Lal Bahadur Yadav: प्रतापगढ़ में कद्दावर सपा नेता की सड़क हादसे में मौत, जानिए कौन थे लाल बहादुर यादव और उनका राजनीतिक सफर

Shikha Mishra | Nedrick News Partapgarh Published: 16 फ़रवरी 2026, 03:07 PM Updated: 16 फ़रवरी 2026, 03:07 PM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

Lal Bahadur Yadav: उत्तर प्रदेश (UP) के प्रतापगढ़ (Pratapgarh) से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। रविवार को प्रतापगड़ में पेट्रोल पंप (petrol pump) के पास 65 फुट ऊंचा लोहे का खंभा लगाया जा रहा था जो अचानक से सपा नेता लाल बहादुर यादव (Lal Bahadur Yadav) की कार पर गिर गया। जिसके कारण कार में मौजुद समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के नेता का मौके पर ही निधन हो गया। पास में लगे सीसीटीवी (CCTV) में ये पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई।

और पढ़े: Bhubaneswar Bomb Blast: भुवनेश्वर में छत पर धमाका! क्रूड बम बनाते वक्त मुख्य आरोपी और मां की मौत, शहर में दहशत

घर से सिर्फ 500 मीटर दूर हुआ हादसा

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि लाल बहादुर यादव (Lal Bahadur Yadav) अपने निजी काम से बाबूगंज (Babuganj) से प्रतापगढ़ (Pratapgarh) शहर की ओर कार से जा रहे थे। जब वे पेट्रोल पंप के पास पहुंचे, तभी यह हादसा हो गया। बता दें कि यह जगह उनके घर से सिर्फ 500 मीटर की दूरी पर ही थी।

क्रेन का पट्टा टूटने से गिरा भारी खंभा

वहां मौजुद लोगों के अनुसार बताया जा रहा है कि पेट्रोल पंप के सामने भारत पेट्रोलियम का करीब 40 क्विंटल वजन वाला खंभा क्रेन से लगाया जा रहा था। इसी दौरान अचानक क्रेन का पट्टा टूट गया और पट्टा टूटने की वजह से भारी खंभा उनकी कार पर गया। खंभा गिरते ही कार बुरी तरह दब गई और अंदर बैठे लाल बहादुर यादव (Lal Bahadur Yadav) गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार का दरवाजा तोड़कर लाल बहादुर यादव को बाहर निकाला और तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

और पढ़े: Kinnar Akhada Event Bhopal: भोपाल में महाशिवरात्रि पर किन्नर अखाड़ा का बड़ा आयोजन, 500 किन्नरों ने की ‘घर वापसी’ की घोषणा

पुलिस ने शुरू की जांच

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि खंभा लगाने के दौरान सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए गए थे या नहीं और कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई।

कौन है लाल बहादुर यादव

लाल बहादुर यादव (Lal Bahadur Yadav) के जन्म की कोई सटीक तिथि उपलब्ध नहीं है, लेकिन फरवरी 2026 में उनकी मृत्यु के समय उनकी आयु 48 वर्ष थी, जिससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि उनका जन्म 1977-78 के आसपास हुआ था। वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश (UP) के प्रतापगढ़ जिले (Pratapgarh) के अंतू थाना क्षेत्र के निवासी थे और उनका पैतृक घर भी इसी क्षेत्र में स्थित था। वे अपने परिवार में सबसे बड़े थे। उनके परिवार में चार बेटियां, एक बेटा, दो भाई और एक बहन हैं। इस हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

लाल बहादुर का राजनीतिक सफर

लाल बहादुर यादव (Lal Bahadur Yadav) का राजनीतिक और सामाजिक सफर जमीनी स्तर के संघर्ष से जुड़ा रहा। वे लंबे समय से समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के एक निष्ठावान और सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में पहचाने जाते थे। उन्होंने अपने सफर की शुरुआत एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में की और अंत तक पार्टी के प्रति समर्पित रहे। उन्होंने प्रतापगढ़ (Pratapgarh) की अंतू नगर पंचायत (Antu Nagar Panchayat) से अध्यक्ष पद का चुनाव भी लड़ा। हालांकि उन्हें जीत हासिल नहीं हुई, लेकिन क्षेत्र में सपा को मजबूत करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। जिले में उन्हें एक ‘कद्दावर’ और मिलनसार नेता के रूप में जाना जाता था। राजनीति के साथ-साथ वे ठेकेदारी के व्यवसाय में भी काफी सक्रिय थे।

Shikha Mishra

shikha@nedricknews.com

शिखा मिश्रा, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत फोटोग्राफी से की थी, अभी नेड्रिक न्यूज़ में कंटेंट राइटर और रिसर्चर हैं, जहाँ वह ब्रेकिंग न्यूज़ और वेब स्टोरीज़ कवर करती हैं। राजनीति, क्राइम और एंटरटेनमेंट की अच्छी समझ रखने वाली शिखा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और पब्लिक रिलेशन्स की पढ़ाई की है, लेकिन डिजिटल मीडिया के प्रति अपने जुनून के कारण वह पिछले तीन सालों से पत्रकारिता में एक्टिव रूप से जुड़ी हुई हैं।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds