PM Modi Viral Video: जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर अपशब्दों का इस्तेमाल करने वाले कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। कुछ वीडियो में युवतियां भी आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करती हुई नजर आईं। प्रदर्शन खत्म होने के बाद पुलिस ने ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार रात 11 बजकर 6 मिनट पर एक वीडियो संदेश जारी कर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि वह गालियां देने वाले बच्चों को माफ करना चाहते हैं और समाज से भी उन्हें सुधारने का मौका देने की अपील की।
‘मुझे ही नहीं, मेरी दिवंगत मां को भी गालियां दी गईं’ PM Modi Viral Video
अपने वीडियो संदेश की शुरुआत प्रधानमंत्री ने हमेशा की तरह “हाय फ्रेंड्स” कहकर की। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर जो कुछ हुआ, उसे देश और दुनिया ने देखा। उनके मुताबिक कुछ शरारती बच्चों ने ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया जो किसी भी सभ्य समाज के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकती। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से गालियां दी गईं और उनकी स्वर्गीय मां के लिए भी अपमानजनक शब्द बोले गए।
Abuses never solve anything.
Let’s guide the misguided.
Let’s work together.
Let’s work for Bharat. pic.twitter.com/yAePG60KYL
— Narendra Modi (@narendramodi) July 31, 2026
उन्होंने कहा कि यह सब बेहद दुखद था, लेकिन वह इस घटना को केवल नाराजगी के नजरिए से नहीं देखना चाहते। उनके अनुसार बचपन और युवावस्था में कई बार गलतियां हो जाती हैं और यही वह समय होता है जब सुधार का अवसर भी दिया जाना चाहिए।
‘गुमराह बच्चों को सजा नहीं, सही दिशा देने की जरूरत’
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह समाज के भीतर मौजूद आक्रोश को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा कि कई लोगों के लिए यह एक “कल्चरल शॉक” है कि देश की बेटियां इस तरह की भाषा बोलती हुई दिखाई दीं। इसके बावजूद उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे बच्चों को अदालतों और सजा के रास्ते पर धकेलने के बजाय उन्हें अपनाकर सही दिशा दिखानी चाहिए।
उन्होंने कहा, “ये बच्चे हमारे ही हैं। इन्हें गले लगाकर सही राह दिखाना हमारा काम है। अगर हम इन्हें केवल सजा देंगे या समाज से अलग कर देंगे, तो हालात नहीं बदलेंगे। मैं उन्हें माफ करना चाहता हूं और चाहता हूं कि समाज भी मेरी इस भावना को स्वीकार करे।”
‘गलतियों से सीखो और देश के साथ आगे बढ़ो’
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार दांतों के बीच जीभ आ जाती है और उससे खून निकल आता है, लेकिन कोई अपने दांत नहीं तोड़ता क्योंकि दांत और जीभ दोनों अपने ही होते हैं। उसी तरह ये बच्चे भी हमारे अपने हैं और उन्हें सही रास्ता दिखाना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी गलतियों से सीखें, कुछ नया करें, अपने सपनों को पूरा करें और देश के विकास में भागीदार बनें। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश लगातार आगे बढ़ रहा है और उनका सपना है कि देश का हर युवा भी उसी गति से आगे बढ़े।
अब पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
प्रधानमंत्री के माफी वाले बयान के बाद अब सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई को लेकर उठ रहा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले कई लोगों के खिलाफ अलग-अलग जगहों पर मामले दर्ज किए जा चुके हैं। ऐसे में चर्चा है कि क्या प्रधानमंत्री की अपील का असर इन मामलों पर पड़ेगा या पुलिस कानूनी प्रक्रिया के तहत अपनी कार्रवाई जारी रखेगी। फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
अभिजीत दिपके ने उठाए सवाल
वहीं दूसरी ओर, प्रधानमंत्री के वीडियो के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी वीडियो संदेश जारी कर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल किया कि यदि प्रधानमंत्री ने संबंधित बच्चों को माफ कर दिया है तो क्या उनके खिलाफ दर्ज मामले भी वापस लिए जाएंगे। एक अन्य वीडियो में दिपके ने यह भी पूछा कि क्या उन आईटी सेल सदस्यों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज होगी, जिन पर वर्षों से महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार और अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने के आरोप लगते रहे हैं।
Will FIRs also be filed against the IT cell members who have abused women in the worst possible manner for all these years? pic.twitter.com/xaz26nmt0C
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 31, 2026
बीजेपी नेताओं और आईटी सेल पर लगाए आरोप
अभिजीत दिपके ने अपने बयान में कहा कि यदि गाली-गलौज और अभद्र भाषा के मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई की जाए तो सबसे ज्यादा मामले बीजेपी के आईटी सेल से जुड़े लोगों और उन नेताओं के खिलाफ दर्ज होंगे, जिन्होंने उनके आरोपों के मुताबिक वर्षों से सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया है। उन्होंने यह भी कहा कि कानून का इस्तेमाल सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए।
पहले भी पीएम के वीडियो पर कर चुके हैं टिप्पणी
यह पहली बार नहीं है जब अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री के किसी वीडियो संदेश पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी हो। इससे पहले हाल ही में पेपर लीक विरोधी कानून पर प्रधानमंत्री के वीडियो के बाद भी उन्होंने सोशल मीडिया पर टिप्पणी की थी। उस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री की त्वचा को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा था कि उनकी त्वचा देश के भविष्य से ज्यादा चमकदार है। वहीं, प्रधानमंत्री ने उस वीडियो में नए कानून को परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम बताया था।
































