PCB denies India travel: भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे कूटनीतिक और राजनीतिक तनाव का असर एक बार फिर खेल के मैदान पर देखने को मिला है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने अपनी 50 साल से अधिक उम्र वाले खिलाड़ियों की वेटरन्स टीम को अगले साल जनवरी में भारत में होने वाले इंटरनेशनल मास्टर्स क्रिकेट वर्ल्ड कप में भाग लेने की अनुमति नहीं दी है। इस फैसले के चलते पाकिस्तान की टीम अपने वर्ल्ड कप खिताब का बचाव करने से चूक जाएगी।
डिफेंडिंग चैंपियन के हाथ से फिसला मौका| PCB denies India travel
पाकिस्तान की यह टीम टूर्नामेंट की मौजूदा चैंपियन है। पिछले साल श्रीलंका में खेले गए फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए इस टीम ने ट्रॉफी अपने नाम की थी। ऐसे में खिलाड़ी डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर भारत आकर मैदान में उतरने की पूरी तैयारी कर रहे थे। हालांकि, पीसीबी ने पाकिस्तान वेटरन्स क्रिकेट एसोसिएशन (PVCA) को दो टूक कह दिया है कि टीम को भारत दौरे और वहां खेलने की मंजूरी नहीं दी जाएगी।
सुरक्षा के आश्वासन के बावजूद लगा अड़ंगा
पाकिस्तान वेटरन्स क्रिकेट एसोसिएशन के प्रमुख फवाद इजाज ने इस फैसले की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि मेजबान भारत और टूर्नामेंट के आयोजकों की ओर से पाकिस्तानी खिलाड़ियों को समय पर वीजा जारी करने और कड़ी सुरक्षा देने का पूरा भरोसा दिया गया था। इन आश्वासनों के बाद ही एसोसिएशन ने पीसीबी, गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय से भारत जाने के लिए एनओसी (NOC) मांगी थी।
फवाद इजाज के अनुसार, पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी जो वर्तमान में पीसीबी चीफ की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं ने टीम को भारत जाने की इजाजत नहीं देने का अंतिम फैसला सुनाया। इसके बाद आयोजकों को औपचारिक तौर पर पाकिस्तान के हटने की जानकारी दे दी गई, ताकि वे किसी दूसरी टीम को शामिल कर तैयारियां आगे बढ़ा सकें।
खेल कूटनीति पर फिर भारी पड़ी तल्खी
यह पहला मौका नहीं है जब दोनों मुल्कों के तनावपूर्ण रिश्तों की गाज खिलाड़ियों पर गिरी हो। हाल ही में पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन ने भी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भाग लेने के लिए अपनी टीम को भारत भेजने से साफ मना कर दिया था, जिसके बाद टूर्नामेंट में पाकिस्तान की जगह बांग्लादेश को शामिल किया गया था।
दोनों देशों के बीच लंबे समय से द्विपक्षीय खेल सीरीज बंद हैं। क्रिकेट की बात करें तो दोनों टीमें केवल आईसीसी टूर्नामेंट्स या एशिया कप जैसे बहुपक्षीय मुकाबलों में ही आमने-सामने आती हैं, और वे मैच भी अक्सर दुबई या श्रीलंका जैसे न्यूट्रल वेन्यू पर ही खेले जाते हैं। ऐसे में वेटरन क्रिकेटरों के लिए खिताब बचाने का यह बड़ा मौका हाथ से निकल गया है।












































