Hanuman Jayanti 2025: इस साल कब है हनुमान जयंती, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 15 मार्च 2025, 05:30 AM Updated: 15 मार्च 2025, 05:30 AM
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Hanuman Jayanti 2025: हर साल कि तरह हनुमान जयंती इस साल 12 अप्रैल (शनिवार) को मनाई जाएगी। यह दिन खास तौर पर हनुमान जी की पूजा, आराधना और उपवास के लिए समर्पित होता है। तो चलिए आपको इस लेख में हनुमान जयंती के शुभ मुहूर्त और नियम के बारे में बताते है।

जानें हुनमान जयंती का शुभ मुहूर्त

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार हनुमान जी ही एकमात्र ऐसे देवता हैं जो आज भी धरती पर विद्यमान हैं। त्रेता युग में चैत्र मास की पूर्णिमा के दिन भगवान शिव ने हनुमान जी के रूप में अपना बारहवां अवतार लिया था। इस दिन भक्त भगवान राम के अनन्य भक्त हनुमान जी की पूजा करते हैं। लेकिन क्या आप हनुमान जयंती के शुभ मुहूर्त और नियम के बारे में जानते है अगर नहीं तो चलिए जानते है… हनुमान जयंती के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त आमतौर पर सूर्योदय से पूर्व या संतान और व्रति के लिए शाम को होता है। विशेष तौर पर, अगर आप हनुमान जी की पूजा का सही समय ये है।

  • चैत्र पूर्णिमा तिथि प्रारंभ – 12 अप्रैल 2025 को प्रातः 03:21 बजे
  • चैत्र पूर्णिमा तिथि समाप्त- 13 अप्रैल 2025 को सुबह 05:51

 पूजा के नियम और विधि

  • स्नान और पवित्रता – पूजा से पहले स्नान करके शरीर को शुद्ध करें।
  • हनुमान चालीसा और रामायण – पुण्य प्राप्ति के लिए हनुमान चालीसा और खासकर रामायण के सुंदरकांड का पाठ करें।
  • लाल कपड़े पहनें – हनुमान जी को लाल रंग पसंद है, इसलिए लाल कपड़े पहनना शुभ माना जाता है।
  • बूंदी के लड्डू का भोग – हनुमान जी को लड्डू का भोग लगाना आदर्श माना जाता है।
  • हनुमान जी की आरती – पूजा के बाद हनुमान जी की आरती का पाठ करें।
  • व्रत रखें – इस दिन व्रत रखें और हनुमान जी की पूजा और ध्यान करें। अगर आप व्रत नहीं रख सकते हैं, तो व्रत रखें और भक्ति भाव से पूजा करें।
  • इसके अलवा इन बातो का अवश्य ध्यान रखे जैसे..व्रत में सत्य बोलने और अहिंसा का पालन करें और पूरे दिन ध्यान और साधना में लीन रहें।

हनुमान जी के कुछ प्रभावी मंत्र 

ॐ हं हनुमते नमः

यह हनुमान जी का सबसे सरल और प्रभावी मंत्र है। इसका जाप करने से भय, संकट और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा

यह मंत्र हनुमान जी की शक्ति और वीरता का प्रतीक है। इसका जाप करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और रोगों से मुक्ति मिलती है।

ॐ ऐं ह्रीं हनुमते श्री रामदूताय नमः

यह मंत्र हनुमान जी की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए है। इसका जाप करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सफलता मिलती है।

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