Agra health news: पेट फूलने की शिकायत को अक्सर लोग गैस या अपच से जोड़कर देखते हैं, लेकिन हर बार इसकी वजह सामान्य नहीं होती। उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज में पेट में पानी भरने यानी एसाइटिस की समस्या से जूझ रहे मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। वरिष्ठ गैस्ट्रोलॉजिस्ट डॉ. राघव सिंघल के मुताबिक, बदलती लाइफस्टाइल, खान-पान की गलत आदतें और शराब का ज्यादा सेवन इस समस्या के अहम कारणों में शामिल हैं।
पेट में जमा होने लगता है तरल पदार्थ| Agra health news
एसाइटिस की स्थिति में पेट के अंदर तरल पदार्थ जमा होने लगता है। इसकी वजह से समय के साथ पेट का आकार बढ़ता जाता है और कई बार यह शरीर के बाकी हिस्सों की तुलना में काफी बड़ा दिखाई देने लगता है। मरीज को पेट में भारीपन और दर्द के साथ कमजोरी महसूस हो सकती है। ज्यादा पानी जमा होने पर सांस लेने में भी परेशानी होने लगती है।
डॉ. सिंघल के अनुसार, ऐसे मरीजों का शरीर कई बार अपेक्षाकृत पतला नजर आता है, जबकि पेट असामान्य रूप से फूला हुआ दिखाई देता है। यही अंतर एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। इसलिए लगातार बढ़ते पेट को सिर्फ गैस मानकर छोड़ना सही नहीं है।
पेट फूलने के तीन बड़े कारण
न्यूज 18 में लिखी रिपोर्ट के मुताबिक, पेट फूलने की समस्या के पीछे मुख्य रूप से तीन तरह की वजहें हो सकती हैं। पहली वजह खान-पान से बनने वाली गैस है, जिससे कुछ समय के लिए पेट फूला हुआ महसूस होता है। दूसरी वजह कम खाना या भोजन की मात्रा में बदलाव हो सकती है। इससे पाचन प्रभावित होने पर भी पेट फूलने की शिकायत हो सकती है।
तीसरी वजह ज्यादा गंभीर है और वह पेट में पानी भरना यानी एसाइटिस है। इस स्थिति में लक्षण लगातार बने रह सकते हैं और पेट का आकार भी बढ़ता जाता है। ऐसे संकेत मिलने पर मरीज को खुद से इसे गैस मानकर इलाज करने के बजाय डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
शराब के साथ टीबी और कैंसर भी वजह
डॉ. सिंघल के मुताबिक, पेट में पानी भरने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें लंबे समय तक शराब का अत्यधिक सेवन एक प्रमुख वजह है। ज्यादा शराब पीने से लिवर को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। जब लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होती है तो शरीर में तरल पदार्थ का संतुलन बिगड़ सकता है और पेट में पानी जमा होने की स्थिति बन सकती है।
इसके अलावा टीबी और कुछ मामलों में कैंसर भी एसाइटिस की वजह बन सकते हैं। इसलिए पेट का लगातार बढ़ना किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। पेट में भारीपन, दर्द, भूख कम लगना, कमजोरी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
समय पर जांच और इलाज जरूरी
डॉ. राघव सिंघल ने लोगों को शराब से दूरी बनाने, संतुलित खान-पान रखने और वजन को नियंत्रित रखने की सलाह दी है। नियमित व्यायाम के साथ समय-समय पर लिवर की जांच कराना भी जरूरी बताया गया है।
उन्होंने कहा कि अगर पेट लगातार फूल रहा है या उसका आकार सामान्य से ज्यादा बढ़ रहा है, तो इसे मामूली गैस समझकर टालना ठीक नहीं है। समय रहते जांच होने से समस्या की असली वजह का पता लगाया जा सकता है और जरूरत के मुताबिक इलाज शुरू किया जा सकता है। लक्षण नजर आने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना गंभीर स्थिति बनने से रोकने में मददगार हो सकता है।













































