शरद पवार ने की नेहरु और मोदी के लेह दौरे की तुलना, जानें कैसे अलग हैं दोनों की नीतियां ?

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vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 08 जुलाई 2020, 12:00 AM | Updated: 08 जुलाई 2020, 12:00 AM

भारत चीन के बीच लद्दाख में जारी तनाव में अब थोड़ी नरमी जरूर आने लगी है. इस बीच एनसीपी चीफ शरद पवार ने पीएम की तारीफ की है. उन्होंने पीएम के लेह दौरे को देश के पहले पीएम जवाहर लाल नेहरु से जोड़ा. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में सेना के जवानों का आगे बढ़कर हौसला बढ़ाना काफी जरूरी है. बता दें 3 जुलाई को पीएम ने लेह के फॉरवर्ड पोस्ट जाकर जवानों को सरप्राइज दिया था. और साथ ही बिना नाम लिए चीन को बहुत सुनाया था. पीएम ने कहा था कि वो दोस्ती भी मन से करते हैं और दुश्मनी भी मन से करते हैं. पीएम की इस यात्रा के कुछ दिनों बाद चीन ने गलवान घाटी के विवादित इलाके से अपने सैनिकों को हटा लिया था.

मोदी और नेहरु के सीमा पर जाने में अंतर

पीएम मोदी और पूर्व पीएम जवाहरलाल नेहरु के सीमा पर जाने में अंतर है. दरअसल तत्कालीन पीएम जवाहर लाल नेहरु 1962 की जंग हार गए थे. उसके बाद वो तत्कालीन रक्षा मंत्री यशवंत राव चव्हाण के साथ LAC पर जवानों से मुलाक़ात करने गए थे. उस दौरान विपक्ष ने नेहरु की नीति की जबरदस्त आलोचना की थी. दरअसल इस युद्ध में चीन ने भारत की जमीन को हड़प लिया था. जिसके बाद नेहरु की छवि को काफी करारा झटका लगा था.

नेहरु के बयान की जबरदस्त आलोचना

पूर्व पीएम जवाहरलाल नेहरु ने ये भी कहा था कि अक्साई चीन एक बंजर इलाका है जहां घास भी नहीं उगती. इस बयान के बाद एक सांसद ने पलटवार करके कहा था कि उनके सिर पर बाल नहीं उगते तो क्या वो भी चीन को दे दें. नेहरु के इस बयान की काफी आलोचना हुई थी. पवार ने भले ही मोदी और नेहरु की तुलना कर दी हो लेकिन चीन के साथ संघर्ष में पीएम मोदी और नेहरु का काफी अलग अलग स्टैंड रहा है. गलवान वैली में मारे गए 20 जवानों की शहादत में भारत ने काफी कड़ा स्टैंड लिया. इस झड़प में चीन के 40 जवान भी मारे गए थे. पीएम ने कहा कि हमारे जवान मारते-मारते मरे हैं और देश की सीमा की तरफ आंख उठाने वाले को बख्शा नहीं जाएगा.

ड्रैगन रह गया था हक्का बक्का

1962 की लड़ाई में चीन के सामने भारतीय जवानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था. उनके पास हथियार और ढंग के गोला बारूद तक नहीं थे. लेकिन इस बार जवानों में जोश कुछ अलग था. भारत ने इस बार तेजी से LAC पर जवानों की तैनाती की. वायुसेना और नौसेना को युद्ध के स्तर तक अलर्ट कर दिया गया. इस बात पर पीएम मोदी झुकने को नहीं तैयार हुए. पीएम मोदी ने साफ कहा था कि दुश्मन को करारा जवाब मिलेगा. सीमा पर हेकड़ी दिखा रहे ड्रैगन भारत के ऐक्शन को देख हक्काबक्का रह गया.

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