Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद से आज पांच बड़ी और महत्वपूर्ण खबरें सामने आ रही हैं, जो सीधे तौर पर शहर की व्यवस्था, सुरक्षा और आम जनता से जुड़ी हैं। एक तरफ जहां विद्युत निगम ने 29 जून तक बकाया बिल न चुकाने पर बिजली कनेक्शन काटने की सख्त चेतावनी दी है, वहीं आज से NH-9 पर तीन दिवसीय बड़ा रूट डायवर्जन भी लागू हो गया है।
शिक्षा जगत की बात करें तो जिले के 22 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच नीट परीक्षा संपन्न हुई, लेकिन सख्त नियमों के चलते कई छात्र परीक्षा से वंचित रह गए। इसी बीच दो बेहद दर्दनाक घटनाएं भी सामने आई हैं-दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर हरिद्वार से लौट रहे श्रद्धालुओं की बस का भीषण एक्सीडेंट हुआ है और विजयनगर में परीक्षा के तनाव के चलते एक नीट छात्र ने खुदकुशी कर ली, तो चलिए इस लेख के जरिए इन सभी खबरों को विस्तार से जानते हैं।
29 जून तक नहीं भरा बिजली का बिल तो होगी परेशानी
क्या आप भी गाजियाबाद में रहते हैं और आपका बिजली का बिल बकाया है? तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। विद्युत विभाग ने भारी बकाएदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए 29 जून की समयसीमा तय की है। तय तारीख तक बिल न भरने पर सीधे कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी। तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं कि कैसे आप घर बैठे सिर्फ 2 मिनट में अपना बिल जमा कर इस बड़ी परेशानी से बच सकते हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम (PVVNL) ने सख्त रुख अपना लिया है। भीषण गर्मी में बिजली चोरी और भारी बकाए को देखते हुए विभाग ने वसूली अभियान तेज कर दिया है। सभी उपभोक्ताओं को 29 जून 2026 तक अपना बकाया बिजली बिल अनिवार्य रूप से जमा करने की चेतावनी दी गई है, ऐसा न करने पर बिना किसी नोटिस के कनेक्शन काट दिया जाएगा।
आप बिना किसी लाइन में लगे डिजिटल माध्यमों से अपना बिल जमा कर सकते हैं, UPPCL की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ‘बिल भुगतान’ (Bill Payment) विकल्प से तुरंत भुगतान करें। गूगल प्ले स्टोर से UPPCL Consumer App डाउनलोड कर उपभोक्ता आईडी के जरिए लॉगिन करें। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम (PVVNL) के आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर 7859804803 पर Hi लिखकर भेजें और बिल डाउनलोड व भुगतान करें। 29 जून 2026 अंतिम तिथि है, आखिरी समय में सर्वर पर लोड बढ़ने से पेमेंट अटक सकती है।
यदि एक बार कनेक्शन कट गया, तो आपको पूरा बकाया बिल भरने के साथ-साथ रिकनेक्शन चार्ज (Reconnection Fee) भी अलग से देना होगा। यदि आपके घर में स्मार्ट मीटर लगा है, तो ऐप के जरिए अपनी दैनिक खपत चेक करते रहें और बैलेंस माइनस में जाने से पहले रिचार्ज कर लें।
9.3% छात्रों की छूटी परीक्षा (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद में नीट (NEET-UG) परीक्षा कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हो गई है, जिसमें 9.3% छात्रों की परीक्षा छूट गई। जिले के 22 केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में कुल पंजीकृत 9,866 परीक्षार्थियों में से 923 छात्र अनुपस्थित रहे। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की सख्त गाइडलाइंस के कारण केंद्रों पर परीक्षा शुरू होने से ठीक 30 मिनट पहले, यानी दोपहर 1:30 बजे गेट बंद कर दिए गए, जिससे देर से पहुंचे कई छात्रों को को एंट्री नहीं मिली, जिससे केंद्रों के बाहर परिजनों ने नाराजगी जताई।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक, गाजियाबाद के 22 परीक्षा केंद्रों पर जून 2026 में आयोजित हुई नीट (NEET-UG) परीक्षा में कुल पंजीकृत 9,866 छात्रों में से 923 की परीक्षा छुट गई। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA)द्वारा कड़ी सुरक्षा और नए नियमों के बीच आयोजित इस परीक्षा में 8,943 छात्र शामिल हुए। दोपहर 2 बजे से शुरु होने वाली परीक्षा के लिए नेशनल टेस्टिंग के नियमानुसार दोपहर 1:30 बजे गेट बंद कर दिए गए।
परीक्षा केंद्रों पर ठीक 30 मिनट पहले एंट्री बंद होने के कारण कुछ छात्र महज 5 से 10 मिनट की देरी से पहुंचे, जिन्हें सख्त गाइडलाइंस के चलते अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। इसके चलते केंद्रों के बाहर छात्रों और परिजनों ने हंगामा भी किया।
गाजियाबाद के जिलाधिकारी (DM) रविंद्र कुमार मादंड के अनुसार, शुचिता बनाए रखने के लिए सभी 22 केंद्रों पर 350 से अधिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। परीक्षा केंद्रों को पूरी तरह CCTV कैमरों की निगरानी में रखा गया था। इसके अलावा जिला मुख्यालय पर बने स्पेशल कंट्रोल रूम से पल-पल की लाइव मॉनिटरिंग की गई। केंद्रों पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, जैमर्स और गहन चेकिंग (Frisking) के बाद ही छात्रों को रोल नंबर अलॉटेड क्लासरूम में जाने दिया गया।
छात्रों के अनुसार फिजिक्स का सेक्शन काफी लंबा (Lengthy) और पिछली परीक्षा की तुलना में ज्यादा कठिन था। बायोलॉजी का पेपर काफी आसान और केमिस्ट्री का स्तर सामान्य (Moderate) रहा।
तीन दिनों के लिए रूट डायवर्जन प्लान लागू
अगर आप आज NH-9 या गाजियाबाद के रास्तों से सफर करने वाले हैं, तो सावधान हो जाइए! यातायात पुलिस ने आज यानी 23 जून से अगले तीन दिनों के लिए एक बड़ा रूट डायवर्जन प्लान लागू कर दिया है। मुरादनगर और गढ़मुक्तेश्वर में लग रहे भारी मेलों के कारण ट्रकों की एंट्री शहर में बंद रहेगी। घर से निकलने से पहले जान लीजिए कि आपको किन रास्तों से होकर गुजरना है और पुलिस ने आपके लिए क्या वैकल्पिक रास्ते तैयार किए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गढ़मुक्तेश्वर में गंगा दशहरा मेले और मुरादनगर में छठा शक्ति मेला आयोजित होने के कारण यातायात पुलिस ने NH-9 और गाजियाबाद के प्रमुख मार्गों पर आज, 23 जून सुबह 6:00 बजे से लेकर 25 जून 2026 (बृहस्पतिवार) की शाम तक तीन दिवसीय भारी वाहनों का रूट डायवर्जन लागू कर दिया है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए शहर के अंदर जाम की स्थिति से बचने के लिए भारी व्यावसायिक वाहनों (ट्रकों) के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है।
इन क्षेत्रों में भारी वाहनों की एंट्री बंद
मुरादनगर, मोदीनगर, गाजियाबाद शहर और लोनी की तरफ आने वाले सभी भारी व्यावसायिक वाहनों (ट्रकों) की एंट्री पूरी तरह बंद रहेगी।
अमरोहा, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों से आने-जाने वाले भारी वाहनों को डायवर्ट किया गया है।
डासना से डायवर्जन: मुरादाबाद और लखनऊ की तरफ जाने वाले सभी भारी वाहनों को डासना से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) की ओर मोड़ दिया जाएगा। EPE के रास्ते ये वाहन सिकंदराबाद, बुलंदशहर, डिबाई, नरौरा और बबराला होते हुए अपने गंतव्य तक जा सकेंगे।
ध्यान रहे कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा NH-09 (गाजियाबाद से सराय काले खां कैरिजवे) पर पहले से ही मेंटेनेंस और कारपेटिंग का काम चल रहा है। इस वजह से लेन सीमित होने के कारण पीक आवर्स (Peak Hours) में हल्के वाहनों की गति भी धीमी रह सकती है, इसलिए अतिरिक्त समय लेकर ही घर से निकलें।
सड़क हादसे में पिकअप चालक की मौत, 13 श्रद्धालु घायल (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) पर एक भीषण सड़क हादसे में पिकअप चालक की मौत हो गई, जबकि 13 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा भोजपुर थाना क्षेत्र के पास उस समय हुआ, जब हरिद्वार से गंगा स्नान कर राजस्थान के धौलपुर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी बस को एक तेज रफ्तार पिकअप वैन ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया है।
मीडिया द्वारा मिली जामकारी के मुताबिक, गाजियाबाद के दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) पर भोजपुर क्षेत्र के पास हरिद्वार से गंगा स्नान कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी बस को एक तेज रफ्तार पिकअप वैन ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण सड़क हादसे में पिकअप वैन के चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बस में सवार 13 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
बस में सवार सभी यात्री राजस्थान के धौलपुर के रहने वाले हैं, जो हरिद्वार से गंगा स्नान करने के बाद वापस अपने घर लौट रहे थे। मंगलवार सुबह जब श्रद्धालुओं से भरी बस दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भोजपुर थाना क्षेत्र के पास पहुंची, तभी पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार पिकअप गाड़ी ने बस में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। सूचना मिलते ही भोजपुर थाना पुलिस और एक्सप्रेसवे की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल और मेरठ के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां 3 यात्रियों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए वाहनों की रफ्तार थम गई और लंबा जाम लग गया। पुलिस ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बस और पिकअप वैन को हाईवे से हटाकर किनारे किया, जिसके बाद यातायात को पूरी तरह सुचारू रूप से बहाल कर दिया गया है।
परीक्षा के दबाव, पेपर लीक ने छीन ली एक और जिंदगी
लगातार बढ़ता दबाव, नीट परीक्षा को लेकर उपजा विवाद और लंबे संघर्ष के बाद हाथ लगी निराशा ने गाजियाबाद में एक और युवा जिंदगी को छीन लिया है। विजयनगर क्षेत्र में रहकर पिछले कई वर्षों से डॉक्टर बनने का सपना देख रहे एक छात्र ने मानसिक तनाव के चलते अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। पुलिस को छात्र के कमरे से एक वीडियो संदेश मिला है, जो उसके भीतर चल रहे मानसिक अवसाद की गवाही दे रहा है। आइए जानते हैं क्या है यह पूरी घटना और क्यों हमारे देश के छात्र इस कदर गहरे तनाव में डूबते जा रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गाजियाबाद के विजयनगर इलाके में एक 22 वर्षीय नीट (NEET) छात्र की मृत्यु का दुखद मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, छात्र पिछले कई वर्षों से मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था और आगामी पुन: परीक्षा (Re-test) से पहले उसका शव उसके आवास पर पाया गया। छात्र पिछले 6 वर्षों से नीट परीक्षा के लिए कड़ा परिश्रम कर रहा था। परिजनों और शुरुआती जांच के अनुसार, लंबे समय तक परीक्षा में सफलता न मिल पाने और हालिया परीक्षा विवादों के कारण वह गहरे मानसिक तनाव और अवसाद (Depression) से जूझ रहा था।
स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। पुलिस को छात्र के मोबाइल फोन से एक वीडियो संदेश प्राप्त हुआ है, जिसमें उसने अपनी मानसिक स्थिति और इस कदम के पीछे के कारणों का उल्लेख किया है। पुलिस इस वीडियो की प्रमाणिकता और घटना के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
छात्र के पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह मामला अत्यधिक मानसिक तनाव के कारण उठाया गया आत्मघाती कदम प्रतीत होता है।
यह घटना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के बीच बढ़ते मानसिक स्वास्थ्य संकट की ओर इशारा करती है। परीक्षा के दबाव, पेपर लीक विवाद और अनिश्चितता ने कई छात्रों के मानसिक संतुलन पर गहरा प्रभाव डाला है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में छात्रों को शैक्षणिक सहायता के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक परामर्श की भी अत्यंत आवश्यकता है।





























