कांग्रेस के ‘फ्री ऐलान’ ने कर्नाटक के खजाने पर बढ़ाया 62 हजार करोड़ का बोझ

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 16 मई 2023, 05:30 AM Updated: 16 मई 2023, 05:30 AM
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कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जहाँ बीजेपी की हार गयी और कांग्रेस ने प्रचंड जीत दर्ज की है. जहाँ बीजेपी को इस हार कको लेकर कई सारे बातें कही जा रही है तो वहीं इस कांग्रेस के इस जीत का क्रेडिट उनके द्वारा किए गए फ्री प्लान को लेकर है. वहीं कांग्रेस के इस फ्री ऐलान’ की वजह से कर्नाटक के बोझ बढ़ने वाला है.

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चुनाव के दौरान कांग्रेस ने किए थे फ्री वादे

जानकारी के अनुसार, कांग्रेस ने इन चुनाव में अपनी जीत हासिल करने के लिए अपने मेनिफेस्टो में कई सारे फ्री के वादे जनता से किए थे और अब इन वादों को पूरा करने के लिए कांग्रेस को हजारों करोड़ रुपये के बजट की जरूरत होगी.  कर्नाटक में चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस ने वादों का घोषणापत्र जारी करते हुए कहा था कि अगर कांग्रेस की सरकार बनती है तो कर्नाटक की जनता को गृह ज्योति योजना के तहत 200 यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी.  इसके साथ ही गृह लक्ष्मी स्कीम के तहत परिवार की प्रत्येक महिला मुखिया को 2 हजार रुपये दिए जाएंगे.  अन्ना भाग्य योजना में बीपीएल कार्डधारक परिवारों को 10 किलो अनाज मुफ्त मिलेगा.  युवा निधि के तहत बेरोजगार ग्रेजुएट को 3,000 रुपये दिए जाएंगे.  बेरोजगार डिप्लोमा धारकों को 1500 रुपये प्रति माह मिलेंगे.  कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन और बेंगलुरु महानगर परिवहन निगम बसों में सभी महिलाओं को फ्री यात्रा करने को मिलेगी.  वहीं डीप-सी फिशिंग के लिए हर साल 500 लीटर टैक्‍स फ्री डीजल और बंदी के दौरान सभी मछुआरों को लीन पीरियड अलाउंस के तौर पर 6,000 रुपये जैसे वादे शामिल थे.

वादों को पूरा करने में आएगा 62,000 करोड़ का खर्च

एक रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस को इन वादों को पूरा करने के लिए 62,000 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं.  एक अनुमान के अनुसार, यह राज्‍य के कुल बजट का करीब 20 फीसदी है.  हालांकि, कांग्रेस का दावा है कि इन फ्रीबीज पर राज्‍य के बजट का 15 फीसदी से ज्‍यादा खर्च नहीं आएगा.  इकनॉमिक टाइम्‍स की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ अनुमानों से पता चलता है कि अकेले कैश पेमेंट और बिजली सब्सिडी में हर साल 62,000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा.  इसका बोझ राज्‍य के खजाने पर पड़ेगा.  62,000 करोड़ रुपये की यह रकम राज्‍य के बजट का करीब 20 फीसदी है.  वादों को पूरा करने पर फ्रीबीज पर खर्च होने वाली रकम पिछले वित्‍त वर्ष में राजस्‍व घाटे जितनी है.  कर्नाटक के 2023-24 के बजट में 2022-23 के लिए राजस्‍व घाटे का अनुमान 60,581 करोड़ रुपये था.

 

कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बताया था कि इन वादों को पूरा करने पर बहुत ज्‍यादा बोझ नहीं आएगा.  राज्‍य के बजट का ये फ्रीबीज 15 फीसदी से ज्‍यादा नहीं होंगे.  इसके अलावा उन्‍होंने अगले पांच साल के दौरान बजट का आकार बढ़ने का अनुमान जाहिर किया था.

बीजेपी सरकार के दौरान मजबूत हालत में था कर्नाटक

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जब कर्नाटक में बीजेपी की सरकार थी तब राज्य मजबूत स्थिति में था. बीजेपी सरकार ने रेवेन्‍यू सरप्‍लस बजट पेश किया था.  तमाम बड़े राज्‍यों में कर्नाटक का जीएसटी कलेक्‍शन में ग्रोथ रेट सबसे ज्‍यादा था.  2022-23 के लिए रेवेन्‍यू कलेक्‍शन टारगेट 72,000 करोड़ रुपये रखा गया था.  जनवरी तक 83,010 करोड़ रुपये का रेवेन्‍यू कलेक्‍शन हुआ था.  इसमें जीएसटी कम्‍पंसेशन की रकम शामिल नहीं है.  यह रकम बजट अनुमान से 15 फीसदी ज्‍यादा थी.

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