Farmers Delhi March 2026: किसानों की प्रस्तावित दिल्ली कूच को लेकर हरियाणा में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) की ओर से 16 अगस्त से शुरू होने वाली 228 किलोमीटर लंबी ‘किसान बचाओ पदयात्रा’ को देखते हुए जींद प्रशासन ने देर रात हरियाणा-पंजाब के खनौरी बॉर्डर को सील कर दिया। किसानों को दिल्ली की तरफ बढ़ने से रोकने के लिए सीमा पर पांच लेयर की बैरिकेडिंग की गई है। इसके साथ ही कई रास्तों को बंद कर पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है।
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने इस पदयात्रा का ऐलान किया था। किसान संगठन इसे भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध के साथ-साथ किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर निकाल रहे हैं। प्रस्तावित मार्च दातासिंहवाला से शुरू होकर 29 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचेगा।
दिल्ली जाने से रोकने की तैयारी| Farmers Delhi March 2026
किसानों के दिल्ली की ओर बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने खनौरी बॉर्डर पर पहले ही मोर्चा संभाल लिया है। जींद के एसपी ने साफ किया है कि किसानों को हरियाणा की सीमा से दिल्ली की तरफ जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बॉर्डर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई है।
दूसरी तरफ किसान संगठनों ने भी अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन ने पदयात्रियों को आगे बढ़ने से रोका तो वे वहीं धरना शुरू कर देंगे। ऐसे में बॉर्डर पर पुलिस और किसानों के आमने-सामने आने की आशंका को देखते हुए प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।
दातासिंहवाला से शुरू होगी पदयात्रा
किसान बचाओ पदयात्रा की शुरुआत से पहले दातासिंहवाला गांव में अरदास और प्रार्थना के साथ सभा होगी। इसके बाद दोपहर करीब 3 बजे किसान पैदल मार्च शुरू करेंगे। यात्रा के दौरान शाम को उझाना गांव के मुख्य अड्डे पर पदयात्रियों के स्वागत की तैयारी है, जबकि रात में बेलरखा गांव में ठहरने का कार्यक्रम बताया गया है।
किसानों को 228 किलोमीटर का सफर पैदल तय करते हुए 29 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुंचना है। किसान संगठनों के मुताबिक 51 किसान पूरी दूरी पैदल तय करेंगे, जबकि बड़ी संख्या में अन्य किसान और वॉलंटियर उनके साथ रहकर सहयोग करेंगे।
MSP समेत कई मांगों को लेकर मार्च
किसान संगठनों का कहना है कि यह आंदोलन सिर्फ भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध तक सीमित नहीं है। पदयात्रा के जरिए MSP की कानूनी गारंटी, किसानों की कर्जमाफी और कृषि क्षेत्र से जुड़ी अन्य मांगों को भी उठाया जाएगा। संगठनों ने मार्च को शांतिपूर्ण रखने की बात कही है। हालांकि, किसानों के कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन भीड़ और यातायात दोनों को लेकर तैयारी कर रहा है। खनौरी बॉर्डर पर बैरिकेडिंग के अलावा आसपास के रास्तों पर भी पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है। अधिकारियों की नजर पदयात्रा की गतिविधियों और संभावित भीड़ पर बनी हुई है।
हालिया हिंसक झड़प के बाद अतिरिक्त सतर्कता
हरियाणा में हाल के दिनों में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की घटना भी सामने आई थी। हांसी में एक प्रदर्शन के दौरान पथराव हुआ था, जिसमें एसपी और डीएसपी घायल हुए थे। इस घटना के बाद किसानों के प्रस्तावित मार्च को लेकर पुलिस पहले से ज्यादा सतर्क नजर आ रही है।














































