CJI Surya Kant News: देश की राजधानी नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन से ठीक पहले न्यायपालिका के स्तर पर एक बड़ा वैश्विक जमावड़ा होने जा रहा है। भारत का सुप्रीम कोर्ट 4 से 6 सितंबर 2026 के बीच ‘ब्रिक्स चीफ जस्टिस फोरम’ की मेजबानी कर रहा है। तीन दिनों तक चलने वाले इस खास आयोजन में भारत के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ब्रिक्स सदस्य देशों और पार्टनर मुल्कों के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों, अध्यक्षों और शीर्ष न्यायिक प्रतिनिधियों के साथ अहम द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। 12 और 13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स लीडर्स समिट से पहले न्यायिक सहयोग का यह मंच बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पहले ही दिन 10 देशों के न्यायिक प्रमुखों से मिलेंगे CJI| CJI Surya Kant News
लाइवलॉ की रिपोर्ट के अनुसार, फोरम के पहले दिन यानी 4 सितंबर को ही सीजेआई सूर्यकांत 10 प्रमुख देशों के प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय बैठकों का लंबा दौर पूरा करेंगे। इन बैठकों का मकसद न्याय व्यवस्था को मजबूत करना और आपसी कानूनी सहयोग को नई दिशा देना है।
सीजेआई जिन वैश्विक हस्तियों से मुलाकात कर रहे हैं, उनमें शामिल हैं:
- रूस के सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस इगोर क्रासनोव
- चीन की सुप्रीम पीपुल्स कोर्ट के प्रेसिडेंट झांग जून
- इंडोनेशियाई सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सुनार्तो
- यूएई (UAE) फेडरल सुप्रीम कोर्ट के प्रेसिडेंट मोहम्मद हमद अल बादी अल धहेरी
- बेलारूस सुप्रीम कोर्ट के चेयरमैन आंद्रे श्वेद
- कजाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के चेयरमैन असलमबेक मर्गालयेव
- दक्षिण अफ्रीकी सुप्रीम कोर्ट ऑफ अपील की प्रेसिडेंट महूबे बेट्टी मोलेमेला
- ईरान के चीफ जस्टिस अयातुल्ला गुलाम हुसैन मोहसेनी-एजेई
- उज्बेकिस्तान सुप्रीम कोर्ट की डिप्टी चेयरपर्सन मलिकाखोन कलंदारोवा
- मिस्र के शीर्ष न्यायिक प्रतिनिधि
दूसरे दिन साझा चिंताओं पर बोलेंगे डेलिगेशन हेड्स
फोरम के दूसरे दिन, यानी 5 सितंबर को सभी प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुख इस मंच को संबोधित करेंगे और न्यायपालिका के सामने आ रही मौजूदा चुनौतियों व चिंताओं को खुलकर सामने रखेंगे। इस सत्र में ब्रिक्स सदस्य देशों ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और यूएई के प्रतिनिधि अपनी बात रखेंगे। इसके साथ ही आमंत्रित साझीदार देशों की ओर से बेलारूस, बोलिविया, कजाकिस्तान, मलेशिया, थाईलैंड, युगांडा और उज्बेकिस्तान के न्यायिक प्रमुख भी मंच साझा करेंगे।
AI, मध्यस्थता और विवाद निपटारे पर रहेगा खास फोकस
यह तीन दिवसीय फोरम केवल औपचारिक मुलाकातों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका मुख्य एजेंडा उन चुनौतियों का समाधान खोजना है जिनसे आज दुनिया भर की अदालतें जूझ रही हैं। मुख्य सत्र चार अहम विषयों पर केंद्रित होंगे:
- मध्यस्थता (Mediation) और अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक विवादों का त्वरित समाधान।
- मध्यस्थता से जुड़े फैसलों (Arbitral Awards) को सीमा-पार यानी दूसरे देशों में लागू कराना।
- न्यायपालिका के कामकाज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का जिम्मेदार और सुरक्षित इस्तेमाल।
- न्यायिक नेतृत्व और सतत विकास (सस्टेनेबल डेवलपमेंट) के बीच संतुलन।












































