शिवसेना, NCP और अब TMC! कब-कब टूटे दल और किसे मिला असली हक? राहुल Vs बीजेपी की तीखी जंग का पूरा सच| TMC symbol freeze drama

[nedrick_meta]
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google
[modern_share]

TMC symbol freeze drama: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस वक्त जबरदस्त ड्रामा देखने को मिल रहा है। राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चुनाव आयोग से तगड़ा झटका लगा है, वहीं नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के मैदान में ऐसा सियासी उलटफेर हुआ है जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। ममता गुट की उम्मीदवार द्वारा नाम वापस लेने के बाद जैसे ही ममता ने कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया, उसके कुछ ही देर बाद पुलिस ने एक पुराने मर्डर केस के वारंट पर कांग्रेस उम्मीदवार को सलाखों के पीछे भेज दिया।

और पढ़ें: यूसुफ पठान बाहर से देंगे समर्थन… 17 सांसदों के दल-बदल वाले दावे पर बीजेपी ने क्यों दिखा दिया नो एंट्री बोर्ड? West Bengal politics

TMC विवाद: मूल नाम और सिंबल फ्रीज, ममता को मिला ‘फुटबॉल’| TMC symbol freeze drama

तृणमूल कांग्रेस पर वर्चस्व को लेकर छिड़ी कानूनी जंग में चुनाव आयोग ने अंतरिम आदेश सुनाते हुए पार्टी का मूल नाम (All India Trinamool Congress) और पारंपरिक चुनाव चिह्न ‘फूल और घास’ (Flowers & Grass) को फिलहाल फ्रीज कर दिया है।

  • ममता गुट: ममता बनर्जी के गुट को अब “ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस” (MAITC) नाम और ‘फुटबॉल प्लेयर’ सिंबल मिला है।
  • ऋतब्रत गुट: बागी ऋतब्रत बनर्जी गुट को “डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस” नाम और ‘लिफाफा’ (खाम) चुनाव चिह्न दिया गया है।

आयोग ने साफ किया कि उपचुनाव में दोनों धड़ों के पर्चे खारिज होने से बचाने के लिए यह अंतरिम व्यवस्था की गई है, जो पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा में लागू रहेगी। ममता बनर्जी ने इस फैसले को लोकतंत्र का “काला दिन” बताते हुए कहा कि यह गैर-कानूनी और बीजेपी का राजनीतिक प्रतिशोध है। उन्होंने दो टूक कहा, “मैं TMC की संस्थापक अध्यक्ष हूं, मरते दम तक पार्टी नहीं छोड़ूंगी और बीजेपी को देश से जाना ही होगा।”

नंदीग्राम में हाई वोल्टेज ड्रामा: समर्थन मिला और हो गई गिरफ्तारी

नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों पर 6 अक्टूबर को वोटिंग होनी है, लेकिन नंदीग्राम में सारा खेल पलट गया। ममता गुट की प्रत्याशी संचिता डे ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के तुरंत बाद अपना नामांकन वापस ले लिया। नामांकन की मियाद 16 सितंबर को ही खत्म हो चुकी थी, इसलिए ममता के पास नया प्रत्याशी उतारने का विकल्प नहीं बचा।

अपनी सियासी जमीन बचाने के लिए ममता बनर्जी ने INDIA गठबंधन का हवाला देते हुए नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को खुला समर्थन दे दिया। लेकिन दांव चलते ही उलटा पड़ गया… समर्थन के ऐलान के चंद घंटों के भीतर पुलिस ने मिलन प्रधान को एक पुराने मर्डर केस में जारी गैर-जमानती वारंट के आधार पर गिरफ्तार कर लिया।

‘पार्टी चोरी’ के आरोप पर राहुल बनाम बीजेपी

इस पूरे घटनाक्रम पर राष्ट्रीय राजनीति भी गरमा गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। राहुल ने कहा कि पहले शिवसेना, फिर एनसीपी और अब तृणमूल कांग्रेस को तोड़ा गया। जब पूरी पार्टी चोरी हो सकती है, तो वोट चोरी होना बड़ी बात नहीं है। अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल ने भी केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया।

जवाब में बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए इतिहास याद दिलाया। उन्होंने कहा कि 1980 में कांग्रेस ने सत्ता में आते ही 9 राज्यों की चुनी हुई विपक्षी सरकारों को एक झटके में बर्खास्त कर दिया था।

फुटबॉल सिंबल से क्या फिर पलट पाएंगी बाजी?

1998 में कांग्रेस से बगावत कर तृणमूल कांग्रेस बनाने वाली ममता बनर्जी ने 2011 में वाममोर्चा का 34 साल पुराना किला ढहाया था। हालांकि, 2026 में सत्ता और अपनी सीट गंवाने के बाद उनकी पार्टी में बड़ी बगावत हो गई। अब जब नाम और सिंबल दोनों छिन चुके हैं, ममता अपने नए चुनाव चिह्न ‘फुटबॉल प्लेयर’ के जरिए बंगाल के युवाओं और फुटबॉल प्रेमियों से भावनात्मक जुड़ाव बनाने की कोशिश कर रही हैं।

और पढ़ें: ब्रिक्स की सफलता पर बदले विपक्ष के सुर: कपिल सिब्बल ने की मोदी सरकार की जमकर तारीफ| Kapil Sibal praises PM Modi

Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

Recent News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds