Amazon Flipkart Cancellation Rules: त्योहारी सीजन की शुरुआत से ठीक पहले देश की दो सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों, Amazon और Flipkart ने प्लेटफॉर्म पर सामान बेचने वाले सेलर्स के लिए नियमों को काफी सख्त कर दिया है। दोनों कंपनियों ने अपने फीस और पेनल्टी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव किया है। अब अगर किसी सेलर की वजह से या उसकी तरफ से ग्राहक का ऑर्डर कैंसिल होता है, तो उसे भारी कैंसिलेशन चार्ज और जुर्माना भरना होगा। 10,000 रुपये तक के सामान्य ऑर्डर पर यह पेनल्टी 1,000 रुपये तक जा सकती है, भले ही उस प्रोडक्ट पर सेलर का प्रॉफिट मार्जिन महज 50 से 100 रुपये ही क्यों न हो।
खास बात यह है कि अब कैंसिलेशन फीस कैटेगरी आधारित रेफरल चार्ज से तय नहीं होगी, बल्कि सीधे पूरे ऑर्डर वैल्यू के हिसाब से वसूली जाएगी। छोटे और मध्यम कारोबारियों (MSME) का मानना है कि इस नए नियम से उन पर बेवजह का वित्तीय बोझ पड़ेगा।
Amazon ने बदला कैंसिलेशन फीस स्ट्रक्चर: 18% GST भी लगेगा| Amazon Flipkart Cancellation Rules
Amazon India ने अपने सेलर फोरम पर नोटिस जारी कर बताया है कि ‘Easy Ship’ और ‘Self Ship’ मॉडल का इस्तेमाल करने वाले सेलर्स के लिए कैंसिलेशन चार्ज का नया फॉर्मूला 17 अगस्त 2026 से लागू कर दिया गया है।
नए स्लैब के तहत:
- 10,000 रुपये तक के ऑर्डर पर: 10% फीस (अधिकतम 1,000 रुपये तक)।
- 10,001 से 50,000 रुपये तक के ऑर्डर पर: 8% फीस (अधिकतम 4,000 रुपये तक)।
- 50,001 से 1 लाख रुपये तक के ऑर्डर पर: 5% फीस (अधिकतम 5,000 रुपये तक)।
- 1 लाख रुपये से ऊपर के ऑर्डर पर: सीधे 2% फीस काटी जाएगी।
- इन सभी शुल्कों पर अलग से 18% GST भी देना होगा।
यह चार्ज तब लगेगा जब सेलर ग्राहक की रिक्वेस्ट के बिना अपनी मर्जी से ऑर्डर कैंसिल करेगा या फिर तय शिपिंग तारीख के 24 घंटे के भीतर डिस्पैच कंफर्म न करने पर सिस्टम खुद ऑर्डर कैंसिल कर देगा। इसके अलावा, फ्यूल और लॉजिस्टिक्स की बढ़ती लागत का हवाला देकर Amazon ने 7 सितंबर 2026 से क्लोजिंग फीस में भी 1 से 3 रुपये की बढ़ोतरी का ऐलान किया है।
Flipkart लाया 3-लेयर पेनल्टी सिस्टम
Flipkart ने भी 23 अगस्त 2026 से ऑर्डर डिस्पैच में देरी और कैंसिलेशन से निपटने के लिए तीन-स्तरीय (3-Layer) पेनल्टी नियम लागू किया है:
- तय ‘Dispatch By Date’ तक शिपमेंट पिकअप के लिए तैयार न होने पर 30 रुपये प्रति शिपमेंट जुर्माना।
- सेलर द्वारा सीधे ऑर्डर कैंसिल करने पर 60 रुपये प्रति शिपमेंट पेनल्टी।
- लगातार 3 डिस्पैच डेडलाइन मिस होने पर ऑर्डर ऑटो-कैंसिल होने पर 60 रुपये, जबकि देरी के बाद कैंसिल होने पर 90 रुपये प्रति शिपमेंट चार्ज लगेगा।
Flipkart ने अकाउंट लॉक करने का पुराना नियम हटाकर यह जुर्माना तय किया है, हालांकि नए सेलर्स को शुरुआती 3 महीने तक इससे छूट दी गई है।
कंपनियों का दावा बनाम छोटे सेलर्स का दर्द
कंपनियों का कहना है कि इस कदम का मकसद ग्राहकों को बेहतर शॉपिंग एक्सपीरियंस देना और सेलर्स को समय पर डिलीवरी के लिए प्रेरित करना है। Amazon का कहना है कि सेलर की तरफ से ऑर्डर कैंसिल होने की दर 1% से भी कम है और बेकसूर सेलर्स के बचाव के लिए सिस्टम में पूरे उपाय हैं। वहीं, ‘FIRST INDIA’ के ट्रस्टी विनोद कुमार और साथी सेलर्स का कहना है कि फेस्टिव सीजन से ठीक पहले यह फैसला छोटे कारोबारियों की कमर तोड़ देगा। कई बार पिकअप एजेंट के समय पर न आने या लॉजिस्टिक नेटवर्क फेल होने से देरी होती है, लेकिन इसका हर्जाना सीधे सेलर के खाते से काटा जाता है। एक्सपर्ट्स की मांग है कि मार्केटप्लेस को पेनल्टी लगाने में पारदर्शिता बरतनी चाहिए और गलत चार्जेस को चुनौती देने का आसान विकल्प देना चाहिए।
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