात करने का रुख अपनाया है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने युवाओं के इस जोश और संघर्ष को रेखांकित करते हुए प्रसिद्ध कवि की पंक्तियों—जिस ओर जवानी चलती है,

उस ओर जमाना चलता है”—के जरिए छात्र शक्ति और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का समर्थन किया है।  CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ताओं (सौरव दास और आशुतोष रांका) ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर मुलाकात की। CJP प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, पीड़ित NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजे और हिरासत में लिए गए सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई की मांग रखी है।

क्या है NEET Protest की हकीकत

20 जुलाई को CJP के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच गंभीर झड़प हुई थी। बताया जा रहा है कि कई पुलिस कर्मी घायल हो गए लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो तो एक अलग ही दास्ता बयां कर रही है।

सोमवार 20 जुलाई को जब NEET-UG पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शनकारियों (NEET Protest) ने संसद भवन की तरफ मार्च शुरू किया, तब पुलिस और छात्रों के बीच बेहद गंभीर और तीखी झड़प हुई। एक तरफ जहाँ आधिकारिक दावों के अनुसार इस हिंसक झड़प में 118 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, वहीं पुलिस के लाठीचार्ज, पानी की बौछारों और आंसू गैस के दवाब के कारण 60 से अधिक प्रदर्शनकारी छात्रों को भी गंभीर चोटें आई हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो एक अलग ही दास्तां बयां कर रहे हैं। इन वीडियो में कई जगहों पर निहत्थे छात्रों और महिला प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा भारी बल प्रयोग और लाठीचार्ज करते हुए देखा जा सकता है, जिसके बाद नेटिज़न्स (इंटरनेट यूज़र्स) प्रशासन की इस कार्रवाई को ‘एकतरफा और क्रूर’ बताकर इसकी कड़ी निंदा कर रहे हैं।

Rajni

rajni@nedricknews.com

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