ये हैं 90 के दशक की बेहतरीन सदाबहार गज़लें

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 25 मई 2023, 05:30 AM Updated: 25 मई 2023, 05:30 AM
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Evergreen Ghazals of 90s in Hindi – लोगों से अक्सर ये बात सुनी होगी कि गाने तो 90 के दशक बनते थे एवरग्रीन जो कभी भी सुन सकते हैं.  ऐसा ही 90 के दशक के गज़ल को लेकर भी कहा जाता है. दरअसल, ग़ज़ल को गीत के बिना गा सकते हैं लेकिन गीत को गजल बना कर नहीं गा सकते हैं। जिसकी वजह से ग़ज़ल खूब पसंद की जाती है. वहीं 90 के दशक की ग़ज़ल भी खूब पसंद की जाती है.  वहीं इस पोस्ट के जरिये हम आपको 90 के दशक की बेहतरीन सदाबहार ग़ज़लें के बारे ममे बताने जा रहे हैं.

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तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो है- Evergreen Ghazals of 90s

तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो, क्या गम है जिसको छुपा रहे हो, आंखों में नमी, हंसी लबों पर, क्या हाल है क्या दिखा रहे हो, क्या गम है जिसको छुपा रहे हो… इस ग़ज़ल को जगजीत सिंह ने साल 1983 में आयी फिल्म अर्थ में इस गजल को गया था. इस ग़ज़ल को राइटर कैफ़ी आजमी ने लिखा था और इस को फिल्म में शबाना आजमी और राज किरण पर फिल्माया गया था.

तुमको देखा तो ये ख्याल आया 

तुमको देखा तो ये ख्याल आया, जिंदगी धूप तुम घना छाया, आज फिर दिल ने इक तमन्ना की, आज फिर दिल को हमने समझाया. इस गजल को जगजीत और चित्र ने मिलकर गाया था. 1982 में आयी फिल्म साथ-साथ में फारुख शेख और दीप्ति नवल पर फिल्माया गया था. इस गजल को जावेद अख्तर ने लिखा था. इसको भी लोगों ने काफी ज्यादा पसंद किया था.

वो कागज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी

ये दौलत भी ले लो, ये शोहरत भी ले लो, भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी, मगर मुझको लौटा दो बचपन का सावन, वो कागज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी शायद ही कोई ऐसा हो जिसने जगजीत सिंह की इस गजल को नहीं सुना हो. हिंदी फिल्म ‘आज’ में जगजीत और चित्र ने गाया था. इसे सुदर्शन फ़कीर ने लिखा था. इस गजल में लोगों को अपने बचपन से लेकर जवानी तक की हर पल की याद आता है.

चिट्ठी ना कोई सन्देश – Evergreen Ghazals of 90s

चिट्ठी ना कोई सन्देश, जाने वो कौन सा देश, जहां तुम चले गए, इस दिल पे लगा के ठेस, जाने वो… साल 1998 में संजय दत्त और काजोल स्टारर फिल्म दुश्मन में इस गजल को गाया गया था. इस गजल को जगजीत ने उत्तम सिंह के साथ गाया था. इस गजल को काजोल पर फिल्माया गया है. गजल को लोगों ने काफी ज्यादा पसंद किया था. इस गजल को आनंद बख्शी ने लिखा था.

होंठों से छू लो तुम 

होंठों से छू लो तुम, मेरा गीत अमर कर दो, बन जाओ मीत मेरे, मेरी प्रीत अमर कर दो, होंठों से छू लो तुम. इस ग़ज़ल को फिल्म प्रेमगीत में एक्टर राज बब्बर पर फिल्माया गया ये गीत भी लोगों ने काफी पसंद किया था. इस गीत को भी जगजीत सिंह ने अपनी आवाज देकर इसे अमर कर दिया. आज भी ये गजल काफी सुना जाता है.

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