Vladimir Putin S Jaishankar meeting: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मॉस्को में भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ एक बेहद अहम बैठक की। इस मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने भारत और रूस के ऐतिहासिक रिश्तों को नई मजबूती देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिल खोलकर तारीफ की। पुतिन ने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों में जो आज मजबूती दिख रही है, उसके पीछे पीएम मोदी की व्यक्तिगत दिलचस्पी और उनकी लीडरशिप का बहुत बड़ा हाथ है। रूसी राष्ट्रपति ने विदेश मंत्री जयशंकर के जरिए पीएम मोदी तक अपना गर्मजोशी भरा संदेश भी पहुंचाया।
भारतीय किसानों के लिए रूस का बड़ा फैसला: बढ़ेगी उर्वरक की सप्लाई| Vladimir Putin S Jaishankar meeting
इस हाई-लेवल बैठक में भारतीय कृषि क्षेत्र और किसानों के हित से जुड़ा एक बड़ा फैसला सामने आया। राष्ट्रपति पुतिन ने भरोसा दिलाया कि रूस भारत को खाद (उर्वरक) की सप्लाई बढ़ाने के लिए हर जरूरी कदम उठा रहा है। उन्होंने साफ किया कि तेल और प्राकृतिक गैस के साथ-साथ उर्वरक की निरंतर आपूर्ति भी दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी का एक अहम हिस्सा है। भारत जैसे कृषि प्रधान देश के लिए यह भरोसा बेहद राहत देने वाला है, क्योंकि समय पर और सस्ती खाद मिलने से सीधे तौर पर किसानों की फसल उत्पादन क्षमता बढ़ती है और खेती की लागत में कमी आती है।
‘व्यापार में आई गिरावट के बाद अब दिख रही तेज रिकवरी’
राष्ट्रपति पुतिन ने दोनों देशों के आर्थिक आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि साल 2025 में द्विपक्षीय व्यापार में कुछ गिरावट जरूर दर्ज की गई थी, लेकिन अब इसमें तेजी से सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस ट्रेड रिकवरी का मुख्य श्रेय पीएम मोदी के उस विजन को जाता है, जिसके तहत वे भारत-रूस संबंधों पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान दे रहे हैं। इसके साथ ही पुतिन ने जल्द पीएम मोदी से मिलने की इच्छा भी जताई। उन्होंने संकेत दिया कि शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के आगामी सम्मेलनों के दौरान या फिर इस साल के अंत तक दोनों शीर्ष नेताओं के बीच द्विपक्षीय शिखर बैठक हो सकती है।
ऊर्जा, तकनीक और परमाणु क्षेत्र में बढ़ेगी साझेदारी
रूसी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि भारत और रूस का रिश्ता सिर्फ तेल, गैस या पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं है। दोनों देश अब परमाणु ऊर्जा, हाई-टेक सेक्टर, रक्षा और अत्याधुनिक तकनीक जैसे क्षेत्रों में भी अपने सहयोग को तेजी से विस्तार दे रहे हैं। जयशंकर और पुतिन की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक चुनौतियों के बीच दोनों देश अपनी दशकों पुरानी रणनीतिक दोस्ती को नए आर्थिक आयाम दे रहे हैं।












































