Ashutosh Ranka detained Assam: असम की राजधानी गुवाहाटी में रविवार को उस वक्त सियासी हलचल तेज हो गई, जब असम पुलिस ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के सह-संयोजक आशुतोष रांका समेत संगठन के कई प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। यह पूरी कार्रवाई सीजेपी की पहली क्षेत्रीय स्वयंसेवक (वॉलंटियर) बैठक शुरू होने से ठीक पहले की गई। पार्टी ने इस बैठक के जरिए पूर्वोत्तर में अपने संगठन के विस्तार और जमीनी कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की तैयारी की थी, लेकिन कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही पुलिस ने नेताओं को अपनी कस्टडी में ले लिया।
सुबह से ही कार्यक्रम स्थल का रास्ता बंद करने का आरोप| Ashutosh Ranka detained Assam
सीजेपी नेताओं के मुताबिक, आशुतोष रांका, अंकित भारद्वाज और प्रेम आकाश समेत कई वरिष्ठ नेताओं और स्थानीय कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लेकर गुवाहाटी के एक पुलिस केंद्र में पहुंचा दिया। इस घटनाक्रम पर सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए अभिजीत दिपके ने लिखा कि असम पुलिस ने आशुतोष रांका और उनकी पूरी टीम को हिरासत में ले लिया है और उन्हें किसी अज्ञात जगह ले जाया जा रहा है, जबकि वे सिर्फ अपने वॉलंटियर्स के साथ एक छोटी सी बैठक करने जा रहे थे।
वहीं पार्टी नेता अंकित भारद्वाज ने दावा किया कि प्रशासन ने जानबूझकर उनकी शांतिपूर्ण बैठक में अड़ंगा लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने सुबह से ही उस रास्ते पर बैरिकेडिंग कर दी थी जो कार्यक्रम स्थल की ओर जाता था, ताकि दूर-दराज से आने वाले कार्यकर्ता बैठक में शामिल ही न हो सकें।
‘राइजर दल’ से मुलाकात के ठीक अगले दिन हुई कार्रवाई
दिलचस्प बात यह है कि पुलिस का यह एक्शन उस मुलाकात के ठीक अगले दिन सामने आया है, जब आशुतोष रांका और सीजेपी के अन्य नेताओं ने असम के प्रमुख क्षेत्रीय दल ‘राइजर दल’ के नेताओं से औपचारिक मुलाकात की थी। उस बैठक में असम की विनाशकारी बाढ़, स्थानीय जनसमस्याओं और पूर्वोत्तर में सीजेपी के सांगठनिक पैर पसारने को लेकर लंबी चर्चा हुई थी। पार्टी का कहना है कि वे पिछले कुछ समय से असम के स्थानीय परिवारों, युवाओं और सरकारी स्कूलों की बुनियादी स्थिति को लेकर लगातार जमीनी स्तर पर बातचीत कर रहे हैं।
आशुतोष रांका का तीखा हमला: ‘स्कूलों की बदहाली और काजीरंगा की जमीन पर डरी है सरकार’
हिरासत में लिए जाने के दौरान पत्रकारों से बातचीत में आशुतोष रांका ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर सीधा और तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उनके काम से बुरी तरह घबरा गई है। रांका ने आरोप लगाते हुए कहा, “हिमंत बिस्वा सरमा को इस बात का डर सता रहा है कि अगर हमने असम के सरकारी स्कूलों की बदहाली का सच देश के सामने रख दिया, तो उनकी सरकार की पोल खुल जाएगी।”
इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय लोगों के जल, जंगल और जमीन के हक का मुद्दा भी उठाया। रांका ने आरोप लगाया कि काजीरंगा इलाके में स्थानीय आदिवासियों और मूल निवासियों के अधिकार छीने जा रहे हैं और उनकी जमीन, जंगल व पानी को जबरन कॉरपोरेट घरानों के हवाले किया जा रहा है। सरकार इसी सच को दबने और जनता तक पहुंचने से रोकने के लिए विरोध की आवाज को दबाने में जुटी है।














































