Amitabh Bachchan News: बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन 80 की उम्र पार करने के बाद भी उतनी ही ऊर्जा के साथ काम कर रहे हैं, जितनी अपने शुरुआती दिनों में दिखती थी। हाल ही में मंगलवार तड़के उन्होंने अपने ब्लॉग में खुलकर बताया कि आखिर क्यों वे रातों की नींद कुर्बान करके लगातार काम में जुटे रहते हैं। उनकी यह बातें फैंस के बीच चर्चा का विषय बन गई हैं।
“काम नींद से ज्यादा जरूरी है…”
अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में लिखा कि इस समय उनके लिए सुबह की नींद का कोई खास असर नहीं रह गया है। उनके शब्दों में, “इस समय सुबह नींद का कोई असर नहीं होता। क्यों? क्योंकि काम नींद से ज्यादा जरूरी है…” हालांकि इसके साथ ही उन्होंने डॉक्टरों की सलाह का भी जिक्र किया, जो कहते हैं कि कम से कम सात घंटे की नींद हर इंसान के लिए जरूरी है।
उन्होंने आगे लिखा कि नींद के दौरान शरीर खुद को रिपेयर करता है, आराम करता है और दोबारा ऊर्जा जुटाता है। लेकिन इसके बावजूद उनका सवाल यही रहा कि ऐसे में काम और आराम के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।
संगीत और रात की खामोशी से जुड़ा भावनात्मक रिश्ता| Amitabh Bachchan News
अपने ब्लॉग में बिग बी ने सिर्फ काम ही नहीं, बल्कि अपनी रातों की दुनिया का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि काम खत्म करने के बाद वे ईबी ब्लॉग से जुड़े रहते हैं, लेकिन रात की खामोशी में स्लाइड गिटार और सितार की धुनें उन्हें एक अलग ही दुनिया में ले जाती हैं।
उनके मुताबिक, यह संगीत सिर्फ धुन नहीं बल्कि आत्मा को छूने वाली अनुभूति है। उन्होंने लिखा कि यह वो अदृश्य धागा है जो इंसान उनके शब्दों में, “यह को किसी बड़ी शक्ति से जोड़ देता है। भीतर के तारों को झकझोर देता है।” उन्होंने सात स्वरों की भी तारीफ की, जिन्हें उन्होंने दुनिया के हर संगीत का आधार बताया।
स्टीव जॉब्स का जिक्र और फोकस की सीख
कुछ दिन पहले भी अमिताभ बच्चन ने एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स का हवाला देते हुए एक विचार साझा किया था। उन्होंने लिखा था कि काम में फोकस बेहद जरूरी है और सोशल मीडिया या अन्य चीजें कई बार ध्यान भटकाने का काम करती हैं।
उन्होंने जॉब्स के विचार को दोहराते हुए कहा था कि जब इंसान पूरी तरह फोकस करता है तो उसे सिर्फ वही काम आगे बढ़ाता है जो जरूरी होता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि सही समय “कल या बाद में नहीं, बल्कि अभी” होता है।
बढ़ती उम्र और काम को लेकर मन की दुविधा
अमिताभ बच्चन ने हाल ही में यह भी स्वीकार किया था कि बढ़ती उम्र के साथ काम करने की चुनौती और भी कठिन हो जाती है। उन्होंने अपने ब्लॉग में लिखा था कि उनके जैसे लोग, जो खुद को “क्रिएटिव” नहीं मानते, उनके लिए सुबह का समय बिना रुकावट के निकालना मुश्किल होता है।
उन्होंने यह भी बताया था कि उन्हें एक सहयोगी से पता चला कि सुबह के शुरुआती घंटे क्रिएटिव काम के लिए सबसे बेहतर होते हैं, लेकिन उनके लिए यह सोच थोड़ा अलग अनुभव लेकर आती है।
संघर्ष से सफलता तक का लंबा सफर
अमिताभ बच्चन की यह मेहनत और काम के प्रति लगन उनके पूरे करियर से जुड़ी हुई है। 1970 के दशक में ‘एंग्री यंग मैन’ के रूप में बॉलीवुड पर राज करने वाले बिग बी ने 1990 के दशक में आर्थिक और पेशेवर तौर पर मुश्किल दौर भी देखा। उनकी कंपनी एबीसीएल के असफल होने के बाद उन्हें दिवालिया तक होना पड़ा था। लेकिन इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और दोबारा इंडस्ट्री में वापसी कर एक नया इतिहास रच दिया। आज भी 80 की उम्र के बाद वे फिल्मों, शो और ब्लॉगिंग के जरिए लगातार सक्रिय हैं।
फैंस के लिए प्रेरणा बने बिग बी
अमिताभ बच्चन की यह बातें एक बार फिर यह दिखाती हैं कि उम्र सिर्फ एक नंबर है। उनके लिए काम आज भी उतना ही जरूरी है जितना किसी युवा कलाकार के लिए। हालांकि वे खुद भी मानते हैं कि शरीर को आराम की जरूरत होती है, लेकिन उनका जुनून उन्हें लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।
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