Bollywood on CJP protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च को लेकर दिल्ली में जारी प्रदर्शन अब सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहा है। इस मुद्दे पर अब बॉलीवुड की कई हस्तियां भी खुलकर अपनी राय रख रही हैं। फिल्ममेकर अनुराग कश्यप, अभिनेत्री हुमा कुरैशी और भूमि पेडनेकर ने प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। वहीं, CJP ने भी प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान करते हुए लोगों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की है।
दरअसल, CJP ने जंतर-मंतर से संसद तक मार्च का आह्वान किया था। पार्टी का कहना है कि प्रदर्शनकारी पिछले एक महीने से जंतर-मंतर पर डटे हुए थे और सोमवार को बड़ी संख्या में लोग संसद की ओर बढ़ने के लिए जुटे। इस दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए। सुरक्षा बलों ने भीड़ को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद पूरे घटनाक्रम को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई।
हुमा कुरैशी ने जताई चिंता| Bollywood on CJP protest
अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई को लेकर चिंता जताई। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि दिनभर सामने आई तस्वीरें उन्हें लंबे समय तक याद रहेंगी। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के साथ हुई कथित बर्बरता और लाठीचार्ज देखकर उन्हें बेहद दुख हुआ। हुमा ने लिखा कि हालात को अधिक धैर्य, संवाद और बातचीत के जरिए संभाला जा सकता था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में नागरिकों को सवाल पूछने और जवाबदेही की उम्मीद करने का अधिकार है। उनके मुताबिक, हर मुद्दे पर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी भी नागरिक की बात सम्मानपूर्वक सुनी जानी चाहिए।
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अनुराग कश्यप ने पुलिस पर उठाए सवाल
फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप ने भी इंस्टाग्राम पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए लिखा कि क्या देश में कोई ऐसा पुलिसकर्मी है जो गलत आदेश का पालन करने से इनकार कर सके। उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हो रही है।
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भूमि पेडनेकर ने शिक्षा व्यवस्था पर जताई चिंता
अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने भी लंबा नोट साझा करते हुए कहा कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकती। उन्होंने लिखा कि देश के युवाओं के प्रति समाज की जिम्मेदारी है कि कोई भी आंदोलन हिंसा की राह पर न जाए और अपने मूल उद्देश्य से न भटके। भूमि ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत संवाद है। उनके मुताबिक, कमजोर और पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए शिक्षा ही बेहतर भविष्य की सबसे बड़ी उम्मीद होती है और उस भरोसे को टूटने नहीं देना चाहिए।
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उन्होंने आगे कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में कई सुधारों की जरूरत है। पेपर लीक, परीक्षाओं में अनियमितताएं, समान अवसरों की कमी, शिक्षकों की कमी और छात्रों पर बढ़ता मानसिक दबाव जैसे मुद्दों पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है।
CJP ने फिर किया प्रदर्शन का आह्वान
उधर, CJP ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि पुलिस कार्रवाई के बावजूद उसके प्रदर्शनकारी फिर से जंतर-मंतर लौट आए हैं। पार्टी ने लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील करते हुए इसे “अभी या कभी नहीं” का समय बताया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। इस बीच, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, जिन्हें सप्ताहांत में तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस अस्पताल ले गई थी, अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने पर सहमत हो गए हैं। हालांकि उन्होंने इसके लिए तीन शर्तें रखी हैं, जिनका विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।































