Pakistan SCO Meeting: भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में भले ही लंबे समय से तनाव बना हुआ हो, लेकिन अंतरराष्ट्रीय और बहुपक्षीय मंचों पर भारत अपनी सक्रिय भागीदारी लगातार बनाए हुए है। इसी कड़ी में भारत ने शुक्रवार को इस्लामाबाद में पाकिस्तान की अध्यक्षता में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सीमा सुरक्षा प्रमुखों की 12वीं बैठक में हिस्सा लिया। हालांकि, भारत की ओर से बैठक में किस अधिकारी ने प्रतिनिधित्व किया, इस बारे में अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
बैठक के दौरान सदस्य देशों ने सीमा सुरक्षा को मजबूत करने, संयुक्त अभियानों और आतंकवाद से निपटने के लिए आपसी सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। यह बैठक इसलिए भी खास रही क्योंकि SCO के तहत सीमा सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी सहयोग ऐसा मंच है, जहां सभी सदस्य देश साझा सुरक्षा चुनौतियों पर मिलकर रणनीति तैयार करते हैं।
सीमा सुरक्षा और आतंकवाद पर हुआ मंथन| Pakistan SCO Meeting
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक में भारत, पाकिस्तान, चीन, रूस, ईरान, बेलारूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के प्रतिनिधियों के साथ-साथ SCO के क्षेत्रीय आतंकवाद-रोधी ढांचे (RATS) के अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक में ‘सॉलिडैरिटी-2025’ संयुक्त सीमा अभियान के परिणामों को मंजूरी दी गई। इसके अलावा सदस्य देशों ने आगामी ‘सॉलिडैरिटी-2026’ संयुक्त सीमा अभियान की रूपरेखा और तैयारियों पर भी सहमति जताई। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सीमा प्रबंधन को बेहतर बनाना और सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाना है।
तनाव के बावजूद भारत की सक्रिय भागीदारी
भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक रिश्ते सीमित होने के बावजूद भारत ने SCO जैसे महत्वपूर्ण मंचों पर अपनी भागीदारी जारी रखी है। नई दिल्ली की नीति रही है कि बहुपक्षीय संगठनों के जरिए क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग के मुद्दों पर संवाद बना रहना चाहिए। इसी नीति के तहत विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अक्टूबर 2024 में पाकिस्तान में आयोजित SCO ‘हेड्स ऑफ गवर्नमेंट’ (Heads of Government) की बैठक में भी हिस्सा लिया था। मौजूदा बैठक में भारत की मौजूदगी को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
पाकिस्तान संभालेगा संगठन की अध्यक्षता
भारत ने वर्ष 2023 में शंघाई सहयोग संगठन की अध्यक्षता की थी। अब पाकिस्तान सितंबर 2026 से 31 अगस्त 2027 तक SCO की अध्यक्षता संभालेगा। इसी कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान संगठन के राष्ट्राध्यक्षों के शिखर सम्मेलन की मेजबानी भी करेगा। ऐसे समय में जब दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध सामान्य नहीं हैं, भारत का SCO की बैठकों में लगातार शामिल होना इस बात का संकेत है कि वह बहुपक्षीय मंचों पर अपनी भूमिका को प्राथमिकता देता है।
अब बिश्केक शिखर सम्मेलन पर नजर
SCO का अगला राष्ट्राध्यक्ष शिखर सम्मेलन अगले महीने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन पर सभी सदस्य देशों की नजर रहेगी, क्योंकि इसमें क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और आतंकवाद जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। पिछले वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के तियानजिन में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था। सम्मेलन के दौरान उनकी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक भी हुई थी, जिसे दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया था।
क्या है शंघाई सहयोग संगठन (SCO)?
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की स्थापना वर्ष 2001 में हुई थी। इसका मुख्यालय चीन की राजधानी बीजिंग में स्थित है, जबकि इसका क्षेत्रीय आतंकवाद-रोधी ढांचा (RATS) उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में कार्य करता है। भारत और पाकिस्तान वर्ष 2017 में इस संगठन के पूर्ण सदस्य बने थे। इसके बाद 2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस भी SCO में शामिल हुए। आज यह संगठन एशिया के सबसे प्रभावशाली क्षेत्रीय संगठनों में गिना जाता है, जहां सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे विषयों पर सदस्य देश मिलकर काम करते हैं।






























