किसान आंदोलन का हिस्सा बनीं युवती के साथ रेप? मौत के बाद मामले ने पकड़ा तूल, इन 6 लोगों पर दर्ज हुआ केस

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 10 May 2021, 12:00 AM | Updated: 10 May 2021, 12:00 AM

नए कृषि कानून के विरोध बीते कई महीनों से चल रहा किसान आंदोलन एक बार फिर से चर्चाओं में आ गया है। दरअसल, किसान आंदोलन में शामिल होने पश्चिम बंगाल से आई एक युवती की कोरोना के चलते मौत हो गई। लेकिन लड़की की मौत के बाद इस मामले ने एक बेहद ही बड़ा खुलासा हुआ है। 

दरअसल, बताया जा रहा है कि आंदोलन का हिस्सा बनी युवती के साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया गया है। युवती के पिता की तहरीर पर पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने टिकरी बॉर्डर पर किसान सोशल आर्मी चलाने वाले अनूप और अनिल मलिक सहित 6 के खिलाफ केस दर्ज किया। 

कोरोना संक्रमण से युवती की मौत

मिली जानकारी के मुताबिक 11 अप्रैल को युवती आरोपियों के साथ पश्चिन बंगाल से दिल्ली आई थीं। आंदोलन का हिस्सा बनने के दौरान ही उसके साथ रेप की घटना को अंजाम दिया गया। 30 अप्रैल को कोरोना संक्रमण की वजह से युवती की मौत हो गई। मौत से 4 दिनों पहले युवती को शिवम अस्पताल में एडमिट कराया गया था, जहां बलात्कार की बात सामने आई। 

कई धाराओं में केस दर्ज

आरोप ये लगे है कि टिकरी बॉर्डर पर किसान सोशल आर्मी चला रहे अनूप और अनिल मलिक के साथ 4 लोगों ने युवती के सात रेप किया। पिता की शिकायत पर फरीदाबाद पुलिस ने IPC की धारा 365, 342, 354, 376 और 120 B के तहत केस दर्ज किया।

सभी आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म और इसके साथ में अपहरण, ब्लैकमेलिंग, बंधक बनाने और धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज किया। पुलिस ने अभी 4 लोगों के साथ दो आंदोलन से जुड़ी महिला वॉलंटियर को इस केस में आरोपी बनाया, जिसमें अनिल मालिक, अनूप सिंह, अंकुश सांगवान, जगदीश बराड़, कविता आर्य और योगिता सुहाग के नाम शामिल है। 

इस पूरे मामले की जांच करने के लिए DSP के नेतृत्व में तीन इंस्पेक्टर और साइबर सेल को मिलाकर SIT बनाई गई है। शहर थाना प्रभारी ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की बात कही है। 

वहीं इस पूरे मामले के तूल पकड़ने और केस दर्ज होने के बाद टिकरी बॉर्डर पर आंदोलन कर रही आंदोलनकारी महिलाओं ने दोनों आरोपियों से पल्ला झाड़ा है। उनकी तरफ से एक बयान जारी कर ये कहा गया है कि दोनों ही आरोपी कभी संयुक्त किसान मोर्चा का हिस्सा नहीं थे। महिला आंदोलनकारियों ने कहा कि वो इस मामले में पीड़िता के पिता का पूरी तरह साथ देते हैं। सरकार को इस मामले में निष्पक्ष रूप से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। 

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