भारत ने पाकिस्तान में Surgical Strike करके लिया था शहीद जवानों का बदला
सर्जिकल स्ट्राइक (Surgical Strike) ये नाम सुनते ही हर हिंदुस्तानी का सर फक्र से उठ जाता है। ये एक ऐसा ऑपरेशन था जब भारत (India) की सेना ने सीमा पार पाकिस्तान (pakistan) में जाकर यहां पर पल रहे आतंकियों को मारा था और इस ऑपरेशन को भारत ने इस तरह अंजाम दिया कि पाकिस्तान को इसकी भनक तक नहीं लग सकी।
भारत ने 18 शहीद जवानों का लिया था बदला
दरअसल, 18 सितंबर 2016 को जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में आतंकी हमला हुआ था और इस हमले में 18 जवान शहीद हो गए थे। जिसके बाद सरकार ने 11 दिनों में अपने देश की सेना पर हुए हमले का बदला लिया। भारत ने आतंकियों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक (Surgical Strike) का प्लान बनाया और ये दिन था 29 सितंबर।
29 सितंबर को भारतीय सेना ने सीमा पार 3 किमी तक घुसकर पाकिस्तान में बने आतंकी शिविरों को खत्म कर दिया। वहीं इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने 35 से 70 आतंकियों को मौत के घाट उतारा था और इस ऑपरेशन को अंजाम देने के बाद भारतीय सेना अपनी सीमा रेखा के अंदर सही-सलामत लौट आई।
ऐसे हुआ सर्जिकल स्ट्राइक
भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक को ऑपरेशन के लिए पैरा मिलिट्री स्पेशल फोर्स की चौथी और 9वीं बटालियन की तीन से चार टीमों के 70-80 सैनिक को चुना जो पाकिस्तान सीमा में घुस गए। उन्हें कवर देने के लिए बॉर्डर पर जमकर फाइरिंग की गई थी। 29 सितंबर की आधी रात को इस गोलीबारी की आड़ में भारतीय जवान एलओसी पार कर गए। उन्होंने पैदल पाकिस्तान की सरजमीं में 1-3 किमी अंदर घुसकर आतंकी शिविरों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। उन्होंने कई रॉकेट लॉन्चर और हैंड ग्रेनेड से इन शिविरों को बर्बाद कर डाला साथ ही कई आतंकियों को भी मौत के घाट उतार दिया इसके बाद फिर ये सभी टीमें दोबारा भारत की सीमा रेखा के अंदर वापस लौट आईं और इस पूरे ऑपरेशन में हमारा सिर्फ एक जवान घायल हुआ था।
वहीं इस ऑपरेशन को सर्जिकल स्ट्राइक इसलिए कहा गया क्योंकि इसमें कोलेट्रल डैमेज नहीं के बराबर हुआ था और पाकिस्तान को इस ऑपरेशन की खबर तक नही हुई।
वहीं पाकिस्तान इस बात को कभी नहीं माना कि उनके देश में भारतीयों ने सर्जिकल स्ट्राइक जैसे ऑपरेशन को अंजाम दिया है लेकिन भारत के साथ विदेशी मीडिया ने इस ऑपरेशन को लेकर सफाई दी कि भारतीयों द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक ऑपरेशन हुआ है।





























