जब रक्षक बन जाते हैं भक्षक…मनीष गुप्ता ही नहीं गोरखपुर पुलिस के दामन पर हैं ऐसे ही और कई दाग!

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 30 सितम्बर 2021, 05:30 AM Updated: 30 सितम्बर 2021, 05:30 AM
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यूपी पुलिस खुद को मित्र पुलिस बताती है। वो लोगों की रक्षा करने के तमाम दावे करती है। लेकिन इस दावों पर सवालिया निशान तब खड़े हो जाते हैं, जब मनीष गुप्ता की हत्या जैसे मामले सामने आते हैं। मनीष गुप्ता की हत्या को लेकर गोरखपुर पुलिस सवालों के घेरे में हैं। मनीष गुप्ता के मर्डर का आरोप और किसी पर नहीं बल्कि पुलिस पर ही लग रहा है। 

सवालों के घेरे में गोरखपुर पुलिस

आरोपों के मुताबिक मनीष गुप्ता जिस होटल में ठहरे थे, सोमवार रात को पुलिस वहां रूटीन चेकअप के लिए गई थीं। इस दौरान कुछ कहासुनी हुई, जिसके चलते पुलिस ने मनीष के साथ बेरहमी से मारपीट की, जो उनकी मौत का कारण बन गई। मामला गोरखपुर के होटल कृष्णा पैलेस का है। जब पुलिस वहां आई, तो कमरे में उनके साथ दो और दोस्त भी मौजूद थे।

पुलिस मारपीट के और भी कई मामले सामने आए

गोरखपुर कांड में रक्षक ही भक्षक बन गए। लेकिन गोरखपुर में पुलिस के द्वारा लोगों पर किए जाने वाले अत्याचार, मारपीट का ये कोई पहला मामला नहीं। बीते कुछ महीनों में ही कई मामले सामने आ चुके हैं, जो गोरखपुर पुलिस को कठघरे में खड़ा करती है। 

– बांसगांव के रहने वाले विष्णु शंकर त्रिपाठी ने आरोप लगाया था कि थाने बुलाकर उनके साथ अभद्रता की गई। मामला मकान मालिक और किराएदार से जुड़ा था। आरोपों के मुताबिक 20 सितंबर को राजघाट थानेदार ने पुरोहित को थाने बुलाया। यहां उनका परिचय बताने के बाद उनको गाली दी और मारपीट शुरू कर दी। साथ ही घर का सामान भी फेंक दिया। इस मामले की जांच हो रही है। 

– इसके अलावा 07 सितंबर को सूर्यकुंड से बीजेपी नेता के बेटे के साथ मारपीट की घटना सामने आई थीं। यहां बीजेपी नेता लीला पांडेय के 20 साल के बेटे शिवांग के साथ दो सिपाहियों ने मारपीट की। हालांकि बाद में मामले में थानेदार ने शिवांग को आरोपी बता दिया था। 

– इसके अलावा बीते महीने 20 अगस्त को होटल में खाना खाने गए युवकों के साथ मारपीट का मामला सामने आया था। घटना चौरी-चौरा के एक होटल पर हुई थी। आरोप ऐसे लगे कि पुलिस ने युवकों की जमकर पिटाई की थी। वीडियो वायरल होने के बाद SSP ने इस पर एक्शन भी लिया। 

– मई में भी पुलिस की मारपीट की कुछ घटनाएं सामने आई थीं। 21 मई को  मास्क नहीं लगाने पर दारोगा और सिपाहियों पर एक व्यापारी को पीटने का आरोप लगा। मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत पर आरोपियों को निलंबित भी किया गया था। ये घटना बांसगांव थाने की थीं। वहीं 8 मई को पीपीगंज पुलिस ने कोल्हुआ के रहने वाले एक शख्स को पीटा था। 

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