Manish Tewari news: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चंडीगढ़ में हुई मुलाकात के बाद कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी अचानक राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक यह सवाल उठने लगा कि क्या तिवारी जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकते हैं। हालांकि इन तमाम अटकलों पर अब खुद कांग्रेस सांसद ने खुलकर अपनी बात रखी है और साफ कर दिया है कि उनकी मुलाकात को गलत नजरिए से देखा जा रहा है।
मनीष तिवारी ने कहा कि वे अब भी राजनीति को पुराने मूल्यों के साथ देखने में विश्वास रखते हैं। उनके मुताबिक, विकास से जुड़े मुद्दों को दलगत राजनीति से ऊपर रखना चाहिए और लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है।
PM मोदी से मुलाकात पर क्या बोले तिवारी?
चंडीगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक आधिकारिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी की उनसे संक्षिप्त मुलाकात हुई। मुलाकात की तस्वीरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं और कुछ लोगों ने इसे तिवारी के संभावित राजनीतिक बदलाव से जोड़कर देखना शुरू कर दिया। इन अटकलों के बीच तिवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा विकास कार्यों को राजनीतिक मतभेदों से अलग रखा है। उनका मानना है कि जनता के हित में होने वाले काम किसी एक पार्टी के नहीं, बल्कि पूरे समाज के होते हैं।
पहले भी PM मोदी के कार्यक्रम में शामिल हो चुके हैं| Manish Tewari news
मनीष तिवारी ने याद दिलाया कि यह पहली बार नहीं है जब वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसी कार्यक्रम में शामिल हुए हों। उन्होंने बताया कि 24 अगस्त 2022 को जब प्रधानमंत्री ने न्यू चंडीगढ़ स्थित डॉ. होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन किया था, तब भी वे कार्यक्रम में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि आज यह अस्पताल पूरे क्षेत्र के हजारों कैंसर मरीजों के इलाज का बड़ा केंद्र बन चुका है। इसी तरह 17 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री ने चंडीगढ़ और उनके पूर्व संसदीय क्षेत्र श्री आनंदपुर साहिब से जुड़ी कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इन योजनाओं का सीधा लाभ आम लोगों को मिलेगा, इसलिए वे कार्यक्रम में शामिल हुए।
‘मैं अब भी पुराने विचारों वाला हूं’
तिवारी ने मौजूदा राजनीतिक माहौल पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि करीब 45 साल के राजनीतिक जीवन में उन्होंने राजनीति का स्वरूप बदलते देखा है। उनके मुताबिक पहले राजनीतिक विरोधी सिर्फ प्रतिद्वंद्वी होते थे, लेकिन अब कई बार उन्हें दुश्मन की तरह देखा जाने लगा है। उन्होंने कहा, “मैं अब भी थोड़ा पुराने विचारों वाला हूं। मैं लोकतांत्रिक परंपराओं, शिष्टाचार और प्रोटोकॉल में विश्वास रखता हूं। सबसे ऊपर जनता के विकास को रखता हूं, न कि दलगत राजनीति को।”
कांग्रेस में अनदेखी की चर्चाओं ने बढ़ाई हलचल
तिवारी का यह बयान ऐसे समय आया है जब पंजाब कांग्रेस में उन्हें लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। हाल ही में संगठनात्मक बदलाव और 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों के दौरान उन्हें कथित तौर पर अहम जिम्मेदारियों से दूर रखे जाने की बातें सामने आई थीं।
कुछ दिन पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी साझा किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था कि अक्सर प्रतिभाशाली लोगों में भी समाज और संस्थाएं कोई न कोई कमी तलाश लेती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि काश उनके पास व्यक्तियों और संस्थानों की असुरक्षाओं का कोई इलाज होता।
हालांकि इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। तिवारी ने लिखा कि कांग्रेस ने पिछले 45 वर्षों में उन्हें बहुत कुछ दिया है और उन्होंने भी अपना पूरा वयस्क जीवन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सेवा में समर्पित किया है। उन्होंने कहा, “जो होगा, देखा जाएगा।”
अटकलों पर लगाया विराम
चंडीगढ़ से लोकसभा सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने साफ कर दिया है कि प्रधानमंत्री मोदी से उनकी मुलाकात को किसी राजनीतिक बदलाव से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक यह मुलाकात विकास परियोजनाओं और लोकतांत्रिक शिष्टाचार का हिस्सा थी, न कि किसी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत।






























