Altaf Raja: एक जिद और हाथ से निकल गया 90 के दशक का सबसे सुपरहिट गाना! हम बात कर रहे ब्लॉकबस्टर गाने ‘अखियों से गोली मारे’ की। आखिर क्यों अल्ताफ राजा ने ठुकराया ये गाना, जिसका उन्हें बाद में भारी अफसोस हुआ? पर वो कहते हैं ना… ‘अब पछताए होत का, जब चिड़िया चुग गई खेत’! तो चलिए इस लेख के जरिए जानते है कि आखिर क्यों ठुकराया
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समीर अंजान ने किया खुलासा
इस अनसुने किस्से की जिसका खुलासा खुद इस गाने के मशहूर लिरिसिस्ट समीर अंजान ने कुछ समय पहले एक पॉडकास्ट में किया था। समीर अंजान ने बताया कि साल 1997 में जब देश के कोने-कोने में सिंगर अल्ताफ राजा (Altaf Raja) की आवाज गूंज रही थी। उनका कव्वाली एल्बम ‘तुम तो ठहरे परदेसी’ रिलीज होते ही इतिहास रच चुका था। इस एक एल्बम की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री ने अल्ताफ राजा को रातों-रात देश का सबसे बड़ा स्टार बना दिया। इस बेमिसाल कामयाबी के बाद अल्ताफ राजा का रूतबा इतना बढ़ गया कि उन्होंने अपनी फीस आसमान पर पहुंचा दी और वे हर गाने के लिए मोटी रकम चार्ज करने लगे।
इसी दौरान साल 1998 में निर्देशक हरमेश मल्होत्रा गोविंदा और रवीना टंडन के साथ फिल्म ‘दूल्हे राजा’ बना रहे थे। फिल्म के एक खास गाने ‘अंखियों से गोली मारे’ के लिए मेकर्स की पहली पसंद अल्ताफ राजा ही थे। जब डायरेक्टर गाना लेकर अल्ताफ राजा के पास पहुंचे, तो उन्होंने गाने के लिए इतनी भारी-भरकम फीस मांग ली, जो मेकर्स के पूरे बजट से बाहर थी। मेकर्स ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन अपनी सफलता के नशे में चूर अल्ताफ राजा टस से मस नहीं हुए और फीस न मिलने पर गाना गाने से साफ इनकार कर दिया।
गाने ने सफलता के तोड़े सारे रिकॉर्ड
अल्ताफ राजा (Altaf Raja) के इस इनकार के बाद मेकर्स ने उस दौर के उभरते हुए युवा सिंगर सोनू निगम को अप्रोच किया। सोनू निगम ने बिना कोई नखरा दिखाए आनंद-मिलिंद के संगीत में जसपिंदर नरूला के साथ मिलकर इस गाने को रिकॉर्ड कर दिया।
बाकी जो हुआ, वह इतिहास बन गया है.. गोविंदा और रवीना का मैजिक ऐसा चला कि रिलीज होते ही इस गाने ने सफलता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। गोविंदा और रवीना टंडन के डांस स्टेप्स ने इसे भारत का ‘आइकॉनिक डांस नंबर’ बना दिया। और करीब तीन दशक बीत जाने के बाद भी यह गाना हर शादी, पार्टी और क्लब की पहली पसंद बना हुआ है।
इस गाने की छप्परफाड़ कामयाबी और सोनू निगम को मिली लोकप्रियता को देखकर अल्ताफ राजा दंग रह गए। अल्ताफ राजा (Altaf Raja) को अपनी गलती का अहसास हुआ। इस शानदार चांस को खोने के बाद उनके पास अफसोस के अलावा कुछ नहीं बचा। इस एक गलत फैसले के बाद बॉलीवुड में अल्ताफ राजा का दौर धीरे-धीरे ढल गया, जबकि सोनू निगम इस गाने के बाद देश के सबसे पसंदीदा प्लेबैक सिंगर बन गए। कहते हैं कि वक्त और मौका हर किसी का दरवाजा एक ही बार खटखटाते हैं, और अल्ताफ राजा ने अपनी जिद में वह मौका हमेशा के लिए गंवा दिया।
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