Surya Chauhan Ghaziabad Murder: खोड़ा थाना क्षेत्र में हुए चर्चित सूर्यप्रताप उर्फ सूर्या हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी और अब धीरे-धीरे इसकी परतें खुलती जा रही हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नवाब (45), उसका बेटा फरहान (19) और आतिफ (19) के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरी वारदात की जड़ एक मामूली विवाद था, जो बाद में बदले और साजिश में बदल गया। खास बात यह है कि इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद को पुलिस ने पहले ही एक मुठभेड़ में मार गिराया था। असद पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था।
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बाइक विवाद से शुरू हुआ तनाव, हत्या तक पहुंचा मामला| Surya Chauhan Ghaziabad Murder
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी फरहान ने कई अहम खुलासे किए हैं। उसके अनुसार, 28 मई की दोपहर करीब 3 बजे असद और सूर्या के बीच बाइक चलाने को लेकर कहासुनी हुई थी। मामूली बहस धीरे-धीरे झगड़े में बदल गई और फिर यहीं से पूरी साजिश की नींव रखी गई। फरहान ने बताया कि झगड़े के बाद असद ने अपने पिता नवाब और साथी फरहान को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद तीनों ने मिलकर सूर्या को “सबक सिखाने” की योजना बनाई। करीब आधे घंटे बाद, दोपहर लगभग 3:30 बजे, सूर्या को नवनीत विहार की गली नंबर-4 में बुलाया गया और वहां घेर लिया गया।
चाकू फरहान ने दिया, हमला असद ने किया
पुलिस पूछताछ में फरहान ने यह भी स्वीकार किया कि उसने ही असद को चाकू उपलब्ध कराया था। इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे इलाके को हिला दिया। घटना के दौरान मौजूद असद के पिता नवाब पर आरोप है कि उन्होंने अपने बेटे को उकसाते हुए कहा था,“आज इसकी कहानी खत्म कर दे।” इसी बात के बाद असद ने सूर्या पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर दिया।
हमले में सूर्या के पेट में कई वार किए गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। कुछ ही मिनटों में उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही जिंदगी ने साथ छोड़ दिया
स्थानीय लोगों की मदद से सूर्या को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना के बाद इलाके में गुस्से और डर का माहौल बन गया। फरहान के मुताबिक, हमले के बाद सभी आरोपी मौके से यह समझकर फरार हो गए कि सूर्या की मौत हो चुकी है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज की और तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय इनपुट और पूछताछ के आधार पर नवाब, फरहान और आतिफ को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि इस केस में कई अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। इस बीच, मुख्य आरोपी असद को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। बताया गया कि वह लगातार फरार था और उस पर इनाम घोषित था। मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हो गया था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सख्त बयान
इस घटना का जिक्र उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजनौर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भी किया। उन्होंने कहा कि “दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” सीएम ने कड़े शब्दों में कहा कि ऐसी घटनाओं में शामिल “नालायक तत्वों” को सबक सिखाना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार कानून का राज स्थापित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी तरह की अराजकता को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जांच जारी, कई पहलुओं पर पुलिस की नजर
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या इस वारदात में और लोग भी शामिल थे। इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कैसे मामूली विवाद भी आपराधिक साजिश में बदलकर एक युवा की जिंदगी छीन सकता है।





























