Brajesh Pathak news: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से एक अहम अपील की थी, जिसमें उन्होंने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और कारपूलिंग अपनाने, वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता देने, सोने की खरीद टालने और विदेश यात्राएं सीमित करने की बात कही थी। पीएम की इस अपील का मकसद संभावित वैश्विक आर्थिक दबाव और जंग जैसे हालात के असर से देश की अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखना बताया गया।
हालांकि इस अपील के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस पर सवाल उठाए और इसे सरकार की नीतिगत विफलता से जोड़ दिया। इसी को लेकर अब उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कड़ा पलटवार किया है।
विपक्ष पर ब्रजेश पाठक का तीखा हमला | Brajesh Pathak news
ब्रजेश पाठक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव की सोच नकारात्मक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री देशहित में सीमित संसाधनों के इस्तेमाल की अपील कर रहे हैं, तो विपक्ष इसे भी राजनीति का मुद्दा बना रहा है। उनका कहना था कि यह वही मानसिकता है जो हर राष्ट्रीय मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश करती है। पाठक ने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेताओं की “राजनीतिक कुंठा और निराशा” अब खुलकर सामने आ रही है।
पीएम की अपील को दोहराया
डिप्टी सीएम ने अपने बयान में प्रधानमंत्री की अपील को विस्तार से दोहराते हुए लोगों से इसे गंभीरता से अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा दिया जाए और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल किया जाए। इसके अलावा उन्होंने सुझाव दिया कि एक साल तक सोने की खरीद टाली जाए, खाने के तेल का उपयोग सीमित किया जाए और विदेशी ब्रांडेड उत्पादों के बजाय स्वदेशी वस्तुओं को अपनाया जाए।
राहुल गांधी जी और अखिलेश यादव जी को अब समझ लेना चाहिए कि आप दोनों की मानसिकता ही नकारात्मक हो गई है। फिर चाहे मुद्दा राष्ट्रहित का ही क्यों न हो। हमारे यशस्वी मा० प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी ने देशहित में अपने राष्ट्र के प्रिय परिवारीजनों से कुछ समय के लिए सीमित…
— Brajesh Pathak (@brajeshpathakup) May 11, 2026
ब्रजेश पाठक ने यह भी कहा कि कार के कम इस्तेमाल, कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के उपयोग से भी देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम किया जा सकता है। उन्होंने घरों में सोलर पैनल और इंडक्शन कुकिंग जैसी तकनीकों को अपनाने की भी बात कही।
अखिलेश यादव का हमला
इससे पहले अखिलेश यादव ने पीएम की अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि देश में आर्थिक संकट “लाया गया है, आया नहीं है।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्टाचार और गलत नीतियों के कारण देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बना रही है। अखिलेश ने यह भी कहा कि अब सरकार “आपदा में अवसर” खोजने की स्थिति में नहीं है। उनके इस बयान के बाद भाजपा नेताओं ने विपक्ष पर पलटवार शुरू कर दिया।
देश में आर्थिक संकट आया नहीं है, भाजपा ने अपने भ्रष्टाचार से लाया है।
अब आपदा में अवसर खोजने की शक्ति चली गयी क्या।
भ्रष्टाचार से इतना पेट भर गया है कि अब बचकर निकलना चाहते हैं।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 11, 2026
सियासी माहौल गरमाया
प्रधानमंत्री की आर्थिक अपील अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गई है। एक तरफ सरकार इसे देशहित और आर्थिक सुरक्षा से जोड़कर देख रही है, वहीं विपक्ष इसे नीतिगत विफलता बता रहा है। कुल मिलाकर, यह मामला अब सिर्फ आर्थिक सलाह तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सियासी आरोप-प्रत्यारोप का नया केंद्र बन गया है।




























