Zayed Khan mother funeral controversy: जायद खान ने तोड़ी चुप्पी, मां के अंतिम संस्कार विवाद पर कही यह बड़ी बात

Nandani | Nedrick News Published: 30 मार्च 2026, 07:34 PM Updated: 30 मार्च 2026, 07:34 PM
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Zayed Khan mother funeral controversy: पिछले साल जरीन खान के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार को लेकर सोशल मीडिया पर काफी बहस हुई थी। जरीन खान, जो पारसी मूल की थीं और संजय खान के साथ शादीशुदा जीवन जी रही थीं, का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार किया गया। इस फैसले पर कई लोगों ने सवाल उठाए और सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आईं। अब जरीन खान के बेटे जायद खान ने इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए परिवार की स्थिति साफ की है।

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मां की आखिरी इच्छा का सम्मान | Zayed Khan mother funeral controversy

जायद खान ने जूम को दिए इंटरव्यू में बताया कि परिवार ने केवल उनकी मां की आखिरी इच्छा का सम्मान किया। उन्होंने कहा, “जब बात किसी की आखिरी ख्वाहिश की हो, तो वहां मजहब से ज्यादा इंसानियत और प्यार मायने रखता है। हमारे घर में इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है।”

जायद ने आगे बताया कि उनका परिवार हमेशा से यह मानता रहा है कि धर्म एक निजी मामला है। उन्होंने कहा, “हमारे लिए यह जरूरी नहीं कि कोई हमारा धर्म देखकर हमारी छवि बनाए। हम खुद को सेक्युलर परिवार मानते हैं और इसे दूसरों को बताने की कोई जरूरत नहीं है।”

मां की आखिरी ख्वाहिश

जायद ने याद किया कि कैसे उनकी मां ने अपनी अंतिम ख्वाहिश उनके सामने रखी थी। उन्होंने कहा, “एक दिन मां नदी के किनारे बैठीं और कहा कि अगर कभी मैं चली जाऊं, तो मेरी अस्थियां इस नदी की लहरों में बहें। वह बस आजाद होना चाहती थीं।”

जायद ने जोर देकर कहा कि मां की इच्छा पूरी करना ही उनका फर्ज था। उन्होंने कहा, “मां की आखिरी ख्वाहिश जो भी हो, उसे पूरा करना हमारा कर्तव्य है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि दुनिया क्या कहती है या लोग कितनी आलोचना करें।”

परिवार में धर्म की भूमिका

जायद खान ने यह भी बताया कि उनके घर में स्टाफ और परिवार के सदस्य अलग-अलग धार्मिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आते हैं। उनका परिवार न केवल उनके रहने-खाने का ध्यान रखता है, बल्कि बच्चों की पढ़ाई और भविष्य के लिए भी मदद करता है। उन्होंने कहा, “हमारे परिवार में यह मान्यता है कि धर्म निजी मामला है। कौन सा धर्म अच्छा है या बुरा, इस तरह की बातों की कोई जगह नहीं है।”

जरीन खान का जीवन और फिल्मी करियर

जरीन खान का निधन 7 नवंबर, पिछले साल हुआ था। 81 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कहा। उन्होंने 1963 में फिल्म ‘तेरे घर के सामने’ से बॉलीवुड में कदम रखा और 1966 में संजय खान से शादी की। पारसी मूल होने के बावजूद जायद खान ने उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार हिंदू रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया। जायद ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय केवल उनकी मां की इच्छा को सम्मान देने के लिए लिया गया था, न कि किसी धर्म या सामाजिक दबाव के चलते।

समाज में इंसानियत को महत्व

जायद खान का संदेश साफ है कि किसी की अंतिम ख्वाहिश और इंसानियत धर्म से ऊपर है। उन्होंने कहा, “हमारी प्राथमिकता हमेशा प्यार और इंसानियत रही है। दुनिया क्या सोचती है, यह मायने नहीं रखता।”

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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