Afghanistan Pakistan Tensions: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। तालिबान सरकार ने दावा किया है कि पाकिस्तान की ओर से किए गए हवाई हमलों के जवाब में अफगान सेना ने 30 जून की देर रात पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में जवाबी कार्रवाई की। हालांकि, दोनों देशों की ओर से सामने आए दावों में बड़ा अंतर है और कई अहम बिंदुओं की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।
पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक के बाद बढ़ा विवाद| Afghanistan Pakistan Tensions
तालिबान सरकार के मुताबिक, पाकिस्तान ने 29 जून की रात अफगानिस्तान के तीन प्रांतों में एयरस्ट्राइक की थी। अफगान प्रशासन का दावा है कि इन हमलों में 36 आम नागरिकों की मौत हुई। इसी घटना के बाद 30 जून की रात करीब 11 बजे अफगानिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की। तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि करते हुए कहा कि उनके निशाने पर इस्लामिक स्टेट खोरासान (ISKP/ISIS-K) से जुड़े ठिकाने थे, न कि आम नागरिकों के इलाके।
अफगान रक्षा मंत्रालय ने क्या कहा?
अफगान रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, बलूचिस्तान के पिशीन जिले के सरनान बाजार इलाके में जिस इमारत को निशाना बनाया गया, वह ISKP और अन्य “उपद्रवी एवं भ्रष्ट नेटवर्क” का संयुक्त ठिकाना था। मंत्रालय का दावा है कि कार्रवाई पूरी तरह सटीक थी और नागरिक इलाकों को निशाना नहीं बनाया गया। मंत्रालय ने यह भी कहा कि खैबर पख्तूनख्वा के कंबर खेल और चित्राल क्षेत्रों में भी ISKP के ठिकानों को निशाना बनाया गया। हालांकि, इन दोनों स्थानों पर हमले के सफल होने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
पाकिस्तान का दावा अलग
दूसरी ओर पाकिस्तान से सामने आई रिपोर्टों में दावा किया गया है कि बलूचिस्तान में जिस इमारत पर हमला हुआ, वह कोई आतंकी ठिकाना नहीं बल्कि एक स्कूल था, जहां अफगान सेना के पूर्व सैनिक रह रहे थे। रिपोर्टों के मुताबिक, इस हमले में तीन पूर्व सैनिक घायल हुए हैं। इन रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि तालिबान के सत्ता में आने के बाद ये पूर्व सैनिक अहमद मसूद जूनियर के नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट (NRF) से जुड़े थे और पाकिस्तान ने उन्हें वर्ष 2023 में शरण दी थी।
पेशावर और क्वेटा में भी सामने आई घटनाएं
पेशावर के पास हसन खेल इलाके में एक रिहायशी मकान पर ड्रोन का मलबा गिरने की घटना भी सामने आई। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, इस घटना में एक महिला की मौत हो गई जबकि छह अन्य लोग घायल हुए, जिनका इलाज पेशावर के अस्पताल में चल रहा है। बताया गया कि ड्रोन को एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा इंटरसेप्ट किए जाने के बाद उसका मलबा मकान पर गिरा, जिससे नुकसान हुआ। वहीं, बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में भी एक मकान पर ड्रोन गिरने की खबर आई, लेकिन इस घटना की जिम्मेदारी अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने नहीं ली है। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
बढ़ सकता है सीमा पर तनाव
अफगानिस्तान लंबे समय से यह आरोप लगाता रहा है कि नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट (NRF) और ISKP मिलकर तालिबान के खिलाफ सक्रिय हैं। हालांकि, इन आरोपों को लेकर अलग-अलग पक्षों के अपने-अपने दावे हैं।






























