Laptop on lap Side Effects: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लैपटॉप हमारा सबसे करीबी साथी बन चुका है। अगर आप भी वर्क फ्रॉम होम या ऑफिस का काम अक्सर बेड या सोफे पर बैठकर, लैपटॉप को अपनी गोद (Lap) में रखकर करते हैं, तो सावधान हो जाइए। आराम के चक्कर में हम अक्सर इसे टेबल पर रखने के बजाय अपनी गोद में रख लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपका यह कम्फर्ट जोन आपको बीमार बना रहा है?
आपकी यह छोटी सी आदत आपकी सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, लैपटॉप से निकलने वाली हीट और रेडिएशन सीधे आपके शरीर को प्रभावित करते हैं, जिससे पुरुषों में इनफर्टिलिटी (बांझपन) से लेकर त्वचा की गंभीर बीमारियां तक हो सकती हैं। तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं कि डॉक्टरों का इस आदत को लेकर क्या कहना है और इससे बचने के सही तरीके क्या हैं।
आजकल वर्क फ्रॉम होम और लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करना हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। ऐसे में ज्यादातर लोग आराम के लिए लैपटॉप को सीधे गोद में रखकर काम करना पसंद करते हैं। यह तरीका भले ही आसान और आरामदायक लगे, लेकिन लगातार ऐसा करना आपकी सेहत पर बुरा असर डाल सकता है।
दिल्ली के PSRI अस्पताल के सीनियर कंसलटेंट और फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. लक्षय भक्तियानी के मुताबिक, इसे सीधे तौर पर जानलेवा या खतरनाक कहना सही नहीं होगा, लेकिन अगर लंबे समय तक गलत पोश्चर (तरीके) से लैपटॉप गोद में रखकर काम किया जाए, तो शरीर में कई तरह की गंभीर मस्कुलोस्केलेटल (हड्डियों और मांसपेशियों से जुड़ी) परेशानियां शुरू हो सकती हैं।
त्वचा पर पड़ सकता है बुरा असर
लैपटॉप इस्तेमाल करने के दौरान काफी गर्मी पैदा करता है। जब इसे सीधे पैरों या गोद में रखा जाता है, तो यह गर्मी त्वचा तक पहुंचती रहती है। इससे त्वचा में जलन, लालपन और खुजली जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ लोगों में लंबे समय तक ऐसा करने से टोस्टेड स्किन सिंड्रोम (Toasted Skin Syndrome) भी देखा गया है। इसमें त्वचा पर जालीनुमा काले या भूरे निशान बनने लगते हैं। मेडिकल भाषा में इसे ‘एरीथेमा एब इग्ने’ (Erythema ab igne) कहा जाता है।
गर्दन, कंधे और पीठ में दर्द (Laptop on lap Side Effects)
गोद में लैपटॉप रखकर काम करने से हमारा पोश्चर बिगड़ जाता है। स्क्रीन देखने के लिए गर्दन नीचे झुकानी पड़ती है, जिससे गर्दन और कंधों पर दबाव बढ़ता है। लंबे समय तक इसी पोजिशन में बैठने से पीठ दर्द, गर्दन में अकड़न और मांसपेशियों में तनाव की समस्या हो सकती है। चिकित्सा विज्ञान में इसे ‘टेक्स्ट नेक सिंड्रोम’ (Text Neck Syndrome) कहा जाता है। आगे चलकर यह समस्या रीढ़ की हड्डी से जुड़ी गंभीर दिक्कतों में बदल सकती है।
पुरुषों की हेल्थ पर असर (Laptop on lap Side Effects)
कुछ रिसर्च में यह बात सामने आई है कि लैपटॉप से निकलने वाली गर्मी पुरुषों की रिप्रोडक्टिव हेल्थ पर असर डाल सकती है। लगातार ज्यादा गर्मी के संपर्क में रहने से शुक्राणुओं (Sperm) की संख्या और उनकी गुणवत्ता प्रभावित होने की संभावना बताई गई है। हालांकि इस विषय पर अभी और व्यापक रिसर्च की जरूरत है, लेकिन हेल्थ विशेषज्ञ सुरक्षा के लिहाज से सावधानी बरतने की सलाह जरूर देते हैं।
कलाई और हाथों के लिए सही नहीं!
जब लैपटॉप गोद में रखा होता है, तो हाथों और कलाई की पोजिशन सही नहीं रहती। लंबे समय तक इसी तरह असहज स्थिति में टाइपिंग करने से कलाई में दर्द, हाथों में खिंचाव और नसों में तनाव की समस्या हो सकती है। लापरवाही बरतने पर यह कार्पल टनल सिंड्रोम (Carpal Tunnel Syndrome) जैसी बीमारी का रूप ले सकती है।
कैसे करें बचाव? (Laptop on lap Side Effects)
अगर आपको लंबे समय तक लैपटॉप पर काम करना पड़ता है, तो कुछ आसान आदतें अपनाकर इन सभी समस्याओं से आसानी से बचा जा सकता है:
- टेबल या स्टैंड का उपयोग करें: लैपटॉप को सीधे गोद में रखने के बजाय हमेशा टेबल या लैपटॉप स्टैंड का ही इस्तेमाल करें।
- लैपटॉप डेस्क या कुशन ट्रे: यदि मजबूरी में गोद में रखकर काम करना पड़े, तो नीचे कुशन ट्रे या लैपटॉप पैड जरूर लगाएं ताकि गर्मी सीधे शरीर तक न पहुंचे।
- छोटे-छोटे ब्रेक लें: लगातार बैठने के बजाय हर 30 से 40 मिनट के काम के बाद एक छोटा ब्रेक लें और थोड़ा वॉक करें।
- स्ट्रेचिंग करें: काम के दौरान बीच-बीच में गर्दन, कंधों और कलाई को हल्का स्ट्रेच करते रहें ताकि मांसपेशियों में अकड़न न हो।
- आई-लेवल (Eye Level) सही रखें: हमेशा कोशिश करें कि लैपटॉप की स्क्रीन आपकी आंखों के समानांतर हो, ताकि गर्दन को ज्यादा नीचे न झुकाना पड़े।





























