Gurugram Hit and Run Case: साइबर सिटी के चर्चित हिट एंड रन मामले में गुरुग्राम पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस की विशेष टीमों ने मामले के मुख्य आरोपी कल्याण बैंसला को राजस्थान के दौसा से गिरफ्तार कर लिया है। महिला स्पोर्ट्स बाइकर शिवानी चौहान (सिया) की बाइक को टक्कर मारने के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था। पुलिस ने अब इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) भी जोड़ दी है।
क्या है पूरा मामला?
यह खौफनाक हादसा 13 सितंबर 2026 को गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड पर हुआ था। महिला स्पोर्ट्स बाइकर शिवानी चौहान (जो सोशल मीडिया पर ‘सिया’ के नाम से मशहूर हैं) अपने ग्रुप के साथ संडे राइड पर थीं। पीड़िता का आरोप है कि एक सफेद रंग की सियाज (Ciaz) कार में सवार कुछ युवक काफी देर से उनका पीछा कर रहे थे और उन्हें जबरन बाइक रोकने का इशारा कर रहे थे। सिया के विरोध करने पर आरोपी ड्राइवर ने लापरवाही और गुस्से में आकर उनकी अप्रिलिया (Aprilia RS 457) बाइक को साइड से जोरदार टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। यह पूरी घटना सिया के हेलमेट और बाइक पर लगे एक्शन कैमरे में लाइव रिकॉर्ड हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की है।
हिरासत में आरोपी (Gurugram Hit and Run Case)
राजस्थान के दौसा (राजगढ़) से हिरासत में लिए जाने के बाद, पुलिस की विशेष टीम आरोपी कल्याण बैंसला को गुरुग्राम ला रही है। यहाँ सेक्टर-56 थाने की पुलिस उससे गहन पूछताछ करेगी। पुलिस आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश करेगी। मामले की संवेदनशीलता और सबूतों (जैसे गाड़ी, फोन और घटना के समय मौजूद अन्य साथियों) को रिकवर करने के लिए पुलिस अदालत से आरोपी की पुलिस रिमांड मांगेगी।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और पीड़िता शिवानी चौहान (सिया) के बयानों के आधार पर प्राथमिकी (FIR) में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) जोड़ी गई है। इस गंभीर धारा के तहत पुलिस कोर्ट में सख्त चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल करने की तैयारी कर रही है, जिसमें 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।
होगी फोरेंसिक जांच
पुलिस आरोपी की सियाज (Ciaz) कार को जब्त कर चुकी है। अब फोरेंसिक टीम (FSL) कार और पीड़िता की अप्रिलिया बाइक का तकनीकी मुआयना करेगी ताकि यह साबित किया जा सके कि टक्कर जानबूझकर मारी गई थी। इसके अलावा, घटना के समय कार में मौजूद अन्य युवकों की पहचान कर उन्हें भी सह-आरोपी बनाया जा सकता है।
आरोपी कल्याण बैंसला ने पुलिस को दिए शुरुआती बयान में दावा किया था कि वह डर के मारे भागा था और टक्कर अनजाने में हुई थी। पुलिस आरोपी के इन दावों का मिलान पीड़िता के हेलमेट कैमरे में रिकॉर्ड हुए लाइव वीडियो फुटेज और गोल्फ कोर्स रोड पर लगे CCTV कैमरों से करेगी












































