US Indian Mangoes News: एक तरफ जहां जापान और नेपाल ने भारतीय आमों के आयात पर रोक लगा दी है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका में भारतीय आमों की लोकप्रियता लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। हालात ऐसे हैं कि अमेरिका के कई बड़े शहरों में भारतीय आम स्टोर पर पहुंचते ही कुछ घंटों के भीतर बिक जा रहे हैं। केसर, अल्फांसो, लंगड़ा और दशहरी जैसी लोकप्रिय किस्मों की मांग इतनी बढ़ गई है कि ग्राहकों को इन्हें खरीदने के लिए पहले से जानकारी जुटानी पड़ रही है।
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा का कहना है कि भारतीय आम अब सिर्फ भारतीय मूल के लोगों की पसंद नहीं रह गए हैं, बल्कि अमेरिकी नागरिक भी इनके स्वाद के दीवाने होते जा रहे हैं।
यादों से जुड़ा स्वाद, अब अमेरिका में भी आसानी से उपलब्ध| US Indian Mangoes News
भारतीय मूल के लोग लंबे समय से गर्मियों में भारत आकर आमों का स्वाद लेने की परंपरा निभाते रहे हैं। अल्फांसो, केसर, लंगड़ा और दशहरी जैसे आम उनके बचपन और पारिवारिक यादों का हिस्सा रहे हैं। लेकिन अब वही स्वाद अमेरिका के बड़े-बड़े रिटेल स्टोर्स तक पहुंच गया है। विनय क्वात्रा ने कहा कि अमेरिका में रहने वाले भारतीयों के लिए आम सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि गर्मियों की यादों से जुड़ा एक भावनात्मक अनुभव है। अब खुशी की बात यह है कि जो स्वाद पहले केवल भारत में मिलता था, वह अब अमेरिका में भी आसानी से उपलब्ध हो रहा है।
‘मैंगो मैजिक’ कार्यक्रम में दिखा भारतीय आम का क्रेज
हाल ही में सिएटल में भारतीय वाणिज्य दूतावास की ओर से ‘मैंगो मैजिक’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में 100 से अधिक आयातकों, वितरकों और बड़े रिटेल स्टोर्स के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में अमेरिकी रिटेल दिग्गज कॉस्टको के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इस दौरान लोगों को भारत की सात प्रमुख प्रीमियम आम किस्मों का स्वाद चखाया गया। इनमें महाराष्ट्र के अल्फांसो और केसर, आंध्र प्रदेश के बंगनपल्ली और हिमायत, उत्तर प्रदेश के लंगड़ा और दशहरी तथा गुजरात के राजापुरी आम शामिल थे।
वॉशिंगटन राज्य के लेफ्टिनेंट गवर्नर डेनी हेक ने भी राज्य में भारतीय आमों की बढ़ती उपलब्धता का स्वागत किया। कार्यक्रम में कई राजनयिक, कारोबारी और राजनीतिक हस्तियां भी शामिल हुईं।
कॉस्टको स्टोर्स में मचा आम खरीदने का उत्साह
भारतीय आमों की लोकप्रियता का सबसे बड़ा उदाहरण मई महीने में देखने को मिला, जब कॉस्टको ने पहली बार अपने कुछ अमेरिकी स्टोर्स में भारतीय केसर आमों की खेप उपलब्ध कराई। यह खेप सिएटल, लॉस एंजिलिस, न्यू जर्सी और लास वेगास जैसे शहरों में भेजी गई थी। कॉस्टको अधिकारियों के मुताबिक, आम स्टोर पर पहुंचने के केवल दो घंटे के भीतर ही पूरा स्टॉक बिक गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने स्टोर्स में आमों की उपलब्धता से जुड़ी जानकारी साझा करनी शुरू कर दी।
कई ग्राहकों ने भारतीय आमों को “भारतीय गर्मियों की पहचान” बताया, जबकि कुछ लोगों ने कहा कि दुनिया में भारतीय आमों के स्वाद की कोई बराबरी नहीं है।
भारतीय मूल के लोगों तक सीमित नहीं रही मांग
राजदूत विनय क्वात्रा के अनुसार, भारतीय आमों की लोकप्रियता अब केवल भारतीय समुदाय तक सीमित नहीं है। अमेरिकी उपभोक्ता भी इन आमों के स्वाद और गुणवत्ता को पसंद कर रहे हैं। यही वजह है कि हर साल इनकी मांग बढ़ती जा रही है।
दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक है भारत
भारत दुनिया में आम उत्पादन के मामले में पहले स्थान पर है। देश में हर साल 26 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक आम पैदा होते हैं और यहां आम की 1,000 से ज्यादा किस्में पाई जाती हैं। अमेरिका में भारतीय आमों का निर्यात 18 साल के लंबे प्रतिबंध के बाद वर्ष 2007 में दोबारा शुरू हुआ था। तब से लेकर अब तक भारतीय आमों की मांग लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में अमेरिकी बाजार में भारतीय आमों की हिस्सेदारी और मजबूत हो सकती है।






























