राजस्थान के इस गांव में होती है ‘बुलेट’ की पूजा, बाइक पर धागा बांधने से नहीं होता एक्सीडेंट

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 16 अप्रैल 2024, 05:30 AM Updated: 16 अप्रैल 2024, 05:30 AM
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भारत में आपको कुछ किलोमीटर की दूरी पर कोई न कोई प्राचीन मंदिर मिल जाएगा। इन सभी मंदिरों में आपको अलग-अलग मान्यताएं मिलेंगी। आपको ऐसे कई मंदिर देखने को मिल जाएंगे जहां जानवरों की भी पूजा की जाती है। हालांकि, आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताएंगे जहां मोटरसाइकिल की पूजा की जाती है। दरअसल, राजस्थान में एक ऐसा गांव है, जहां मंदिर के अंदर भगवान की मूर्ति नहीं बल्कि रॉयल एनफील्ड बुलेट 350 रखी हुई है। यहां की खास बात यह है कि इस बाइक की पूजा करने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। इस मंदिर को लेकर लोगों की अलग-अलग मान्यताएं हैं।

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मंदिर का नाम

राजस्थान में बने इस अनोखे मंदिर का नाम ‘ओम बन्ना धाम’ है। हालांकि, इस मंदिर को लोग बुलेट बाबा मंदिर के नाम से भी जानते हैं। बुलेट बाबा मंदिर राजस्थान के जोधपुर से लगभग 50 किलोमीटर दूर पाली शहर के पास चोटिला गांव में स्थित है। इस मंदिर के बनने के पीछे बड़ी ही अनोखी कहानी है। दरअसल, ठाकुर जोग सिंह राठौड़ के बेटे ओम सिंह राठौड़ की करीब 30 साल पहले इसी इलाके में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। उन्हीं ओम सिंह के नाम पर इस मंदिर का नाम रखा गया।

बाइक की पूजा करने की असली वजह

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब ओम सिंह राठौड़ की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई तो पुलिस ने उनकी बाइक और शव दोनों को जब्त कर लिया। हालांकि, घटना के दूसरे दिन पुलिस को पता चला कि थाने में कोई बाइक नहीं है। जब बाइक की तलाश की गई तो वह उसी स्थान पर पाई गई जहां दुर्घटना हुई थी। बाइक को वापस पुलिस स्टेशन ले जाया गया, लेकिन उस रात भी वही घटना फिर से हो गई। बाद में पुलिस को पता चला कि बाइक रात में अपने आप स्टार्ट हो गई और दुर्घटनास्थल के पास रुक गई। हर कोई बाइक कि इस कहानी को लेकर हैरान रह गया। एक ही तरह की घटना बार-बार होने पर पुलिस ने परिजनों को बाइक दे दी।

मंदिर बनाने का निर्णय लिया गया

जब ठाकुर जोग सिंह राठौड़ को इस घटना के बारे में पता चला, तो उन्होंने अपने बेटे ओम सिंह राठौड़ के सम्मान में एक मंदिर बनवाया। यह मंदिर अब बुलेट बाबा मंदिर के नाम से मशहूर है। सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि इस मंदिर में प्रसाद के रूप में लड्डुओं की जगह शराब परोसी जाती है और बाद में इसे प्रसाद के रूप में लोगों में बांटा जाता है। इसके अलावा, इस मंदिर को लेकर यह भी कहा जाता है कि जो कोई भी इस मंदिर में पूजा करता है उसका एक्सीडेंट नहीं होता है।

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